मिशन-2019 : प्रधानमंत्री मोदी आज पंजाब में फूकेंगे लोकसभा चुनाव का बिगुल, 20 राज्यों में 100 रैलियों का पहला पड़ाव है गुरदासपुर, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :भाजपा गुरुवार को गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव
अभियान की शुरुआत करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यहां के पुडा
मैदान में ‘शुकराना रैली’ (धन्यवाद रैली) करेंगे। इससे पहले सुबह मोदी जालंधर
पहुंचेंगे। वे यहां लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस
का उद्घाटन करेंगे। केंद्र ने गुरदासपुर में रावी नदी पर दो हाई लेवल ब्रिज बनाने
की परियोजना को मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि मोदी रैली में इसका औपचारिक ऐलान
कर सकते हैं। मोदी की रैली से दो दिन पहले पूर्व सांसद स्व. विनोद खन्ना की पत्नी
कविता भी गुरदासपुर पहुंच चुकीं हैं। सेहत ठीक न होने की वजह से पूर्व सीएम प्रकाश
सिंह बादल रैली में शामिल नहीं होंगे। मंच पर सुखबीर बादल मौजूद रहेंगे। केंद्रीय
मंत्री प्रभात झा और कैप्टन अभिमन्यु समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रैली में शामिल
होंगे। जिसमें शिअद-भाजपा गठबंधन पंथक कार्ड खेलेगा। गुरदासपुर लोकसभा हलका
हालांकि भाजपा के खाते में है। लेकिन पाकिस्तान के प्रसिद्ध गुरद्वारा श्री
करतारपुर साहिब के लिए खोला जाने वाला कॉरिडोर इसी जिले के डेरा बाबा नानक में
स्थित है।कुछ समय पहले ही भारत और पाक
सरकारों के बीच करतारपुर कॉरिडोर खोलने को लेकर समझौता हुआ है। पाकिस्तान ने श्री
गुरु नानक देव जी से संबंधित इस पवित्र स्थान पर रोजाना 500 सिख संगतों को दर्शन
कराने का एलान किया है। इस साल श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व है, इसलिए यह कदम सिख संगतों के लिए और भी महत्वपूर्ण है। आजादी
के बाद से ही यह दुनिया भर में बसे सिखों की सबसे बड़ी मांग थी।वह गुरदासपुर में धन्यकवाद रैली को संबोधित
करेंगे। ह देश के तीसरे प्रधानमंत्री हैं जो गुरदासपुर आएंगे। इससे पहले 1984 में
इंदिरा गांधी और 1947 में पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री के तौर पर गुरदासपुर
आए थे। भाजपा व अकाली दल की ओर वीरवार को आयोजित धन्यवाद रैली में करीब सवा दो बजे
पीएम पहुंचेंगे। वह विशेष विमान से पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर उतरेंगे और वहां से
हेलीकॉप्टर से गुरदासपुर आएंगे। पुडा ग्राउंड में आयोजित रैली में सवा तीन बजे तक
वे रुकेंगे। देश के आजाद होने के बाद अगस्त 1947 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित
जवाहर लाल नेहरू गुरदासपुर के गांव पनियाड़ आए थे। तब भारत-पाक बंटवारे के कारण इस
गांव में रिफ्यूजी कैंप बनाया गया था। यहां से पाकिस्तान जाने वाले लोगों को कड़ी
सुरक्षा में भेजा जा रहा था। 37 साल बाद 1984 में तत्काधलीन प्रधानमंत्री इंदिरा
गांधी गुरदासपुर के सरकारी कॉलेज में पहुंची थीं। वह गुरदासपुर में दो बार आई थीं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की यह रैली आगामी लोकसभा चुनाव से भाजपा द्वारा देश
भर मंे की जाने वाली सौ रैलियों की कड़ी में हो रही है। पिछले लोकसभा चुनाव से
पहले भी मोदी ने पठानकोट के माधोपुर में रैली करके चुनावी बिगुल बजाया था। वीरवार
की मोदी की रैली को लेकर अकाली दल व भाजपा को अपने पक्ष में माहौल बनने की काफी
उम्मीद है। रैली में पीएम कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते है इतिहासकार प्रोफेसर
राजकुमार का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अधिकतर प्रधानमंत्रियों ने
इस क्षेत्र को तवज्जो नहीं दी। इसी उदासीनता के कारण ना तो उद्योग स्थापित हो पाए
न बेरोजगारी खत्म हो पाई। गुरदासपुर पाकिस्तानी आतंक का हमेशा सामना करता रहा है।
पाकिस्तान की सीमा से सटे होने के कारण यहां नशा फैलाया गया, लेकिन सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की गुरदासपुर रैली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
रैली स्थल के पास मेरिटोरियस स्कूल के अंदर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया हे। इस
कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर आने-जाने वाले और रैली के अंदर नजर
रखी जाएगी। रैली स्थल के पीछे के एरिया को भी सील कर दिया गया है। पांच किलोमीटर
के एरिया के हर घर में एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया गया। ये जवान बुधवार रात से ही
तैनात कर दिए गए। जिस जगह पर प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे उसके आसपास घेरे में
जाली लगा दी गई है ताकि वहां तक कोई कुछ फेंक न सके। प्रधानमंत्री के आने से पहले
गायक हंसराज हंस, सतिंदर सत्ती और रंजीत
बावा रैली में आए लोगों का मनोरंजन करेंगे। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर रूट
डायवर्ट रहेगा। अमृतसर से गुरदासपुर आने वाहनों को बबरी बाईपास से वाया पंडित मोहन
लाल एसडी कॉलेज से गुरदासपुर में प्रवेश करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
की रैली को लेकर भारत- पाकिस्तान बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कुछ समय
पहले आतंकी जाकिर मूसा को देखे जाने की अफवाहों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी
तरह सतर्क हो गई हैं। सियासी माहिरों का मानना है कि पीएम मोदी का भाषण इस अहम
मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। वह इसे गठबंधन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर
गिनाएंगे। यह संदेश देने की पूरी कोशिश करेंगे कि केंद्र सरकार की कोशिशों से ही
सिखों की यह सबसे बड़ी मांग पूरी हो सकी है। मोदी इसके जरिए कांग्रेस और गांधी
परिवार पर निशाना भी साधेंगे कि उन्होंने कभी इसके लिए गंभीरता से प्रयास नहीं
किया।दूसरा अहम मुद्दा 1984 के सिख
कत्लेआम के पीड़ितों पर मरहम लगाना हो सकता है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने
कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को इस मामले में उम्र कैद की सजा दी है।
जिसकी शिअद-भाजपा ने ही नहीं, पंजाब की कांग्रेस इकाई
ने भी सराहना की थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में गठित एसआईटी ने
बंद केसों को दोबारा खोला।जिसके बाद
पिछले दिनों ही दो आरोपियों को अदालत ने सजा सुनाई थी। यह मुद्दा भी मोदी के
भाषणों में प्रमुख तौर पर होगा। क्योंकि बुधवार को ही कत्लेआम पीड़ितों और गवाहों
ने दिल्ली में मोदी के साथ मुलाकात की थी। जो कि शिअद प्रधान सुखबीर बादल की
अगुवाई में गए थे। पीड़ितों में बहुत ज्यादा परिवार गुरदासपुर जिले से संबंधित
हैं। इसलिए मोदी का इस मुद्दे पर मुखर होकर कांग्रेस पर हमला करना भी तय माना जा
रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान शिअद और भाजपा के सभी शीर्ष नेता मंच
पर रहेंगे। शिअद से पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत
कौर बादल, प्रधान सुखबीर बादल, भाजपा से प्रदेश प्रधान श्वेत मलिक, केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला, प्रभारी प्रभात झा, संगठन मंत्री दिनेश कुमार, महासचिव राकेश राठौर रहेंगे। इनके अलावा हाल ही में पंजाब
के प्रभारी नियुक्त किए गए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी रहेंगे।
आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा की 20 राज्यों में मोदी की 100
रैलियां कराने की योजना है। गुरदासपुर से इसका आगाज किया जा रहा है। 2017 के
विधानसभा चुनावों में पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद अकाली-भाजपा
गठबंधन तीसरे नंबर पर रहा था। अकाली दल का ग्रामीण इलाकों में खासा असर है, वहीं भाजपा की पकड़ कस्बाई और शहरी इलाकों में मानी जाती
रही है। माना जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे से भाजपा पंजाब में कमजोर
हुई है। पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिद्धू पाकिस्तान जाकर कॉरिडोर पर पहल करने
की क्रेडिट लेते दिखाई दे रहे हैं। इससे भाजपा के हिस्से वाली गुरदासपुर सीट ही
नहीं पूरे पंजाब में अकाली-भाजपा में खलबली है। ऐसे में इस रैली को कॉरिडोर
क्रेडिट की होड़ के लिए भी माना जा रहा है। रैली के लिए 1.75 लाख स्क्वेयर फीट का
पंडाल तैयार किया गया है। 25 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। त्रिस्तरीय सुरक्षा
व्यवस्था का इंतजाम है। शहर के 10 किलोमीटर तक के इलाके को सील कर दिया है।
सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस और पंजाब आर्म्ड पुलिस के 3500 जवान तैनात किए गए
हैं।