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राष्ट्रीय
By   V.K Sharma 10/12/2018 :15:09
मिशेल के बाद माल्या को पकड़ने लंदन पहुंची CBI टीम प्रत्यर्पण कैस पर आज होगी अहम सुनवाई, राजनीति की वजह से भारत में मेरी निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी : माल्या
 



 

 

 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण को लेकर सबकी निगाहें आज ब्रिटेन की अदालत पर रहेंगी। आज तय हो सकता है कि माल्या का ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पण होगा या नहीं। इस बीच, विजय माल्या ने रविवार को हमारे सहयोगी न्यूज़ ग्राउंड की टीम से एक खास बातचीत में कहा कि वह सभी बकायों का चुकाना चाहते है लेकिन माल्या ने कहा, 'मैंने कर्नाटक हाई कोर्ट को अपनी 14,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों का ब्योरा दिया था। मैंने गुजारिश की थी अदालत की निगरानी में इन संपत्तियों को बेचा जाए। अदालत सभी कर्जदाताओं और कर्मचारियों को होने वाले भुगतान का फैसला कर सकती है। मेरे पास पर्याप्त पैसे थे। 'क्या आज  अगुस्टा वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाने में सफल रही मोदी सरकार क्या विजय माल्या को भी भारत लाने में कामयाब होगी? यह सवाल इसलिए अहम हो गया है क्योंकि सरकारी बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर लंदन भागे शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस में फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। आज (सोमवार) को इस मामले की होगी अहम सुनवाई इसमें हिस्सा लेने के लिए सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर एस साई मनोहर की अगुआई में अधिकारियों की एक टीम लंदन के लिए रवाना हुई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। भारतीय जांच एजेंसियां माल्या को प्रत्यर्पित करा स्वदेश वापस लाने की कोशिश कर रही हैं।मनोहर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की जगह लेंगे, जो अभी तक ट्रायल में हिस्सा ले रहे थे। सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के साथ विवाद के बाद सरकार ने अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारी भी सीबीआई अधिकारियों के साथ गए हैं। मनोहर अस्थाना की अगुवाई वाली एसआईटी का हिस्सा थे।  किंगफिशर एयरलाइन्स के मालिक रहे 62 वर्षीय विजय माल्या पिछले साल अप्रैल से बेल पर है. अभी तक सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा इस सुनवाई में शामिल हो रहे थे, माल्या पर तकरीबन 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है. इससे पहले विजय माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि वे बैंकों का पूरा पैसा लौटाने के लिए तैयार है, लेकिन उसने कहा था कि वो मूलधन देने को तैयार है. क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद भारत को उम्मीद है कि माल्या को भी उसे सुपुर्द कर दिया जाएगा. मिशेल के प्रत्यर्पण के कुछ ही घंटे के बाद माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि उसका मामला बिलकुल अलग है. प्रत्यर्पण पर उसने मीडिया को दोषी ठहराते हुए कहा कि उसे जबरन दोषी ठहराया जा रहा है. माल्या ने कहा कि मेरा मामला अलग है और यह अपनी कानूनी कार्रवाई पूरी करेगा. जहां तक बैंकों के पैसों की बात है तो मैंने इसे पूरा 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है. मैं पूरी विनम्रता से बैंक और सरकार से कहता हूं कि वे पैसा ले लें. अगर मेरी पेशकश को अस्वीकार कर दिया गया तो क्यों? विजय माल्या ने कहा था कि नेता और मीडिया लगातार मुझे डिफॉल्टर बताते हुए कह रहे कि मैं बैंकों का पैसा लेकर भाग गया हूं. ये सब गलत है. मेरे कर्नाटक हाईकोर्ट में सेटलमेंट के प्रस्ताव की बात क्यों नहीं की जाती. माल्या ने कहा कि सभी मेरे साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं. 30 साल तक किंगफिशर ने भारत में शराब का कारोबार किया. इस दौरान कई राज्यों की मदद भी की. किंगफिशर एयरलाइंस सरकार को भी भरपूर भुगतान कर रही थी. लेकिन इस शानदार एयरलाइंस का दुखद अंत हुआ. फिर भी मैं बैंकों का भुगतान करना चाहता हूं जिससे उन्हें कोई घाटा न हो. माल्या ने कहा कि प्लीज मेरा ये ऑफर स्वीकार करें. विमान के ईंधन में हुई बढ़ोत्तरी को किंगफिशर के बर्बाद होने का कारण बताते हुए माल्या ने कहा कि किंगफिशर एक शानदार एयरलाइंस थी, जिसने क्रूड ऑयल की 140 डॉलर प्रति बैरल के उच्चुतम कीमत का सामना किया. माल्या मनी लॉन्ड्रिंग और ऋण की रकम दूसरे मद में खर्च करने के अलावा 9,000 करोड़ रुपये के ऋण की अदायगी नहीं करने के मामले का सामना कर रहा है। वह लंदन में स्वनिर्वासन में रह रहा है। माल्या अपने खिलाफ सीबीआई के लुकआउट नोटिस को कमजोर किए जाने का फायदा उठाते हुए मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया था।  गौरतलब है कि हाल ही में माल्या ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर कहा था, 'मैंने एक रुपया भी उधार नहीं लिया। ऋण किंगफिशर एयरलाइन ने लिया था। कारोबार के वास्तव में और दुखद रूप से नाकाम होने पर यह धन डूबा। गारंटर होना धोखाधड़ी नहीं है।'  विजय माल्या सोमवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत में पेश होगा। पिछले साल अप्रैल से प्रत्यर्पण वॉरंट के बाद से माल्या जमानत पर हैं। माल्या के खिलाफ प्रत्यर्पण का मामला मजिस्ट्रेट की अदालत में पिछले साल 4 दिसंबर को शुरू हुआ था। विजय माल्या ने आगे कहा, 'स्पष्ट है कि सरकार ने एक तरफ बैंकों को कहा था कि मेरी पेशकश को स्वीकार न करें, वहीं दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मेरी संपत्तियों को जब्त करने को कहा गया था। मैं उस धारणा को दुरुस्त करना चाहता हूं कि मैंने सरकारी धन की चोरी की और देश छोड़कर भाग गया। इसके उलट, मैंने किंगफिशर एयरलाइंस को बचाने के खुद का 4,000 करोड़ रुपये लगाया। बैंक 100 प्रतिशत मूलधन ले लें ताकि जनता के धन को कोई नुकसान न हो। ब्याज पर कोई स्वतंत्र अदालत फैसला करे।'  माल्या ने कहा कि अपनी छवि और मीडिया में मौजूदगी की वजह से मैं बैंक डिफॉल्ट का पोस्टर बॉय बन गया। यह पूछने पर कि उन्हें भारत लौटने को लेकर सबसे ज्यादा किस बात का डर है, तो उसने बताया, 'राजनीति से प्रेरित मामले में निष्पक्ष सुनवाई की कमी मेरा सबसे बड़ा डर है। राजनेता मुझे कई नए अपराधों का आरोपी बना देंगे।'



V.K Sharma
Editor in Chief
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