करतारपुर कॉरीडोर पर भारत और पाकिस्तान ने दिखाई एकजुटता
चंडीगढ़ भारत व पाकिस्तान के संबंधों में भले ही तल्खी का माहौल हो लेकिन करतारपुर कॉरीडोर के मुद्दे पर दोनों देश न केवल एकजुट हैं बल्कि बृहस्पतिवार को अटारी बार्डर पर हुई पहली बैठक में कई मुद्दों पर सहमति भी बन गई है। अब दोनों देशों की अगली संयुक्त बैठक दो अप्रैल को बाघा सीमा पर पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में बनी चैक पोस्ट पर होगी।
जिसके चलते भारतीय अधिकारियों का दल सीमा पार जाएगा। पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद आज पहला मौका था जब दोनों देशों के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी आमने-सामने बैठे। भारत-पाक सीमा पर अटारी सीमा पर इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट पर दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक आज सुबह करीब साढे दस बजे शुरू हुई। बैठक में पाकिस्तान के 18 सदस्यीय अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विदेश मंत्रालय के डीजी डॉ.मोहम्मद फैजल ने की। भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय से संयुक्त सचिव एस सी एल दास व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दोनों देशों की तरफ से पहले से ही यह तय कर लिया गया था कि आज की बैठक का एजेंडा केवल करतारपुर गलियारा ही रहेगा।
मीटिंग अटारी-वाघा बॉर्डर पर : यह मीटिंग अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारतीय साइड में हुई। बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों को लेकर विस्तृत और रचनात्मक बातचीत की और करतारपुर
साहिब गलियारे को जल्द चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। बात दे कि करतारपुर साहिब पाकिस्तान में पंजाब के नरोवाल जिले में है। रावी नदी के दूसरी ओर स्थित करतारपुर साहिब की डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से दूरी करीब चार किमी है। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एससीएल दास ने किया जबकि पाकिस्तानी टीम की अगुआई पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के डीजी (दक्षिण एशिया और दक्षेस) डॉ. मोहम्मद फैसल ने की।