दिल्ली के नजदीक हिमाचल प्रदेश की इन जगहों पर होती है स्नोफॉल , जानिये यहाँ के पयर्टक स्थलों के बारे में !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : हिमाचल प्रदेश की
राजधानी के नाम से प्रसिद्ध शिमला पर्यटकों का स्वर्ग है। ये खूबसूरत जगह यहां आने
वाले पर्यटकों को प्राकृतिक नजारों से लेकर एडवेंचर गेम्स आदि सब प्रदान करता है।
वर्तमान का शिमला जिला 1972 में निर्मित किया गया था। इस जगह का यह नाम 'माँ काली' के दूसरे नाम 'श्यामला' से व्युत्पन्न है। जाखू,
प्रॉस्पैक्ट,ऑव्सर्वेटरी, एलीसियम और समर इस जगह की
फेमस पहाड़ियाँ हैं। स्वतन्त्रता के बाद यह जगह कुछ समय तक पंजाब की राजधानी भी
रही है शिमला, प्राचीन विरासत इमारतों के लिए प्रसिद्ध है, जो ब्रिटिश वास्तु-कला
शैली का प्रतिनिधित्व करती हैं शिमला में पर्यटकों के देखने के लिए असंख्य जगहें
शामिल है जैसे क्राइस्ट चर्च, विसेरेगल लॅाज, माल रोड शिमला आदि। खैर ये बात तो हुई शिमला की, लेकिन अगर काई बार शिमला
को घूम चुके हैं, और अपनी अगली हिमाचल प्रदेश की ट्रिप को रोमांचक और यादगार
बनाना चाहते हैं, तो शिमला के आसपास कई खूबसूरत जगहें स्थित हैं, जिनकी सैर आपको अवश्य
करनी चाहिए। यहां की सड़कें, घर, टूरिस्म सब कुछ दुरूस्त है। पहाड़ी प्राकृतिक आपदाओं से ये
राज्य आराम से निपट लेता है। हिमाचल प्रदेश के विकास के साथ-साथ यहां का टूरिस्म
भी बहुत मजबूत है। साल भर यहां पर्यटकों को तांता लगा रहता है क्योंकि से राज्य है
ही बहुत खूबसूरत। यहाँ पर्यटन तेजी से बढ़ रहे उद्योगों में से एक है और यही कारण
है कि प्रतिवर्ष राज्य की आय में भी भारी इजाफा हो रहा है। हिमाचल प्रदेश की हर
जगह बहुत खूबसूरत है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश की सैर करना चाहते हैं तो हम आपको
बताते हैं वहां की कुछ ऐसी जगहों के बारे में जिसे स्वर्ग कहा जाता है। और ऐसे ही
हिमाचल प्रदेश के मंडी को अकसर "वाराणसी ऑफ हिल्स" या "छोटी काशी"
या "हिमाचल की काशी" कहा जाता। जिस तरह कहते हैं कि बनारस शिव की नगरी
है और काशी में आपको हर भगवान के मंदिर मिल जाएंगे ठीक उसी तरह अगर पहाड़ों की बात
की जाए तो हिमाचल प्रदेश के मंडी को आप हिमाचल की पहाड़ी रानी भी कह सकते हैं। जिस
तरह गंगा के किनारे बसा है काशी ठीक उसी तरह हिमाचल प्रदेश की व्यास नदी के तट पर
बसा है मंडी। मंडी के इतिहास की बात की जाए तो पहले इस हिल-स्टेशन का नाम था मांडव
नगर। मांडव नगर नगर इसे इसलिए कहा जाता था क्योंकि यहां पर एक महान गुरु रहा करते
थे जिनका नाम था साधु मांडव, उनके ही नाम से इस शहर का नाम पहले मांडव नगर और अब मंडी हो
गया। नाम के इतिहास के बाद बात करते हैं इस जगह की खूबसूरती की। तो आपको बता दें
कि मंडी हिमाचल की बेहद खूबसूरत जगहों में से एक है। यहा की सुंदरता को निहार कर
आपका मन नहीं भरेगा। सर्दियों में ये जगह एक अलग स्तर के सुकून का एहसास कराती है।
चारों और सफेद चादर से ढंकी पहाड़ियां, चहकते पक्षी की आवाज, सरसराती ठंड़ी हवा,
कलकलाता व्यास नदी का
पानी इस पल का एहसास आपकी आंखों और मन को बहुत शांत करेगा। शिमला की सबसे ऊंची
चोटी जाखू और कुफरी समेत में प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वीरवार को भी
बर्फबारी जारी रही। शहर में दिन भर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। रोहतांग में
चार फीट और सोलंगनाला में एक फुट तक बर्फ गिरी है। पारा गिरने से हिमाचल में
शीतलहर बढ़ गई है। चंबा, शिमला, कुल्लू और सिरमौर में एचआरटीसी की करीब 50 बसें फंस गई हैं।
वीरवार को प्रदेश में चार नेशनल हाईवे समेत करीब 90 छोटी-बड़ी सड़कों पर यातायात
प्रभावित रहा। एचआरटीसी के 150 बस रूट फेल हुए। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने
शुक्रवार से प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। धूप खिलने पर ठंड
से राहत मिलने की उम्मीद है।जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी का क्रम
जारी होने से शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है। औट-लुहरी-सैंज एनएच 305 के साथ जिला
में 15 से अधिक सड़कों पर 25 से अधिक रूट प्रभावित हो गए हैं। जलोड़ी दर्रा में 35
सेंटीमीटर बर्फ रिकार्ड की गई। डलहौजी में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही। खजियार
के अलावा भरमौर की ऊपरी चोटियों डल झील, मणिमहेश, काली छौ, कुगति में दो फीट तक बर्फबारी हुई है। कबायली क्षेत्र पांगी
में 15 मार्ग यातायात के लिए बाधित हुए हैं।किन्नौर जिले में कई ग्रामीण रूट प्रभावित हैं। धौलाधार की पहाड़ियों और
त्रियूंड में हुई बर्फबारी से जिला कांगड़ा में ठंड बढ़ गई है।वहीं कुफरी में हुई ताजा बर्फबारी का पर्यटकों
ने जमकर आनंद लिया। पर्यटकों ने बर्फ के बीच जमकर मस्ती की। साथ स्कीइंग का भी
आनंद उठाया। ताजा बर्फबारी से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। शिमला शहर
में आज सुबह से ही मौसम खराब है।
शहरन्यूनतम तापमान
केलांग- 5.0
कल्पा- 3.8
कुफरी- 2.2
डलहौजी- 0.7
मनाली0.8
शिमला1.4
मनाली : मनाली हिमाचल प्रदेश का
लोकप्रिय हिल स्टेशन है। मनाली व्यास नदी के किनारे बसा है। शहरों की गर्मी से
बचने के लिए इस हिल स्टेशन पर हजारों की तादाद में सैलानी आते हैं। सर्दियों में
यहां का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है और जबरदस्त बर्फबारी भी होती है।
दिसंबर से जनवरी तक मनाली सफेद चादर में लिपट जाता है। आप यहां के खूबसूरत
प्राकृतिक दृश्यों के अलावा मनाली में हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायकिंग जैसे खेलों का भी
आनंद उठा सकते हैं। यहां के जंगली फूलों और सेब के बगीचों से छनकर आती सुगंधित
हवाएं दिलो दिमाग को ताजगी से भर देती हैं।
चैल : चैल एक ख़ूबसूरत पहाड़ी स्थान है, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन
ज़िले में स्थित है। यहाँ का क्रिकेट और पोलो मैदान भी बहुत प्रसिद्ध है। सर्दियों
में यहां का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है और जबरदस्त बर्फबारी भी
होती है। चैल का नेशनल पार्क भी बहुत ख़ास है, जो वन्यजीव प्रेमियों को
