Rafale HAL को लेकर राहुल की चुनौती पर निर्मला सीतारमण ने दिखाया सबूत, कहा- अब माफी मांगें या इस्तीफा दें !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोप और चेतावनी पर रक्षा
मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है. राहुल गांधी ने निर्मला सीतारमण पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचाने के लिए संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाया और
कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को एक लाख करोड़ रुपये की
खरीद का आदेश देने पर झूठ बोला गया.राहुल
ने दावा किया है कि एचएएल का कहना है कि उसे 'एक पैसा भी नहीं मिला.'
राहुल ने निर्मला सीतारमण
पर यह आरोप लगाते हुए उनसे सबूत दिखाने या इस्तीफा देने की चुनौती दी थी, जिसे स्वीकरते हुए रक्षा
मंत्री ने एचएएल से हुई डील के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. रक्षा मंत्री की तरफ
से इस संबंध में ट्वीट किया गया है और बताया गया है कि कब और कितने पैसों की रक्षा
डील एचएएल से की गई. रक्षा मंत्री ने दस्तावेज जारी कर दावा किया है कि 2014-18 के बीच HAL ने 26570.8 करोड़ के सौदे साइन किए
हैं. जबकि 73000 करोड़ की डील पाइपलाइन में हैं. ये दावा करते हुए रक्षा
मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल को चुनौती दी कि क्या राहुल गांधी अब संसद के
सामने देश से माफी मांगेंगे और इस्तीफा देंगे दरअसल राहुल गांधी ने सरकार पर
निशाना तब साधा है, जब टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि
रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी एचएएल वित्तीय संकट से जूझ रही है और अपने कर्मियों
को तनख्वाह देने के लिए पैसे उधार लेने को मजबूर है. इस रिपोर्ट के मुताबिक HAL
के एक अधिकारी ने कहा था,
'एक लाख करोड़ रुपए में से
एचएएल को एक पैसा भी नहीं मिला क्योंकि किसी आदेश पर हस्ताक्षर ही नहीं किए गए.'
राहुल गांधी ने ट्वीट
किया, "जब आप एक झूठ बोलते हैं तो उसे छिपाने के लिए एक के बाद एक
कई झूठ आपको बोलने पड़ते हैं. राफेल मामले में पीएम मोदी को बचाने की हड़बड़ी में
रक्षामंत्री ने संसद में झूठ बोला. कल रक्षा मंत्री या तो HAL को 1 लाख करोड़ के ऑर्डर का
सबूत लेकर आएं या फिर इस्तीफा दे दें." वहीं राहुल गांधी की इस चुनौती के बाद
निर्मला सीतारमण ने अपने जवाबी ट्वीट में कहा कि राहुल गांधी को वह रिपोर्ट पूरी
पढ़नी चाहिए, जिसका वह जिक्र कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने रिपोर्ट
के उस हिस्से का भी जिक्र किया, जिसमें लिखा है 'हालांकि, लोकसभा के रिकॉर्ड बताते हैं कि सीतारमण ने यह दावा नहीं
किया कि ऑर्डरों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. उन्होंने यह कहा कि उन पर काम चल रहा
है.' इसके साथ ही रक्षा मंत्री
के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया कि राहुल गांधी को एबीसी से स्टार्ट
करना चाहिए. इस ट्वीट में राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा गया कि लोगों की
गुमराह करने की ठान कर बैठा आप जैसा शख्स ही किसी लेख को बिना ही कोट कर सकता है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इससे एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने सूट-बूट वाले दोस्तों की मदद करने के लिए एचएएल
को कमजोर किया है. वहीं कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को
ट्वीट किया, 'झूठ बोलने वाली रक्षा मंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो गया.
रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद के ऑर्डर
दिए गए हैं. एचएएल का कहना है कि उसे एक पैसा तक नहीं मिला क्योंकि एक भी ऑर्डर पर
हस्ताक्षर नहीं किए गए.'बता दें कि कांग्रेस आरोप लगा रही है कि मौजूदा सरकार ने
राफेल डील एचएएल के बजाय अनिल अंबानी के साथ कराई और उन्हें फायदा पहुंचाया. जबकि
मोदी सरकार का कहना है कि उनके राज में एचएएल को मजबूत करने का काम किया गया है.
संसद में राफेल डील से जुड़े आरोपों पर सफाई देते हुए रक्षा मंत्री निर्मला
सीतारमण ने कहा था कि एचएएल से लगातार रक्षा सौदे किए जा रहे हैं. जिसके बाद राहुल
गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि रक्षा क्षेत्र की
सरकारी कंपनी एचएएल वित्तीय संकट से जूझ रही है और वह अपने कर्मियों को तनख्वाह
देने के लिए धन उधार लेने को मजबूर है. इसी आरोप पर जोर देते हुए कांग्रेस के
प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करकहा था, ‘झूठ बोलने वाली रक्षा
मंत्री का पर्दाफाश हो गया. रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि एचएएल को एक लाख
करोड़ रुपये की खरीद के ऑर्डर दिए गए हैं. एचएएल का कहना है कि उसे एक पैसा तक
नहीं मिला क्योंकि एक भी ऑर्डर पर हस्ताक्षर नहीं किए गए.’