लर्निंग डिसेबिलिटी क्या है? लोग अक्सर इसके बारे में क्या सोचते हैं ? और जानते हैं इससे जुड़े कुछ रोचक तत्व |
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) : लर्निंग डिसेबिलिटी एक आम बात है जिस बहुत से बच्चे प्रभावित देखे जा सकते हैं। इसका समाधान किया जा सकता है। माँ-बाप और अध्यापकों के प्रयास से बच्चे स्कूल में दुसरे बच्चों के सामान पढाई में अच्छा प्रदर्शन दे सकते हैं। इस संदर्भ में जाने के लिए न्यूज़ ग्राउंड की टीम ने विशेष शिक्षा अध्यापक ऐश्वर्या शर्मा जी से बात करी उन्होंने बताया कि लर्निंग डिसेबिलिटी क्या है और आप अपने बच्चे का इलाज किस तरह से कर सकते हैं।लोगो की इसके प्रति क्या धारणा है और इससे जुड़ी कुछ मुख्य बातें। लर्निंग डिसेबिलिटी एक प्रकार की विसंगति है जो बच्चे के सिखने की छमता को प्रभावित करता है। हालाँकि, बच्चों का बौद्धिक स्तर 90% या इससे भी अधिक हो सकता है, लेकिन फिर भी ये बच्चे दुसरे बच्चों की तुलना में पढाई में थोड़े कमजोर होते हैं। इन में कोई ऐसी प्राथमिक विक्लांगता भी नहीं होती है की कहा जा सके की उसकी वजह से बच्चे के सिखने की छमता प्रभावित हो रही है। लर्निंग डिसेबिलिटी से प्रभावित बच्चे हर आयु ,जाती एवं सामाजिक ,आर्थिक स्तर में दिखाई पड़ते हैं। नीचे दी गई वीडियो मैं आपको बच्चों में लर्निंग डिसेबिलिटी क्योँ होती है और इसका क्या समाधान है और आप किस तरह से इस विकृति से अपने बच्चे का बचाव कर सकते हैं।