दिल्ली सरकार मौलवियों को 18000 वेतन दे रही है मगर मंदिर के पुजारियों से भेदभाव क्यों ? : वी के शर्मा
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) : भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक (आईटी) एवं राष्ट्रीय सह संयोजक (मीडिया) वी के शर्मा ने मंदिरों के पुजारियों के लिए कोरोना संकट काल मे आर्थिक रूप से स्थाई रूप से प्रतिमाह पारिश्रमिक के लिए दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मांग की तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल मस्जिदों के मौलवियों को तो 18000 हजार रुपए महीने का वेतन देते हैं लेकिन उन्हें मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों की याद नहीं आती। वी के शर्मा ने न्यूज़ ग्राउंड टीवी को दिए इंटरव्यू में कहाँ कि आखिर पुजारियों से क्या बैर है ? वी के शर्मा ने मस्जिदों के मौलिवियों को वेतन देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर दिल्ली के मंदिरों के पुजारियों को भी यह क्यों नहीं मिल रहा है? अरविंद केजरीवाल पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा 'केजरीवाल ने तुष्टिकरण से दिल्ली को कंट्टरपंथियों का गढ़ बना दिया हैं और कंट्टरपंथी तैयार हो सके इसके लिए मौलवियों और सहायक को 18,000 की तनख्वाह दी जा रही है। शांति का संदेश देने वाले दिल्ली के मंदिर और उनके पुजारी दिल्ली का हिस्सा नहीं? वोट बैंक की राजनीति ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया।'