Telangana Election 2018 Live Updates: राजस्थान और तेलंगाना में आज वोटिंग, 11 बजे तक 23.4% मत पड़े , वोटर लिस्ट से कई नाम गायब !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : विधानसभा चुनाव 2019
में राजस्थान की 200
और तेलंगाना की 119
सीटों के लिए आज वोटिंग
है. राजस्थान विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी अहम है, क्योंकि यहां बीजेपी के
लिए सत्ता बचाने की चुनौती है. वहीं कांग्रेस के लिए 2019 लोकसभा चुनाव से पहले जीत
हासिल कर पटरी पर लौटने का मौका है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जीत की उम्मीद लगाए
बैठी हैं और उनका दावा है कि फिर से बीजेपी की वहां जीत होगी. उधर, तेलंगाना में मुख्यमंत्री
केसीआर यानी के चंद्रशेखर राव के लिए दोहरी मुसीबत है. इस बार उनके सामने कांग्रेस
और टीडीपी साथ-साथ है. टीआरएस के सामने कांग्रेस और चंद्रबाबू नायडू ही नहीं,
बल्कि बीजेपी भी है.
राजस्थान में आज 199 सीटों पर वोटिंग हो रही है, वहीं तेलंगाना की पूरे 119
सीटों पर. पांचों राज्यों
में हो रहे चुनाव के परिणामों का ऐलान 11 दिसंबर को होगा. हालांकि, आज हो रही वोटिंग के लिए
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने कहा कि मतदान सुबह सात
बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे संपन्न होगा. जबकि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित
क्षेत्रों के रूप में चिन्हित की गयी 13 सीटों पर मतदान शाम चार बजे तक ही होगा.' कुमार ने बताया कि चुनाव
में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़न दस्ते मुस्तैद
रहेंगे. वहीं, 448 निगरानी टीमें हालात पर नजर रखेंगी. साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीमें भी
बनाई गई हैं. राज्य विधानसभा चुनाव को सुगम बनाने के लिए डेढ़ लाख से अधिक मतदान
अधिकारी चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. राज्य में कुल 2.80
करोड़ मतदाता विधानसभा
चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इस चुनाव के लिए कुल 32,815
मतदान केंद्र बनाए गए
हैं. चुनाव प्रचार बुधवार शाम पांच बजे संपन्न हो गया. अतिरिक्त महानिदेशक (कानून
व्यवस्था) जितेंद्र ने गुरुवार को बताया कि 25,000 केंद्रीय सुरक्षा बलों और
अन्य राज्यों के 20,000 बलों सहित करीब एक लाख पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए
हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती
इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई. तेलंगाना विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल
लोकसभा चुनाव के साथ-साथ होना था लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक छह
सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से
पहले चुनाव कराने का विकल्प चुन कर एक बड़ा दाव चला था. सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी
चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने तेदेपा, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ एक गठबंधन बनाया है.
टीआरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ने का फैसला किया हैराव अपनी
पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने कद्दावर
नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा. कांग्रेस के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया
गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने चुनाव रैलियों के
संबोधित किया. जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पार्टी अध्यक्ष
अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया. राहुल ने तेदेपा प्रमुख एवं
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एक संयुक्त सभा को भी
संबोधित किया था. राव ने 100 सीटों पर जीत हासिल करने का दावा किया है. वहीं, राहुल ने बुधवार को कहा
कि कांग्रेस नीत गठबंधन अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है. हालांकि, पिछला चुनाव (2014)
तेदेपा के साथ गठजोड़ कर
लड़ने वाली भाजपा ने कहा कि उसने इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है. चुनाव
मैदान में एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 1,821उम्मीदवार अपनी किस्मत
आजमा रहे हैं. 11दिसंबर को चुनाव का
काउंटिंग होगी.