वैश्विक नेतृत्व की तैयारी हो चुकी है भारत की। करोना संकट के बाद जगत विजेता के रूप में उभर कर सामने आ रहा है भारतवर्ष।
ज्योतिष एक साधना शोध एवं अनुभव का विषय है ज्योतिष के महत्व को बढ़ाने में एक अथक प्रयास ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक मिश्रा द्वारा किया जा रहा है।
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) : कोरेना वायरस संक्रमण एक मानवरहित बनाया गया एक वायरस है, जिसे चीन ने बनाया है । पूरा विश्व वर्तमान समय में कोरेना संक्रमण से ग्रसित है तथा कई लाख लोगों ने जान गवाई एवं लाखों लोग इस संक्रमण से पीड़ित हैं । ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से कोरेना संक्रमण के बारे में अपने विचार व्यक्त करता हूं।
इस बीमारी संक्रमण का सबसे प्रमुख कारण राह ग्रह है, इस संक्रमण की शुरुआत दिसंबर 2019 में चीन देश में हुई, जब राहु के साथ 6 ग्रहों की युति थी ,26 दिसंबर 2019 को ग्रहण योग लगा था, तभी से इस बीमारी का संक्रमण उत्पन्न हुआ तथा गुरु की दृष्टि राहु पर होने के कारण व्यापक रूप से पूरे विश्व में फैल गया तथा लाखों लोग इस बीमारी का शिकार हुए । वर्तमान समय में सारे लोग जहां कोरेना संक्रमण वायरस बीमारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं तथा दूरियां बना रहे हैं, जो कि सही है । जब तक इस संक्रमण की औषधि या वैक्सिंग का निर्माण नहीं हो जाता तब तक इस बीमारी से मुक्ति नहीं मिल पाएगी। 14 अप्रैल 2020 को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में में मंगल अपने स्वयं की राशि में थे ,तब मैंने भविष्यवाणी की थी 45 दिन के अंदर कोई ना कोई सफल परीक्षण का निर्माण में सफलता मिलेगी , मैंने कहा था। 25 अप्रैल 2020 से 25 मई 2020 तक ऐसे समाचार की प्राप्ति अवश्य होगी जिसमें औषध परीक्षण की सफलता मिले । 26 अप्रैल 2020 को चंडीगढ़ पीजीआई में सफल परीक्षण किया एवं 8 मई 2020 को दवाओं का परीक्षण सफल रहा है। ब्रिटेन ,इजराइल जैसे देशों में कोरेना वायरस वैक्सिंग का निर्माण पूरी तरह से सफलता प्राप्त किया तथा उत्पादन हो रहा है। जैसा कि मई महीने में कई ग्रहों का बदलाव हो रहा है ,4 मई 2020 को मंगल कुंभ राशि में परिवर्तित होगा, 11 मई 2020 को शनि वक्री हो रहा है ,13 मई को शुक्र वृषभ राशि में वक्री तथा 14 मई 2020 को भी गुरु भी वक्री हो जाएगा, 18 मई 2020 से 28 मई 2020 तक संक्रमण बहुत तेजी से लोग संक्रमित होंगे इस समय बहुत सावधानी रखने की जरूरत पड़ेगी । लेकिन शनि एवं राहु सभी बीमारी को बढ़ाता है, रोग का कारण है ,लेकिन शनि वक्री होने के कारण रोगों का समन करेगा व रोगों का नाश करेगा। शनि- गुरु -शुक्र वक्री होने के कारण बीमारियों का नाश होगा । 5 जून 2020 को राहु अस्त हो जाएगा 21 जून 2020 को फिर से ग्रहण योग लगेगा, जिसमें राहु -चंद्रमा- बुध -सूर्य होगा, इस ग्रहण से लाभ मिलेगा । इस ग्रहण के होने के कारण 22 जून 2020 से लेकर 22 अगस्त 2020 के बीच औषधि और वैक्सिंग का निर्माण हो जाएगा तथा पूरे विश्व में यह दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी और पूरे समाज से धीरे-धीरे इस बीमारी से मुक्ति मिलेगी। 19 सितंबर 2020 को राहु अपनी उच्च राशि मिथुन को को छोड़कर वृषभ राशि में चला जाएगा तथा गुरु की दृष्टि से बच जाएगा और सितंबर 2020 तक बीमारियों का संक्रमण खत्म सा हो जाएगा ।
पूरे विश्व से यह बीमारी अक्टूबर 2020 तक समाप्त हो जाएगी ।