Budget 2019 : लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने पेश किया ऐतिहासिक बजट, सभी वर्गों का रखा खास ख्याल, कांग्रेस को दी एक नई चुनौती, किसानों में खुशहाली की लहर !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है. करदाताओं को राहत और किसानों के लिए बड़े ऐलान से लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को एक नई चुनौती दे दी है. मोदी सरकार के इस आंतरिक बजट के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बधाई दी है और इसे गरीबों का बजट बताया है. प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अंतरिम बजट 2019 के इस बजट में सभी वर्गों का खास ख्याल रखा गया है। सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' एजेंडा के तहत इस बजट में कई अन्य अहम घोषणाएं की हैं। चुनावी साल होने की वजह से बजट में पहले से ही कई लोकलुभावन घोषणाएं किए जाने की उम्मीद जताई जा रही थी। वहीं उच्च मध्य वर्ग और अमीरों के लिए इसमें ज्यादा कुछ नहीं है। वेतनभोगी और पेंशनर्स के लिए बजट 2019 के प्रस्तावों का सबसे बड़ा फायदा टैक्स का बोझ कम होना है। बजट प्रस्ताव में 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा , लोगों के खाली पड़े दूसरे घर के डीम्ड रेंट पर लगने वाले टैक्स को भी खत्म कर दिया गया है। सरकार ने उम्मीदों के अनुरूप मध्यम वर्ग और किसानों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि इस बार केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीमार होने की वजह से रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बजट पेश किया, जिन्हें जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आइये जानते हैं बजट से जुड़ी 10 प्रमुख बातें देश की जीडीपी में अमूल्य योगदान देने वाले मछुवारा समुदाय के कल्याण के लिए केंद्र सरकार में “मत्स्य पालन” विभाग बनाये जाने के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मछुवारा समुदाय को देने से उन्हें बहुत लाभ मिलेगा. महिलाओं का सशक्तिकरण मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है. मोदी जी ने महिलाओं के विकास को महिलाओं के नेतृत्व में विकास में परिभाषित करके दिखाया है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और माताओं को धुएं के अभिशाप से मुक्त करने वाली उज्ज्वला योजना के लक्ष्य को 8 करोड़ करना इसी का परिचायक है. कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों को निराश नहीं करते हुए उनके लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कीं। छोटे किसानों के खाते में हर साल 3 किस्त में 6 हजार रुपये की योजना को कृषि विशेषज्ञ स्वामीनाथन अय्यर ने अच्छी पहल करार दिया। किसानों के लिए सौगात की घोषणा करते हुए कहा, 'किसानों के लिए किसान विकास सम्मान योजना मिलेगा। छोटे किसान जिनके पास 2 हेक्टेयर ( लगभग 5 एकड़) तक जमीन है, उन किसानों के खाते में हर साल 6 हजार रुपये जाएंगे। यह राशि 3 इंस्टॉलमेंट में सीधे बैंक खातें में जाएगी। छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को न्यूनतम राशि मिल सके इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जाएगी। इससे लगभग 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।' छोटे किसानों के खाते में हर साल 3 किस्त में 6 हजार रुपये की योजना को कृषि विशेषज्ञ स्वामीनाथन अय्यर ने कहा, 'सरकार की यह योजना औक न्यूनतम समर्थन मूल्य को नेक पहल कह सकते हैं। हालांकि, यह तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों से कम है और सरकारी खजाने के लिए भी मुश्किल है, लेकिन इस पहल को लागू किया जाना असंभव नहीं है।' वित्त मंत्री ने घोषणा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना से 12 करोड़ छोटे और मध्यम किसानों को लाभ मिलेगा। अनुमानित तौर पर इस पर लगभग 75 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। गोयल ने कहा, 'किसानों के कल्याण और उनकी आय दोगुनी करने के लिए हमारी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया। 22 महत्वपूर्ण फसलों का न्यूनत समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1.5 गुना बढ़ाने का फैसला लिया।' तीन राज्यों में मिली विधानसभा चुनावों में हार के बाद से ही उम्मीद की जा रही थी कि किसानों को खास सौगात देकर मोदी सरकार खुश करेगी। गोयल ने अपने बजट भाषण में यह भी कहा कि मोदी सरकार के करीब पांच साल में किसानों की आय लगभग दोगुनी हो गई है। आम चुनावों के पहले कृषि क्षेत्र के लिए यह बड़ी सौगात कही जा सकती है। 1 लाख गांवों को डिजिटल करने के निर्णय से गांव और शहर की दूरियां कम होंगी और ग्रामीण क्षेत्र भी देश के विकास में बराबर की सहभागिता निभा सकेंगे. अब गाँव भी न सिर्फ देश बल्कि वैश्विकस्तर के ज्ञान, विज्ञान और तकनीकी का लाभ ले सकेंगे. किसान क्रेडिट में दिए जाने ब्याज में 2% कि छूट और समय से ऋण चुकाने पर 3% छूट से किसानो को 5% तक ब्याज में छूट देने का निर्णय किसानो को बड़ी राहत देगा. इस किसान हितेषी निर्णय के लिए मोदी जी का अभिनंदन.
