चंडीगढ़ हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में ब्राह्मणों के विरूद्ध पूछे गए आपत्तिजनक सवाल पर उठे विवाद की गाज बृहस्पतिवार को बोर्ड चेयरमैन पर गिर गई।
हरियाणा के ब्राह्मण नेताओं तथा जनप्रतिनिधियों के बाद मुख्यमंत्री ने न केवल प्रश्न पत्र तैयार करने वाले शिक्षाविद् के विरूद्ध मामला दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए बल्कि जांच के चलते बोर्ड चेयरमैन को भी निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा लिए गए इस बोल्ड स्टैप की चर्चा हरियाणा में हो रही है।
एचएसएससी द्वारा ली गई जेई की परीक्षा में ब्राह्मणों के संबंध में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के बाद प्रदेश भर में विवाद छिड़ा हुआ था। विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मंत्री भी इस मुद्दे पर कर्मचारी चयन आयोग को घेर रहे थे। बुधवार को ही वित्त मंत्री कैह्रश्वटन अभिमन्यु ने बोर्ड चेयरमैन को नाराजगी भरा पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बुधवार को विदेश से वापस आते ही इस मुद्दे पर आज ब्राह्मण विधायकों,मंत्रियों, बोर्ड व निगमों के चेयरमैन तथा ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स, भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक नरेश कौशिक, बसपा विधायक टेकचंद शर्मा, आजाद विधायक दिनेश कौशिक, विधायक लतिका शर्मा के प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा, चेयरमैन जी.एल. शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मïण आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरि राम दीक्षित, गौड़ ब्राह्मïण सभा के प्रधान आजाद अत्री और संजीव भारद्वाज समेत करीब दो सौ प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।