लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा को रोकने के लिए विपक्ष महागठबंधन की बैठक दिल्ली में,ममता-मुलायम-अखिलेश समेत शीर्ष नेता होंगे बैठक में शामिल !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : अगले वर्ष प्रस्तावित
लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने के लिए एक महागठबंधन
पर चर्चा करने के वास्ते सोमवार को यहां शीर्ष विपक्षी नेताओं की बैठक होगी। यह
बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बैठक मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम
विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा और संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक
दिन पहले होगी। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होते ही विपक्षी दलों ने 2019 लोकसभा चुनावों को लेकर
भाजपा की घेराबंदी शुरू कर दी। टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू की ओर से संसद
सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले बुलाई मीटिंग में अरविंद केजरीवाल हिस्सा
लेंगे। नायडू ने उन्हें न्योता भेजा था। यह पहला मौका है जब अरविंद केजरीवाल
विपक्षी एकता की होने वाली कोई रणनीतिक मीटिंग में भाग लेंगे।इससे पहले, वह बिहार में नीतीश कुमार
की महागठबंधन सरकार और कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ में विपक्षी जुटान में गए
थे, लेकिन तब कोई इस तरह की
मीटिंग नहीं थी। मीटिंग में केजरीवाल के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी, यूपीए संयोजिका सोनिया
गांधी सहित विपक्ष के तमाम सीनियर नेता भाग ले रहे हैं।महागठबंधन की कोशिशों में जुटे आंध्रप्रदेश के
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली में सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई
है। इसमें सपा नेता मुलायम सिंह यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल के भी शामिल होने की उम्मीद है। मुलायम सिंह ने रविवार को कहा कि
वे दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होंगे। ममता बनर्जी भी
इसमें शामिल होने के लिए रविवार को दिल्ली पहुंचीं। यह बैठक पहले 22 नवंबर को रखी गई थी,
लेकिन 5 राज्यों में चुनाव के
चलते इसे टाल दिया गया था। नायडू 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ सभी क्षेत्रीय दलों को
एकजुट करने पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंनेकहा था कि जो पार्टियां देश को बचाना चाहती हैं,
उन्हें साथ काम करना
होगा। विपक्षी दलों की इस बैठक में शीतकालीन सत्र को लेकर भी चर्चा होगी।
पार्टियां किसान, बेरोजगारी, राफेल और महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार को घेरने पर
रणनीति बनाएंगी। सूत्रों के मुताबिक- बैठक का मुख्य एजेंडा गैर-भाजपा फ्रंट रहेगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख
फारूक अब्दुल्ला, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव एस
सुधाकर रेड्डी के भी बैठक में हिस्सा लेने की उम्मीद है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
(द्रमुक) अध्यक्ष एम के स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और
लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेता शरद यादव भी इस बैठक में शामिल हो सकते
हैं।स्टालिन रविवार को दिल्ली पहुंचे।
उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की भी बधाई दी। राहुल और
सोनिया गांधी भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। चंद्रबाबू गठबंधन में कांग्रेस के
शामिल रहने की बात कह चुके हैं। उन्होंने देश बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी बताया
था। सूत्रों का कहना है कि चुनाव के पहले और चुनाव के बाद भी गठबंधन हो सकता है।
इसका फैसला राज्य के हितों को देखते हुए लिया जाएगा। एनसीपी के नेता डीपी त्रिपाठी
ने कहा कि बढ़ती कीमतें, जीएसटी का बुरा प्रभाव, बेरोजगारी और संविधान पर
खतरा भी चर्चा में शामिल रहेगा। दिल्ली के सीएम विपक्षी एकता की मीटिंग में तब भाग
ले रहे हैं, जब दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और आप में
समझौते की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, दोनों दलों ने इस बात को
खारिज किया है। सूत्रों के अनुसार, 2019 आम चुनाव में इस समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया गया
है। बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि दिल्ली कांग्रेस की कमान अजय माकन से निकलकर शीला
दीक्षित के हाथों में दी जा सकती है, क्योंकि अजय माकन 'आप' और कांग्रेस मंकिसी तरह के गठबंधन के सख्त खिलाफ थे। कांग्रेस और 'आप' इस मामले में कुछ ठोस
संकेत देने से इनकार कर रहे हैं।'आप' नेताओं के अनुसार
चंद्रबाबू नायडू,ममता बनर्जी जैसे क्षेत्रीय नेताओं के साथ अरविन्द केजरीवाल
पहले भी मंच साझा करते रहे हैं। दरअसल ममता बनर्जी और नायडू केजरीवाल को विपक्षी
एकता में शामिल करने के पक्ष में हैं। इसके लिए दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष
राहुल गांधी से भी बात की थी। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और सीनियर नेतृत्व आप
को विपक्षी एकता में शामिल करने के सुझाव के विरोध में नहीं है, लेकिन वह पहले राज्य
नेतृत्व को इसके लिए विश्वास में लेना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद भवन
सौंध में होने वाली बैठक के दौरान विपक्षी दल सरकारी विधेयकों और राफेल सौदे तथा
किसानों से संबंधित मुद्दों पर अपने रूख पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि
न केवल गैर-भाजपा दलों के प्रमुखों बल्कि केरल,पंजाब और पुडुचेरी के
मुख्यमंत्रियों को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार,
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी)
की प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला,
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट
पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव
एस सुधाकर रेड्डी के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन,
आम आदमी पार्टी (आप) के
संयोजक अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और
लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेता शरद यादव भी उन लोगों में शामिल हैं जो इस
बैठक में भाग ले सकते है। सपा के एक सूत्र ने बताया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के
अध्यक्ष अखिलेश यादव के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है लेकिन यदि वह
किसी कारणवश नहीं शामिल हो पाये तो पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव बैठक में
मौजूद रहेंगे राकांपा नेता डी पी त्रिपाठी ने कहा,‘महंगाई, नोटबंदी और जीएसटी के
दुष्प्रभाव, बेरोजगारी आदि बैठक के एजेंडे में होंगे।’ आप नेताओं ने नायडू
द्वारा बुलाई गई विपक्ष की बैठक में पार्टी की भागीदारी की पुष्टि की। इससे पूर्व 22 नवम्बर को बैठक किये
जाने की योजना थी लेकिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के कारण इसे टाल दिया
गया था।