मोदी Vs ममता : कौन हैं कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार जिनके लिए धरने पर बैठीं ममता बनर्जी के साथ विपक्ष हुआ एकजुट , कहा- लोकतंत्र खतरे में !
नई दिल्ली(न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रविवार शाम को शुरू हुआ 2019 का सबसे बड़ा सियासी ड्रामा अब तक जारी है. कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर से शुरू हुए फिर सड़क से होते हुए अब इस मुद्दे ने देश की संसद और चुनाव आयोग तक पैर पसार लिए हैं. लोकसभा चुनाव के लिहाज से इस बार पश्चिम बंगाल आर-पार की लड़ाई का अखाड़ा बना है, भारतीय जनता पार्टी अपनी ताकत बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है तो जवाब में ममता बनर्जी भी उन्हें रोकने के लिए मुस्तैद हैं. अलग-अलग मोर्चों पर मोदी बनाम ममता की ये लड़ाई कैसे आगे बढ़ रही है, रविवार रात को जब सीबीआई के अधिकारियों को कोलकाता की पुलिस ने धरा, तो सीबीआई सोमवार सुबह देश की सर्वोच्च अदालत के पास पहुंची. सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने ममता सरकार के खिलाफ काम में बाधा डालने का आरोप लगाया, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उल्टा सीबीआई से कहा कि कमिश्नर के खिलाफ कोई सबूत हैं तो पेश करिए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि जबतक कोई सबूत नहीं होंगे, तबतक कार्रवाई नहीं होगी. अब इस मसले की सुनवाई मंगलवार को होगी. दूसरी ओर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचे हैं. उन्होंने हाई कोर्ट से अपील की है कि उनके खिलाफ जारी सभी नोटिस पर स्टे लगाया जाए. इस पर भी कल ही सुनवाई होगी. धरने पर बैठीं ममता बनर्जी को कई विपक्षी दलों ने समर्थन का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और आम आदमी पार्टी ने एक सुर में मोदी सरकार की निंदा करते हुए ममता बनर्जी का समर्थन किया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तो कल कोलकाता भी पहुंच सकते हैं। इनके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला, बीएसपी सुप्रीमो मायावती समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने ममता से फोन पर बात की और उनके प्रति एकजुटता जाहिर की। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोलकाता में सीबीआई की कार्रवाई को 'दुर्भावनापूर्ण' और 'संघीय ढांचे पर हमला' बताया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सार्वजनिक तौर पर सीबीआई की धमकी दी थी, जिसके 24 घंटे के भीतर यह कार्रवाई हुई है। सिंघवी ने साथ में यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल संसद के बजट सत्र में सरकार को घेरेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश के संघीय ढांचे पर हमला करके यह सुनिश्चित किया है कि संसद सत्र बाधित और अनुत्पादक बना रहे। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ममता बनर्जी के प्रति एकजुटता का ऐलान कर पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया, 'ममता दीदी से बात की और उनके प्रति एकजुटता जाहिर की। मोदी-शाह की जोड़ी का काम पूरी तरह अजीब और लोकतंत्रविरोधी है।' एक और ट्वीट में उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह को देश के लोकतंत्र के खतरा है। वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने बीजेपी पर चुनावी जीत के लिए देश को गृह युद्ध में झोंकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं, उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी मोदी सरकार पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ जहरीला अजेंडा चलाने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने धरने पर बैठीं ममता बनर्जी से फोन पर बात कर उन्हें आरजेडी के समर्थन का ऐलान किया। उन्होंने ट्वीट किया कि वह सोमवार को कोलकाता जा सकते हैं। इसी तरह, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर केंद्र पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने ममता बनर्जी के धरने का समर्थन करते हुए कहा कि आज देश और संविधान खतरे में है। अखिलेश ने कहा कि विपक्ष और देश की जनता अगले चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए एकजुट है। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी तरह सत्ता में बने रहना चाहती है और वह इतनी डर गई है कि सीबीआई का इलेक्शन एजेंट के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।सोमवार को जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने आक्रामक रूप से सीबीआई विवाद का मुद्दा उठाया. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने कोलकाता के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया. जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीबीआई के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें काम नहीं करने दिया. जिस दौरान राजनाथ सिंह लोकसभा में जवाब दे रहे थे, तब लोकसभा में टीएमसी के सांसदों ने ‘’सीबीआई तोता है, तोता है...तोता है’ के नारे लगाए.एक तरफ टीएमसी केंद्र सरकार पर सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग करने का आरोप लगा रही है तो वहीं बीजेपी भी पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग में कहा कि ममता बनर्जी की सरकार पार्टी के नेताओं को बंगाल में रैली नहीं करने दे रही है. गौरतलब है कि पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, फिर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बंगाल में हेलिकॉप्टर उतारने की इजाजत नहीं दी गई थी.ममता बनर्जी ने रविवार रात से ही केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला हुआ है, वह रात 8 बजे से धरने पर बैठी हैं. और धरना स्थल से ही सरकार चला रही हैं, सोमवार दोपहर को उन्होंने कैबिनेट बैठक भी वहां की. ममता के धरने में समाजवादी पार्टी के नेता भी पहुंचे. वहीं, टीएमसी के समर्थक बंगाल के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं, कुछ जगह रेल रोकी गई तो वहीं हाइवे को भी बंद किया गया.
क्या है मामला : सारदा और रोजवैली चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए सीबीआई की एक टीम रविवार शाम को कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची थी। तुरंत ही राज्य पुलिस के आला अधिकारी वहां पहुंच गए और सीबीआई टीम को रोक लिया। इसी बीच ममता बनर्जी भी आनन-फानन में कुमार के घर पहुंच गईं। पुलिस ने सीबीआई के 5 अफसरों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में 2-3 घंटे बाद छोड़ा गया। दरअसल, राजीव कुमार ने चिटफंड घोटालों की जांच के लिए बनी पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का नेतृत्व किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चिटफंड घोटालों की जांच कर रही सीबीआई को शक है कि कुमार ने घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेजों को नष्ट या गायब किया है।
आखिर कौन है राजीव कुमार जिनके लिए ममता धरने पर बैठी : लेकिन इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को है कि आखिर राजीव कुमार कौन हैं जिनके लिए ममता कुछ भी करने को तैयार हैं। राजीव कुमार के पास ऐसा कौन सा राज है जिसके खुलासे का डर उन्हें सता रहा है। बता दें कि 1,900 करोड़ के चिटफंड घोटाला मामले में टीएमसी सांसद केडी सिंह की 239 करोड़ रुपए की संपत्तियां पहले की कुर्क हो चुकी हैं। जानिए इतने राजदार नौकरशाह राजीव कुमार के बारे में सबकुछ राजीव कुमार 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। राजीव कुमार के पिता उत्तर प्रदेश के चंदौसी में एक कॉलेज के प्रोफेसर थे। राजीव का परिवार चंदौसी में ही रहता है। उन्होंने एसएम कॉलेज से पढ़ाई की और फिर आईएएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद राजीव पश्चिम बंगाल आ गए। फिलहाल राजीव कुमार पश्चिम बंगाल पुलिस में कोलकाता कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। जानकारी के मुताबिक राजीव कुमार की गिनती सीएम ममता बनर्जी के करिबियों में की जाती है। राजीव कुमार ने 2013 में सारदा चिटफंड घोटाले मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के प्रमुख थे। उनके ऊपर जांच के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। एसआईटी प्रमुख राजीव कुमार ने जम्मू कश्मीर में सारदा के चीफ सुदीप्त सेन गुप्ता और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था। उनके पास से डायरी बरामद हुई थी। डायरी में चिटफंड से रुपए लेने वाले नेताओं के नाम थे। राजीव कुमार पर इसी डायरी को गायब करने आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने राजीव कुमार को आरोपी बनाया था।