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राजनीति
By   V.K Sharma 02/01/2019 :13:25
मध्यप्रदेश : वंदे मातरम पर कमलनाथ का यू-टर्न, अब कर्मचारियों के साथ नागरिक भी होंगे शामिल, पुलिस बैंड के साथ होगा वंदे मातरम का गान !
 


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पे तंज कसते हुए बोले - वंदेमातरम पर रोक का फैसला क्या आपका है?


 

 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : मध्यप्रदेश में साल 2005 में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने वंदे मातरम गाने की परंपरा शुरू की थी। सरकारी कर्मचारी महीने के पहले कार्यदिवस पर राष्ट्रीय गीत गाया करते थे। इस परंपरा को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद खत्म करने का आदेश दिया था। जिसपर की भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना था कि वह इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे। अमित शाह ने भी राहुल गांधी से पूछा था कि क्या यह उनका आदेश है। काफी विरोध के बाद कमलनाथ सरकार ने यू टर्न लेते हुए आदेश वापस ले लिया है। सरकार का कहना है कि अब केवल सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि आम जनता भी वंदे मातरम गाएगी। इसके लिए पुलिस बैंड का मार्च निकाला जाएगा। जिसमें आगे बैंड, पीछे कर्मचारी और सबसे पीछे आम जन शामिल होंगे। यह कार्यक्रम महीने के पहले कार्यदिवस पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'वंदेमातरम एक गीत नहीं बल्कि, भारत का स्वतंत्रता आंदोलन है। इस पर प्रतिबंध लगाकर देश की स्वाधीनता पर बलिदान होने वाले लोगों का अपमान किया गया है। यह आम भारतीय के लिए देशद्रोह के समान है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वंदेमातरम पर रोक का यह फैसला क्या आपका है।' इससे पूर्व भोपाल में बुधवार की सुबह भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह के नेतृत्व में विधायक विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा समेत तमाम नेता मंत्रालय में वंदे मातरम के लिए पहुंचे और गायन किया।  पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले दिन 7 जनवरी को 109 विधायक सुबह 10 बजे पहले मंत्रालय के सामने मैदान में वंदेमातरम गायन करेंगे। फिर विधानसभा जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार को वंदेमातरम बंद करने के पीछे की वजह बतानी चाहिए। मुख्यमंत्री कमलनाथ तो दबाव में आकर निर्णय ले रहे हैं। भाजपा सांसद आलोक संजर ने कहा कि कांग्रेसी गिरगिट से भी बड़े हैं। चुनाव के समय रंग कुछ और व बाद रंग कैसे बदलते हैं यह मप्र की सरकार ने दिखा दिया है। कमलनाथ ने कहा है कि वंदेमातरम अब बड़े पैमाने पर होगा। इस आयोजन में कर्मचारियों के साथ जनता की भी भागीदारी होगी। शाह के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने वंदेमातरम का अर्थ समझाया। कहा- आजादी की लड़ाई के दौरान वंदेमातरम गीत का अर्थ था, भारत मां को ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से मुक्त कराना।आजादी के बाद भारत मां की वंदना का अर्थ है, किसानों की खुशियां, जो मैं कर्जमाफी और फसलों के दामों से सुनिश्चित कर रहा हूं। सुशासन के निरंतर सुधार में जुटा हूं। सही अर्थों में मप्र की वंदना में लगा हूं। अर्थात वंदेमातरम कर रहा हूं।बता दें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सफाई जारी करते हुए कहा था कि यह निर्णय ना किसी अजेंडे के तहत लिया गया है और न ही उनका वंदे मातरम को लेकर कोई विरोध है। उन्होंने कहा था, 'वंदे मातरम को मैं एक नया रूप दूंगा और आज-कल में घोषित करूंगा।'  अपने फैसले पर सफाई देते हुए कमलनाथ ने यह भी कहा था, 'जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते हैं तो क्या वे देशभक्त नहीं है? हमारा यह भी मानना है कि राष्ट्रीयता या देशभक्ति का जुड़ाव दिल से होता है। इसे प्रदर्शित करने की आवश्यकता नहीं है। हमारी भी धर्म, राष्ट्रीयता और देशभक्ति में आस्था है। कांग्रेस पार्टी, जिसने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, उसे देशभक्ति, राष्ट्रीयता के लिए किसी से भी प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। हमारा यह भी मानना है कि इस तरह के निर्णय वास्तविक विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व जनता को गुमराह, भ्रमित करने के लिए थोपे जाते रहे हैं।' वहीं मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायकों के साथ सात जनवरी को विधानसभा सत्र शुरू होने के दौरान मंत्रालय प्रांगण में वंदेमातरम गायन करेंगे। चौहान ने सभी लोगों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील भी की। राज्य में पिछले लगभग तेरह साल से हर महीने की एक तारीख को राज्य मंत्रालय प्रांगण में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में वंदेमातरम गायन होता था। कल वर्ष के पहले दिन मंत्रालय में वंदेमातरम गायन नहीं हुआ, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई। बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने सवाल किया कि क्या अब कांग्रेस सरकार भारत माता की जय बोलने पर भी रोक लगाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने इस कदम से लोकसभा चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया है। इसी बीच इस निर्णय के विरोध में आज सुबह बड़ी संख्या में भाजपा नेता, पूर्व मंत्री और सैकड़ों कार्यकतार् मंत्रालय प्रांगण में पहुंचे और वंदेमातरम गायन किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जे पी धनोपिया ने कहा कि वंदेमातरम गायन बंद नहीं किया गया है। फिलहाल रोका गया है और इसमें सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी जो इसका स्वरूप था, उसमें बड़ी संख्या में लोग उसमें शामिल नहीं होते थे, इसीलिए इसमें सुधार का प्रावधान रखा जाएगा।

 

 



V.K Sharma
Editor in Chief
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