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न्यूज़ ग्राउंड विशेष
By   V.K Sharma 03/01/2019 :14:52
हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता कादर खान का अंतिम संस्कार कनाडा में देर रात हुआ, निधन से 5 दिन पहले छोड़ दिया था खाना,शक्ति कपूर ने कहा बॉलीवुड इंडस्ट्री से कोई नही आया श्रधांजलि देने !
 

 

 

 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा :  हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता और लेखक कादर खान के निधन से पूरा देश सदमे में है। 81 साल के कादर खान ने कनाडा के अस्पताल में सोमवार शाम 6 बजे अंतिम सांस ली। भारतीय समयानुसार बुधवार देर रात कादर खान के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार (सुपुर्द-ए-ख़ाक) किया गया। सरफराज के अनुसार, दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को मस्जिद ले जाया जाएगा । स्पॉटब्वॉय की रिपोर्ट के मुताबिक, निधन के कुछ देर पहले ही कादर साहब कोमा में चले गए थे । बॉलीवुड से सोमवार शाम दुखद खबर आई थी कि मशहूर अभिनेता कादर खान का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। बेटे सरफराज ने कादर खान के निधन की पुष्टि की थी। कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कुछ समय से कनाडा के एक अस्प्ताल में भर्ती थे। एएनआई के अनुसार, बीती रात में अभिनेता कादर खान को आखिरी विदाई दी गई। सुपुर्द-ए-ख़ाक करने से पहले अभिनेता के डेड बॉडी को मस्जि द में रखा गया था। यहां नमाज और दूसरी आखिरी रस्में निभाई गई थीं। कनाडा के हॉस्पिटल और बेटे सरफराज ने बताया था कि, 'मेरे पिता अब नहीं रहे। लंबी बीमारी के कारण कनाडा के समय के अनुसार 31 दिसंबर को शाम 6 बजे उनका निधन हो गया। वह दोपहर में कोमा में चले गए थे। वह 16-17 सप्ताह तक अस्पताल में थे।' बता दें कि, मशहूर अभिनेता कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कनाडा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कादर खान को सांस लेने में समस्या थी और इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। डॉक्टर्स ने बताया की कादर खान ने आखिरी बार गुरुवार को खाना खाया था। ये खाना कादर खान की बहू साहिस्ता यानी सरफराज की पत्नी ने बनाया था। इसके बाद उन्होंने अस्पताल का खाना खाने से मना कर दिया था। साहिस्ता ने उन्हें समझाया कि उनके लिए खाना बहुत जरूरी है लेकिन कादर कुछ भी खाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। कादर खान किसी भी बात का जवाब देने के लिए सिर्फ आंखों से इशारा कर रहे थे । यही कादर साहब के आखिरी शब्द भी थे। गुरुवार के बाद से उन्होंने अन्न का एक दाना और पानी तक नहीं पिया था । वो सिर्फ घर का खाना चाहते थे । कादर खान के दोस्त ने कहा, 'वो एक असली पठान थे ।' '5 दिन तक उन्होंने ना कुछ खाया और ना पानी पिया । इसके बावजूद वो 120 घंटे तक जिंदगी से जंग लड़ते रहे। ये हर किसी के बस की बात नहीं थी ।' उनके निधन से पूरे बॉलीवुड में गम का माहौल है। जहां अमिताभ बच्चन, अर्जुन कपूर, नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी तक ने उनके लिए खास ट्वीट किया है। बता दें कि कादर खान को 15-16 दिन पहले खराब स्वास्थ्य के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था । खबरों की मानें तो डॉक्टरों ने उन्हें बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा था । इसके बाद हर घंटे उनकी हालत बिगड़ती गई।  कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में हुआ था। उन्होंने 1973 में दागफिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी जिसमें सुपरस्टार राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म जवानी-दिवानीके लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी। कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर 'धर्म वीर', 'गंगा जमुना सरस्वती', 'कुली' 'देश प्रेमी', 'सुहाग', 'अमर अकबर एंथनी' और मेहरा के साथ 'ज्वालामुखी', 'शराबी', 'लावारिस' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्में लिखी। खान ने 'कुली नंबर 1', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'कर्मा', 'सल्तनत' जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे थे। उनके जाने से पूरा देश और बॉलीवुड सेलेब्रिटीज गमगीन हैं । इस बीच कादर खान के साथ काम कर चुके शक्ति कपूर का भी बयान आ गया है ।  कादर खान के निधन से अभिनेता शक्ति कपूर काफी दुखी हैं। उन्होंने कादर खान के बारे में बात करते हुए कहा, 'ये बहुत ही दुखी कर देने वाली खबर है। मैं गोवा में हूं और जबसे मुझे ये खबर मिली है तबसे मैं उनके बारे में ही सोच रहा हूं। नए साल की शुरुआत में ये दुखी कर देने वाली खबर है। मैंने कादर खान के साथ अपने करियर में कई सालों तक काम किया है। हमने साथ में 100 फिल्में की होंगी।'  शक्ति कपूर ने आगे कहा, 'अब जब वो चले गए हैं तो फिल्म इंडस्ट्री उनके बारे में सोच रही है। जब कोई एक्टर जिंदा होता है तब क्यों नहीं कोई उनके बारे में सोचता। तब लोग क्यों नहीं एक्टर को लेकर अच्छी बातें बोलते जब वो जिंदा होते हैं या जब वो बीमार होते है या जब वो स्ट्रगल करते हैं। लोग तभी उनके बारे में बात करते हैं जब वो सुनते हैं कि अब वो एक्टर नहीं रहा।' 'मैं बहुत दुखी हूं क्योंकि मैंने इस इंडस्ट्री से बहुत सारे बेस्ट फ्रेंड्स खोए हैं जो बहुत मेहनती होते हैं, लेकिन उनके जिंदा होने पर किसी ने उन्हें याद नहीं किया। उनकी उपलब्धियों के बारे में कभी कोई बात नहीं करता।' शक्ति ने ये भी कहा, 'जब कादर खान इतने दिनों से काम नहीं कर रहे थे और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तब किसी ने उनके बारे में बात नहीं की। उन्हें ऐसे अकेला क्यों छोड़ दिया गया? क्यों एक्टर्स को ऐसे अकेला छोड़ दिया जाता है जब वो बीमार होते हैं। कादर खान वैसे आर्थिक स्थिति से मजबूत थे, लेकिन जब वो बीमार थे तब वो अकेले पड़ गए थे। उनसे मिलने ज्यादा लोग नहीं जाते थे। वो सिर्फ अपने परिवार के साथ रहते थे।' जब उन्हें घुटनों के ऑपरेशन के बाद पहली बार व्हील चेयर पर बैठना पड़ा था तब वो बहुत दुखी थे। उसके बाद उन्होंने वो व्हील चेयर कभी नहीं छोड़ी। मुझे हमेशा यही उम्मीद थी कि वो जल्दी कमबैक करेंगे क्योंकि वो बहुत स्ट्रॉंग थे। मुझे लगता था कि वो जल्दी मुंबई आएंगे और हम दोबारा साथ काम करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कादर खान और शक्ति कपूर ने साथ में 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1' और 'साजन चले ससुराल' जैसी कई हिट फिल्में दी हैं । कादर खान को याद करते हुए शक्ति कपूर ने कहा, 'कादर खान की जिंदगी में एक समय ऐसा आया जब वो बिल्कुल अकेले हो गए थे ।' 'आखिरी समय पर उनके साथ कोई नहीं था । बॉलीवुड में से किसी ने भी कादर खान की बीमारी के वक्त उनका हाल नहीं पूछा । मैंने कादर साब के साथ लगभग आधे करियर तक फिल्में कीं । हम दोनों ने साथ में 100 फिल्मों में काम किया । अब वो चले गए हैं तो इंडस्ट्री उनके बारे में सोच रही है बात कर रही है ।' 'लोग अब उनके बारे में क्यों बात कर रहे हैं जब वो दुनिया में नहीं रहे । जब वो बीमार थे तो हालचाल क्यों नहीं पूछा । लोग तब ही बात करते हैं जब शख्स नहीं होता ।' उन्होंने आगे कहा, 'कादर खान काफी समय से काम नहीं कर रहे थे वो बीमार रहते थे ।' 'कादर खान फाइनेंशियली काफी सिक्योर थे लेकिन उनके पास उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं था । कोई उनसे मिलने जहीं जाता था । मैं हमेशा उन्हें फोन किया करता था । मैं उस अल्लाह के बंदे से हमेशा संपर्क में रहता था । मैं उनसे बताता था कि वो मेरे गुरु हैं । मैं उनके पांव छूता था ।' 'मैं उनके साथ समय बिताता था । उनके परिवार ने उनका साथ छोड़ दिया था । आज फिल्मों के पोस्टर में सिर्फ एक्टर-एक्ट्रेस होते हैं लेकिन एक समय ऐसा था जब कादर खान और शक्ति कपूर अपनी फिल्मों को प्रमोट करते थे । हम दोनों की जोड़ी किशोर कुमार और महमूद की तरह थी ।'

 

 



V.K Sharma
Editor in Chief
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