कौन बनेगा सीएम ? एमपी, राजस्थान के बाद आज छत्तीसगढ़ की बारी, राहुल गाँधी अपना सकते हैं राजस्थान 'डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला' थोड़ी देर में होगा ऐलान !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद आज छत्तीसगढ़ की
बारी है। दरअसल, एक-एक कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीराज्यों के
मुख्यमंत्रियों का नाम फाइनल कर रहे हैं। उनका अंदाज भी बिल्कुल अलग है। दोपहर में
राज्य के दो दिग्गज और सीएम पद के दावेदारों के साथ उनकी मुस्कुराती तस्वीर सामने
आती है। इसके कुछ घंटे बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से औपचारिक ऐलान हो जाता है। इसी
क्रम में आज राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के CM पर फैसला करने वाले हैं।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत के सिरमौर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष
भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद का जिम्मा दिया जा सकता है. सूत्रों ने न्यूज़
ग्राउंड की टीम को बताया कि सीएम पद के लिए शनिवार को बघेल के नाम का ऐलान कर दिया
जाएगा. प्रदेश कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
ने दिल्ली में प्रदेश इकाई के चार वरिष्ठ नेताओं- टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, भूपेश बघेल और चरणदास
महंत के साथ मुलाकात की. ये चारों ही इस शीर्ष पद के दावेदार बताए जा थे. हालांकि
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन सबमें बघेल का ही पलड़ा भारी निकला. वहीं प्रवक्ता ने
बताया कि चारों नेता शनिवार को एक विशेष विमान से पर्यवेक्षक मल्लिर्काजुन खड़गे,
पार्टी के राज्य प्रभारी
पीएल पुनिया के साथ यहां पहुंचे. उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश मुख्यालय
राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिस दौरान मुख्यमंत्री के
नाम की घोषणा की जाएगी. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में राजस्थान की तरह ही दावेदार
पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं और किसी एक नाम पर सहमति बनती नहीं दिख रही है।
ऐसे में सूत्र बताते हैं कि यहां भी राहुल गांधी राजस्थान की ही तरह डिप्टी सीएम
का फॉर्मूला अपना सकते हैं। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हो रही देरी पर टीएस सिंह
देव ने कहा, 'छत्तीसगढ़ में एक से ज्यादा योग्य उम्मीदवार दावेदार हैं
इसीलिए नाम तय करने में समय लग रहा है। 11 तारीख को भी देर में परिणाम आया इस लिहाज से अभी सिर्फ 4 ही दिन हुए हैं। भाजपा
ने अपने सीएम (यूपी) को चुनने के लिए 7-8 दिन लिए थे।' इस वक्त छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के लिए भूपेश बघेल का
नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। उनके बाद टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू और चरणदास
महंत का नाम भी रेस में है। ऐसे में जानकार मानते हैं कि ताम्रध्वज साहू और टीएस
सिंह देव में से किसी एक डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। जबकि कुछ अन्य लोगों का ये
भी कहना है कि मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव होंगे जबकि बघेल और साहू में से किसी एक
को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिलेगी। भूपेश बघेलः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। 23 अगस्त 1961 को जन्मे बघेल कुर्मी
जाति से आते हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। वह छत्तीसगढ़
में कुर्मी समाज के सन् 1996 से वर्तमान तक संरक्षक बने हुए हैं। 1999 में मध्य प्रदेश सरकार
में परिवहन मंत्री रहे हैं। अक्टूबर 2017 में कथित सेक्स सीडी कांड में भूपेश के खिलाफ रायपुर में
एफआईआर हुई और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल जाना पड़ा। अक्टूबर में ही
भूपेश बघेल नए विवाद में पड़ गए थे। एक सभा के दौरान बीजेपी पर निशाना साधते वक्त