अपनी ओर आकर्षित करता है। इस पार्क में वन्यजीवों के साथ ही विभिन्न प्रकार के
पेड़-पौधे भी पाये जाते हैं।
कसोल : हिमाचल प्रदेश में स्थित
एक छोटी सी जगह है कसोल, जो कई मायनों में अलग है और बहुत ही ज्यादा खूबसूरत भी
इसलिए घूमने के शौकीन पर्यटक यहां आते रहे हैं। कसोल में मौजूद पार्वती नदी इस जगह
को बेहद खूबसूरत बनाती है। कसोल में ठहर कर आप आसपास की और भी जगहों पर जा सकते
हैं जैसे तोष और खीरगंगा। शिमला या मनाली के मुकाबले यह छोटी-सी जगह है और यहां
नेचर के अधिक करीब खुद को महसूस किया जा सकता है।
कुफरी : कुफरी शिमला जिले में एक
छोटा पहाड़ी स्टेशन है। यहां आप अपने परिवार के साथ पिकनिक पर जा सकते हैं। यहां
आप हॉर्स राइडिंग, बज्जी जंपिंग, रोप क्लाइम्बिंग, जिप लाइनिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। हालांकि यह जगह थोड़ी
महंगी है, लेकिन आप यहां भरपूर आनंद
उठा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश स्थित कुफरी को सर्दियों का हॉटेस्ट प्लेस कहा जाता
है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान पर्यटक अपने स्कीइंग गीयर्स के साथ यहां पहुंचते
हैं और एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकने और स्नो मैन बनाने के लिए तैयार रहते हैं।
मंडी : मंडी में भी बनारस की छवि
देखने को मिलती है क्योंकि हिमाचल प्रदेश का मंडी अपनी खूबसूरती के साथ-साथ
पत्थरों के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां 300 से ज्यादा हिंदू धर्म के मंदिर
स्थित हैं जो भगवान शिव और मां काली को समर्पित हैं। यहां के प्राचीन मंदिरों में
पंचवक्रता मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर और त्रिलोकनाथ मंदिर शामिल हैं। हिंदू
धर्म से मंडी का खासा रिश्ता देखने को मिलता है क्योंकि हम आपको पहले ही बता चुके
हैं ये जगह साधू मांडव के नाम से बसी थी जो बहुत धार्मिक थे और हिंदू धर्म में
उनकी आस्था थी। मंडी का एक मंदिर जो सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है जिसे
भूतनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है, इसका निर्माण 1520 ई. में किया गया था। यहां का गुरु
गोविन्द सिंह गुरुद्वारा भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है।
बरोट : हिमाचल के छुपे हुए खूबसूरत स्थानों में से एक बरोट
घाटी का निर्माण उहल नदी पर बिजली परियोजना के लिए गया था, जो धीरे धीरे पर्यटकों के
बीच एक हिल-स्टेशन के रूप में लोकप्रिय हो गया है। बरोट घाटी बहुत ही सुंदर घाटी
है, जो उंचे उंचे पहाड़ों और
पेड़ों से घिरी हुई है, जहां आप शहर के शोर शराबे से दूर खुद के साथ सुकून के पलों
को बिता सकते हैं। बरोट घाटी बहुत ही सुंदर घाटी है, जो उंचे उंचे पहाड़ों और
पेड़ों से घिरी हुई है, जहां आप शहर के शोर शराबे से दूर खुद के साथ सुकून के पलों
को बिता सकते हैं। बरोट घाटी ट्रेकर्स के बीच खासा प्रसिद्ध है, क्यों कि इस घाटी से ही
होकर कई ट्रेकिंग रूट गुजरते हैं। अगर आप छोटी ट्रेकिंग करना चाहते हैं तो,
बरोट से कोठी ट्रेक करें,
जोकि 13 किमी लंबा है और