1. बजट 2019 में वेतनभोगी और पेंशनर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाया गया है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 40,000 रुपये है , जिसे वित्त वर्ष 2019-20 में बढ़ाकर 50,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।स्टैंडर्ड डिडक्शन में की गई बढ़ोतरी से 5-10 लाख रुपये की इनकम वाले लोगों को सीधा 2080 रुपये की बचत होगी। 10 लाख से 50 लाख सालाना इनकम वाले लोगों को इस बढ़ोतरी के बाद 3,120 रुपये की बचत होगी, जबकि 50 लाख -1 करोड़ रुपये तक की इनकम वाले लोगों को 3,432 रुपये की बचत होगी। जिन लोगों की आमदनी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी , उन्हें सीधे 3,588 रुपये की बचत होगी। इस बचत में सेस और सरचार्ज को शामिल किया गया है।
2. बजट 2019 के प्रस्तावों का सबसे ज्यादा फायदा उन सभी लोगों को होगा , जिनकी नेट टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये तक है। बजट प्रस्तावों के मुताबिक , इस दायरे में आने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा । इस कैटिगरी में आने वाले लोग पहले न्यूनतम 13,000 रुपये टैक्स के रूप में दे रहे थे। ऐसे में इस कैटिगरी में आने वाले लोगों को सीधे 13,000 रुपये तक की बचत होगी। अर्न्स्ट एंड यंग में पीपल अडवायजरी सर्विसेज की टैक्स पार्टनर शालिनी जैन के मुताबिक , 'यह बेनेफिट चुकाए जाने वाले पूरे टैक्स के रिबेट के रूप में उन लोगों के लिए है , जिनकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये तक है। ' अगर आपकी टैक्सेबल इनकम इस लेवल को पार करती है तो 5 फीसदी , 20 फीसदी और 30 फीसदी के रेग्युलर मौजूदा टैक्स स्लैब के हिसाब से आपको टैक्स देना होगा। साथ ही , आपको सेस और सरचार्ज भी देना होगा। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति साल में 6.5 लाख रुपये कमाता है और सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये निवेश करता है तो वह अपनी ग्रॉस इनकम से 1.5 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकता है और इनकम को घटाकर 5 लाख रुपये तक ला सकता है।
3. इसके अलावा , जिन लोगों के पास 2 घर थे , उन्हें पहले अपने सेकंड हाउस के डीम्ड रेंट पर इनकम टैक्स चुकाना होता था। भले ही दूसरा घर खाली क्यों न पड़ा हो। पहले घर को सेल्फ ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी माना जाता था और अगर व्यक्ति इसमें रह रहा है या यह खाली पड़ा हो तो भी इस पर कोई टैक्स नहीं देना होता था। सरकार का यह ऐलान दो घर/ फ्लैट के मालिकों के लिए बड़ी राहत लाया है और इससे लोग प्रॉपर्टीज में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।
4. केंद्र सरकार ने बजट 2019 में 60 साल तक की उम्र वालों के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट्स से आने वाली इनकम के लिए TDS लिमिट को बढ़ा दिया है। इसके अलावा , रेंट देने वाले नॉन -इंडीविजुअल्स के लिए TDS लिमिट को बढ़ाया गया है।
बजट पेश करने के बाद वित्तमंत्री पीयूष गोयल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट से जुड़े मुख्य बिंदुओं पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि इस बजट में कामगारों पर ध्यान दिया गया है। बजट में 12.5 करोड़ किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि बजट से देश में उत्साह है। छोटे और सीमांत किसानों की समस्या दूर होगी। बजट में घरेलू कामगरों के हित का ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 5 सालों में सरकार ने कैसे काम किया है, इसका एक खाका