किसानो को PM मोदी की बड़ी सौगात देगी 4000 रुपये प्रति एकड़ रकम, फसल लोन होगा ब्याजमुक्त, क्या है पूरी योजना !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : लोकसभा चुनाव से
पहले मोदी सरकार किसानों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. सरकार
किसानों के कर्ज माफ करने के बजाय किसानों की समस्याई को हमेशा के लिए दूर करना
चाहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यूल में भी इस बात का
जिक्र किया था कि हमें यह स्थिति बनानी चाहिए कि किसानों के ऊपर कर्ज हो ही नहीं.
इसी कड़ी में सरकार किसानों की मदद के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइज की व्यववस्थार में
और बदलाव करने पर जोर दे रही है. इसी के साथ सरकार खेती से कम आमदनी की भरपाई करने
के लिए डायरेक्टर इनकम ट्रांसफर के बारे में भी योजना तैयार कर रही है. किसानों को
सरकार अब खेती के लिए हर सीजन में 4000 रुपए प्रति एकड़ की दर से आर्थिक मदद देगी.
यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा. इसके साथ ही सरकार किसानों को एक
लाख तक ब्याजमुक्त लोन देगी. सूत्रों के मुताबिक, इसका ऐलान इसी हफ्ते किया
जा सकता है. सरकार पर इसका भार सालाना करीब 2.30 लाख करोड़ पड़ेगा. इसमें
70 हजार करोड़ की खाद
सब्सिडी समेत अन्य छोटी स्कीमों को भी शामिल किया जा सकता है. अपने इस फैसले को
अंतिम रूप देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ-साथ नीति
आयोग में त्वरित बैठकें बुलाई हैं. माना जा रहा है कि इस फैसले का ऐलान इसी हफ्ते
हो सकता है. इस कड़ी में राजस्व, व्यय, रसायन और उर्वरक, फूड समेत नोडल मंत्रालयों के अधिकारियों को अनौपचारिक रूप
से मीटिंग करने को कहा गया है. इस फैसले के ऐलान से पहले पीएम नरेंद्र मोदी खुद
किसान नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. इसके अलावा सरकार 21.6 करोड़ छोटे और सीमांत
किसानों को दो किस्तोंमें हर साल 12 हजार रुपये प्रति परिवार
दे सकती है. सरकार अगर इस कदम को उठाती है तो इससे सरकारी खजाने में पचास हजार
करोड़ रुपये का बोझ पड़ना तय है. यह रकम मनरेगा पर होने वाले खर्च के बराबर आंकी
गई है. इस स्कीबम का फायदा उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी माली हालत ठीक नहीं है.
केंद्र ने 2017-18 में 10 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण के लक्ष्य को निर्धारित किया
था, जिसे हासिल किया गया था.
इसमें से 70 फीसदी फसल ऋण के रूप में
बांटा गया है. कर्जमाफी के हो रहे ऐलानों के बीच कई बैंकों ने किसानों को ऋण देना
बंद कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि नई योजना किसानों के लिए रास्ते खोलेगी
और उपज को पैदा करने में कम लागत आएगा, लेकिन बढ़ते बैड लोन चिंता का विषय बने हुए हैं. कृषि
क्षेत्र में बैंकों के पास लगभग 3 लाख करोड़ का बैड लोन है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि
किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कर्जमाफी विकल्प नहीं है. पिछली सरकारों में
कर्जमाफी की गई, लेकिन आज भी किसान कर्ज से परेशान हैं. ऐसे में किसानों की
स्थिति बुनियादी समस्याओं के समाधान के बाद ही सुधरेगी. इस मामले में पीएम मोदी ने
अधिकारियों से तत्काल योजना लाने का निर्देश दिया है. सरकार की ओर से लाई जा रही
नई योजना में सीधे किसानों के खाते में आर्थिक मदद भेजा जाएगा. इसके लिए किसानों
को कुछ जरूरी डेटा मुहैया कराना होगा जैसे- उपज को बेचने का समय, खरीददार की डिटेल,
उसका आधार कार्ड, फसल की मात्रा, जमीन का विवरण अन्य. इन
सभी डेटा को फसल की बिक्री के समय इकट्ठा किया जाएगा. केंद्र सरकार की यह योजना
तेलंगाना सरकार की योजना से अलग होगी. तेलंगाना में किसानों को फसल के सीजन से
पहले ही 4000 रुपए प्रति एकड़ मिल जाते हैं. अगर यह योजना लागू होती है
तो बरेली के किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई से पहले 1.25 अरब रुपये मिलना तय है।
कृषि विभाग की गणना के मुताबिक बरेली में 4.60 लाख किसान हैं। आगामी
लोकसभा चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए केंद्र सरकार किसानों को रबी और
खरीफ दोनों सीजनों में फसलों की बुवाई के लिए प्रत्येक सीजन प्रति एकड़ 4000 रुपये बैंक खातों में
भेजने पर मंथन कर रही है। इसका एलान कभी भी हो सकता है। अगर सरकार वर्तमान में
केवल रबी सीजन के हिसाब से प्रति किसान 4000 रुपये उनके बैंक खातों
में भेजती है तो बरेली में कुल 3,12,500 एकड़ एरिया में किसान खेती करते हैं। इस हिसाब से केवल
बरेली में ही साढ़े चार लाख से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सरकार 1.25 अरब रुपये आएंगे।हालांकि अभी मोदी सरकार ने यह स्कीम लागू करने
की औपचारिक घोषणा नहीं की है। अगर केंद्र सरकार यह स्कीम लागू करती है तो किसानों
को खरीफ की फसल बोने के लिए सवा अरब से ज्यादा रुपयों की मदद मिल जाएगी। इससे छोटे
और मझोले किसानों की माली हालत काफी हद तक सुधरेगी। अभी यह प्रस्ताव सरकार के स्तर
पर विचाराधीन है। जो खबरें आ रही हैं, इस हिसाब से इस विषय पर गहन मंथन चल रहा है। कैबिनेट में
प्रस्ताव आएगा, तब यह स्कीम लागू होगी। अभी सब लोग निर्णय का इंतजार कर रहे
हैं।