केदार और चीड़ के पेड़ों से होकर गुजरता है। इस ट्रेक के जरिये आप हिमाचल प्रदेश की
असल खूबसूरती को निहार सकेंगे।
शोघी : शोघी एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेटशन है जो चारों
तरफ से सुंदर- सुंदर ओक के वृक्षों से घिरा हुआ है। अगर आप चिलचिलाती गर्मी के
साथ-साथ आप प्रकृति की गोद में कुछ दिनों के लिए समा जाना चाहते हैं और जी भर कर
प्रकृति की सुंदरता के मज़े लेना चाहते हैं तो इस जगह को अपने हिमाचल प्रदेश की
अगली यात्रा में शामिल करना ना भूलें। यह जगह ताज़े फलों के जूस बनाने के लिए भी
प्रसिद्ध है। यहाँ के कारखानों में बने ताज़े जूस की चाहत पर्यटकों को अपनी ओर
आकर्षित करती है। कई मंदिरों के साथ यह जगह ट्रेकिंग और कैंम्पिंग के लिए भी आदर्श
जगह है। कैम्पिंग के साथ-साथ यहाँ पक्षियों की कई सुंदर जातियों को देखने का
नज़ारा आपको प्राप्त होगा। फोटोग्राफी के लिए, कैंमेपिंग का मज़ा उठाते
हुए पक्षियों के सुंदर नज़ारों का दृश्य आपके लिए सबसे उचित होगा।
धर्मकोट : अगर आप हिमालय की वादियों के बीच शांति चाहते हैं
तो आपको धर्मकोट की ओर रुख करना चाहिए। धर्मकोट में जैसे ही आप प्रवेश करेंगे आपको
एक पॉजिटिव अनुभूति प्राप्त होगी, हिमाचल का ये खूबसूरत गांव योगस्थान के लिए जाना जाता है।
धरमकोट से धौलाधौलाधर पर्वत श्रेणियों और काँगड़ा घाटी का मनोरम दृश्य भी देखा जा
सकता है। शिमला से धर्मकोट की दूरी- 240किमी
रोहरू : पब्बर नदी के तट पर स्थित रुहरू अपने सेब के बगानों
के लिए जाना जाता है। अगर आप एडवेंचर लवर है तो यहां आने पर्यटक इस खूबसूरत जगह
ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग और हैन्ड
ग्लाइडिंग भी कर सकते हैं।
मतियाना : मतियाना से शिमला का रास्ता काफी जंगल भरा है। इस
दौरान आप अपनी कार या बस से बर्फ से ढकी हुई चोटियों को देख सकते हैं। गांव
मतियाना पहुँचने के बाद हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क के घुमावदार और अद्वितीय दृश्यों
का आनंद उठा सकते हैं। इसके अलावा आप इस गांव में कई सेब के बगानों को भी निहार
सकते हैं। शिमला से मतियाना की दूरी-47किमी
शोजा :जालोरी पास
से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शोजा समुद्र सतह से 2368 मीटर की ऊँचाई पर
स्थित है। यहाँ से बर्फ से ढकी हिमालय की श्रेणियों का मनोरम दृश्य देखा जा सकता
है। सेरोलसर झील, रघुपुर किला, वॉटरफॉल पॉइंट, जालोरी पास और तीर्थान घाटी यहाँ के पर्यटन के प्रमुख
आकर्षण है। अगर आप इस जगह की अद्भुत सुन्दरत को देखना चाहते हैं, तो शोजा-जलोरी पास के
माध्यम से एक ट्रेकिंग का मजा जरुर लें। शिमला से शोजा की दूरी-156 किमी
फागू : फागू उन खूबसूरत जगहों में से एक है जहां आप अपनी
कार रोक कार थोड़ी देर तक वहां की खूबसूरती को निहारना पसंद करेंगे।पश्चिमी हिमालय
से घिरा हुआ फागू कुछ देर के लिए आपको एक असीम शांति का एहसास कराता है। यहां आप
घने जंगलों से होते हुए सेब के बगानों,फूलों के खेत और बर्फ से ढकी हुई चोटियों को देख सकते हैं।
शिमला से फागू की दूरी-21 किमी