बजट भाषण के दौरान रखा गया है। टैक्स स्लैब पर सरकार अगले बजट में चर्चा करेगी। हालांकि एक वर्ग ऐसा जिसे राहत देना आवश्यक था। इसलिए 3 करोड़ टैक्सपेयर को राहत दी गई है। हर कर दाता को 13 हजार रुपए टैक्स की बचत होगी। अब दूसरे घर पर भी टैक्स नहीं भरना होगा। जिन लोगों की सैलरी 5 लाख रुपए से ज्यादा है, उन्हें अभी पुराने टैक्स स्लैब में ही रखा गया है। सस्ते घर को गति देने के लिए नए प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2020 तक सेक्शन 80(i)BA के तहत इनकम टैक्स की छूट मिलेगी। जल्द ही सरकार नई व्यवस्था लागू करेगी, जिसकी मदद से 24 घंटे के अंदर इनकम टैक्स भरा जा सकेगा। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट का प्रस्ताव रखा, जिसकी सीमा अब तक 2.5 लाख रुपए थी। इससे 3 करोड़ मध्यम वर्ग के परिवारों को फायदा मिलेगा। सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने की बात कही। वहीं, सरकार ने बैंकों में एफडी के ब्याज पर 40 हजार तक कोई टैक्स नहीं लगने की घोषणा की, जिसकी सीमा अब तक 10 हजार रुपए थी। वित्त मंत्री ने छोटे-सीमांत किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2 हेक्टेयर वाले किसानों के खाते में सालाना सीधे 6 हजार रुपए जाएंगे। यह योजना 1 दिसंबर, 2018 से लागू होगी। सरकार की इस योजना से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा। गायों के लिए सरकार कामधेनु योजना शुरू करेगी। मछली पालन के लिए भी आयोग बनेगा। पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए लिए जाने वाले कर्ज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार ने कामकाजी लोगों के लिए अहम घोषणा करते हुए कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द लागू की जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना आसान बनाई जाएगी। सरकार ने 21 हजार मासिक से कम वेतन पर काम करने वाले कामगारों को 7 हजार रुपए का बोनस देने की बात कही है। साथ ही ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 30 लाख किए जाने का ऐलान किया गया। प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसका लाभ 15 हजार कमाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। कामगार की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि जिनका ईपीएफ कटता है, उन्हें 6 लाख रुपए का बीमा प्रदान किया जाएगा। महिलाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि सरकार 6 करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन दे चुकी है। इस योजना के तहत महिलाओं को 8 करोड़ और एलपीजी कनेक्शन दिए जाएंगे। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देशभर में लोगों को उम्दा स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए दिल्ली के एम्स की तर्ज पर एम्स बनाए जा रहे हैं। इसी के तहत हरियाणा में देश का 22वां एम्स शुरू होने जा रहा है।अमित शाह ने कई सारे ट्वीट कर कहा कि आज के बजट ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि मोदी सरकार देश के गरीब, किसान और युवाओं के सपने एवं आकाँक्षाओं को समर्पित सरकार है. इस सर्वग्राही बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी पूरी सरकार को बधाई देता हूं. 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले गरीब किसानों के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना' एक ऐतिहासिक पहल है. जिसके अंतर्गत देश के करीब 12 करोड़ किसानों को मोदी सरकार द्वारा 75000 करोड़ रुपए के बजट से प्रति वर्ष 6000 रुपए दिए जायेंगे.