उनके मुंह से लड़कियों के लिए आपत्तिजनक शब्द निकल गए थे। इससे सभा में उपस्थित
महिलाएं बीच कार्यक्रम में ही उठकर चली गईं थीं। टीएस सिंहदेवःनेता प्रतिपक्ष हैं।
वह चुनाव जीतने वाले छत्तीसगढ़ के पहले नेता प्रतिपक्ष बने हैं। अपनी परंपरागत
अंबिकापुर सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्च की है। वह शुरू से सीएम पद के प्रबल
दावेदार माने जा रहे हैं। उनका रुतबा पूरे छत्तीसगढ़ में है।राज घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद लोग
उन्हें राजा जी या राजा साहब की जगह प्यार से टीएस बाबा कहकर पुकारते हैं। वह
राज्य के सबसे अमीर विधायक भी हैं। 2013 के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम के सभी
विधायकों की संपत्ति मिला दी जाए तो वह टीएस बाबा की संपत्ति के बराबर होगी।
ताम्रध्वज साहूः पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। राहुल के कहने पर वह बतौर सांसद रहते
हुए विधानसभा चुनाव लड़े। इसलिए माना जाता है पार्टी ने उन्हें कुछ सोचकर विधानसभा
चुनाव में उतारा है। लिहाजा उन्हें सीएम रेस में माना जा रहा है। साहू, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी
(एआईसीसी) के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष हैं। वह 1998-2000 तक राज्य विधान सभा मध्य
प्रदेश के सदस्य रहे। 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ सरकार में राज्यमंत्री रहे। 2000 से 2013 तक तीन कार्यकाल के लिए
छत्तीससगढ़ विधान सभा सदस्य रहे। 2014 में लोकसभा चुनाव जीता। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी के आवास पर शुक्रवार को दिनभर राज्य के भावी मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा
होती रही। राहुल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव, चरणदास महंत और ताम्रध्वज
साहू को दिल्ली बुलाया था। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष ने पहले सीएम पद के
दावेदारों से बंद कमरे में अलग-अलग बात की। फिर पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और
प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से चर्चा की।दिन भर चली बैठक के बाद देर शाम सभी नेता
बैठक से बाहर निकले। पहले तय किया गया था कि दिल्ली की बैठक खत्म कर नेता सीधे
रायपुर जाएंगे। फिर विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर
मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। लेकिन देरी के कारण रायपुर में बैठक रद्द
कर दी गई।दिल्ली जाने के पहले शुक्रवार सुबह बघेल ने अपना हंसता हुआ फोटो ट्वीट
किया। उन्होंने लिखा- "जिस तरह मैं हंसते हुए दिल्ली जा रहा हूं, उसी तरह से हंसते हुए
आऊंगा। आज राज्य के लिए, हम सब के लिए बहुत बड़ा दिन है। जो भी निर्णय होगा अच्छा
होगा। आलाकमान ने मुझे बहुमत लाने की जिम्मेदारी थी, अब आगे जो भी जिम्मेदारी
मिलेगी, उसका मैं ईमानदारी के साथ
निर्वहन करूंगा।" चरण दास महंत ने भी कहा कि किसी के बीच कोई टकराव नहीं है।
पूरी एकजुटता के साथ जा रहे हैं। हाईकमान अगला मुख्यमंत्री तय करेगा।प्रदेश
गोंडवाना गोंड महासभा के महामंत्री सोहन पोटाई ने राहुल गांधी से आदिवासियों की 6 मांगें पूरी करने कहा
है। उन्होंने जहां प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं तो मंत्रिमंडल में पांच
आदिवासियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों ने कांग्रेस पर
भरोसा जताया है, इसलिए प्रतिनिधित्व दें। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी के आवास ‘12 तुगलक लेन’ पर शुक्रवार को तीन घंटे तक मैराथन बैठक में किसी फैसले पर
नहीं पहुंचा जा सका. इसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के चयन का फैसला पार्टी
अध्यक्ष पर छोड़ दिया गया. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटें हासिल हुई हैं.
इसी के साथ राज्य में भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया