नववर्ष के पंचांग के अनुसार पीएम नरेन्द्र मोदी जा रहे है पुनःप्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जानिए बीजेपी के लिए इस चुनाव क्या है खास !
नई दिल्ली(न्यूज़ ग्राउंड) : हिन्दू पंचांग के अनुसार नया वर्ष यानी 2019 से शुरु हो गया है। नववर्ष के पंचांग के अनुसार इस वर्ष के राजा शुक्र हैं और इनके मंत्री बुध हैं। राजा, मंत्री और सेनापति के बदलाव से भारत की राजनीति में क्या बदलाव होगा। सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी और पार्टी के मुखिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए यह संवत् कैसा रहेगा क्या इस वर्ष नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी कामयाबी का परचम लहरा पाएगी या जनता में अपना आधार खोती चली जाएगी। जानिए कैसा रहेगा यह वर्ष नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के लिए ।वृश्चिक लग्न मे नीच का चन्द्र साथ मे स्वगृही मंगल होने से नीचभंग राजयोग बनता है।जो कुशल प्रशाषक नेतृत्व करने मे कुशल व लोकप्रिय व्यक्तित्व वाला बनाता है।
नीचभंग राजयोग विपरित परिस्थितियो मे संघर्ष के बल पर अपने आप को संभालते हुये राजसिंहासन की प्राप्ति करने वाला होता है।
2- रूचकयोग:-लग्नेश मंगल पंचमहापुरूष योगान्तर्गत आने वाले प्रथम प्रबल राजयोग बनाने वाले रूचक योग का निर्माण करता है।रूचक योग वाला निडर साहसी व कुशल प्रशाषक होता है।जो सब गुण आदरणीय मोदी जी मे मौजूद है।
प्रवज्या,योग:- पंचमेश गुरू का दशम भावस्थ शनी की दृष्टी होने से अर्ध सन्यास योग का निर्माण करता है।जो परिवार वालो से अलग करते हुये धार्मिक विचार उत्पन्न करते हुये सब सुख छोडकर सन्यास की और प्रेरित करता है।
उच्च का बुध राज्य स्थान मे उच्च प्रकार का राजयोग बनाने वाला प्रखर वाणी का स्वामी बनाते हुये कुशल वक्ता बनाता है।साथ ही केतु बुध का योग थोडा वाणी को दूषित करते हुये जडत्व योग के कारण विरोधियो को परेशान करने वाला होता है।
पंचम राहु संतान सुख से हीन उदर रोग व थोडा भटकाते हुये कानून तोडने का शोकीन व अन्वेषक बनाता है।
वर्तमान परिदृश्य मे विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है। चन्द्रमा की महादशा 10 वर्षो की शुरू हुई चन्द्र मे राहू का अंतर अप्रेल २०१३ से जैसे ही आया इनका गुजरात से दिल्ली की राजनीति के लिऐ स्थान परिवर्तन हुआ।बहुत संघर्ष किया बहुत सभाऐ की बहुत भागदौड राहू के अंतर ने करवाई जैसे ही राहू का अंतर समाप्त हुआ पंचमेश गुरू का अन्तर जो गज केशरी योग का निर्माण कर रहा है।इस गुरू ने मोदी जी को प्रधानमंत्री के पद के साथ साथ जबरदस्त लोकप्रियता प्रदान की ।
अभी फरवरी २०१९ तक चन्द्र मे बुध का अन्तर है।बुध अष्टमेश मारकेश होकर राज्यस्थान मे बैठा हुआ है।जो थोडा लोकप्रियता मे गिरावट व झूठे आरोप प्रत्यारोपो का कारण बन सकता है।
फरवरी के बाद राज्यस्थान मे बैठे हुऐ केतु के अन्तर मे बडी प्रसिद्दि व लोक प्रियता हासिल होगी व पुनः प्रधानमंत्री पद की प्राप्ति संभव है।थोडा संघर्ष करना पड सकता है।
नरेन्द्र मोदी की वर्ष कुंडली में गुरु पंचमेश होकर कर्म स्थान यानी दसवें घर में राहु के साथ रहेगा। गुरु की यह स्थिति राजनीति मामलों में नरेन्द्र मोदी के लिए बहुत ही बढ़िया रहेगा। राजनीतिक सूझबूझ से बड़े बदलाव लाने में सक्षम हो पाएंगे। आंतरीक एवं बाहरी चुनौतियां बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी परेशान करेंगे। विदेशों में मोदी का प्रभाव बढ़ेगा और विदेशों से आर्थिक निवेश लाने में मोदी सफल होंगे।