राजनीति नहीं सिर्फ कार्य नीति रहा वर्चुअल रैली का एजेंडा: सुधीर सिंगला
-रैली में जनता से जुड़े मुद्दों पर नेताओं ने की बात
-कोरोना महामारी के दौर में जनता के बीच रहे बीजेपी नेता
-देशवासियों से रूबरू होकर पीएम नरेंद्र मोदी ने संभाला, समझाया
गुरुग्राम(न्यूज़ ग्राउंड संवाददाता) गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला ने भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान की मौजूदगी में रविवार को यहां शमा पर्यटक केंद्र के सामने अपने कार्यालय में प्रदेश की पहली वर्चुअल (डिजिटल) रैली का प्रसारण कार्यकर्ताओं, नेताओं के साथ देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत पार्टी के नेताओं ने देश और प्रदेश के कोरोना काल में महामारी से बचते हुए आगे बढ़ते, काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
इस वर्चुअल रैली में गुरुग्राम में आईटी सैल के जिला प्रभारी साहिल मनोचा, गुडग़ांव विधानसभा से आईटी के सूरज ओझा ने तकनीकी रूप से रैली का प्रबंधन किया। रैली संपन्न होने के बाद विधायक सुधीर सिंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के उपलक्ष्य में यह ऐतिहासिक रैली आयोजित की गई। कोरोना महामारी से बचते हुए डिजिटल तरीके से रैली आयोजित की गई। इस दौरान गुरुग्राम विधानसभा में 500 स्थानों पर करीब 5000 लोगों ने सोशल डिस्टेंस, मास्क आदि लगाकर नेताओं के विचार सुने और उनके द्वारा बताई गई बातें, लगाई गई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने का वायदा किया। विधायक ने बताया कि एक साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं और उन्हें अमलीजामा पहनाया है। ये निर्णय सिर्फ कागजी नहीं हैं बल्कि इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके हैं। सदियों तक इन्हें याद रखा जाएगा। चाहे धारा 370 हटाने की बात हो या फिर तीन तलाक की, चाहे राम मंदिर की बात हो, सभी मुद्दों को सरकार ने बिना किसी बाधा के सुलझाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिरूा के माध्यम से वर्चुअल रैली करके देश, प्रदेश की जनता से रूबरू होकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर विस्तार से बात की है। साथ ही कहा है कि कोरोना महामारी के दौर में सरकार, पार्टी जनता के साथ है। जनता के हित में काम कर रही है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
कोरोना महामारी में बचता रहा विपक्ष: भूपेंद्र चौहान
बीजेपी जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने कहा कि विपक्ष का कोई नेता कोरोना महामारी में बाहर निकलकर जनता की सेवा में नहीं आया। क्या उन्हें जनता के वोट से ही मतलब है। जनता जब इतनी बड़ी महामारी से परेशान थी तो विपक्ष के नेता अपने घरों में दुबके रहे। यही उनका दोहरा चरित्र है। घरों से बयानबाजी करने से किसी की तकलीफें दूर नहीं होती, बल्कि बाहर निकलकर आना पड़ता है। काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस वर्चुअल रैली ने राजनीतिक दृष्टिकोण से नया आयाम स्थापित किया है। सामान्य तौर पर रैलियों में बहुत अधिक मेहनत, ताकत लगती है, लेकिन इस वर्चुअल रैली को करके पार्टी, सरकार ने नई शुरुआत की है। जनता से घर बैठे रूबरू होकर उन तक अपनी बात पहुंचाई है। सही सोच हो तो कुछ भी काम किया जा सकता है, ऐसा करके दिखाया है।