खालिस्तानी चावला के साथ नजर आने पर बोले सिद्धू 'पाकिस्तान में मेरी हजारों तस्वीरें ली गईं, मुझे नहीं पता कौन है गोपाल चावला' !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : पंजाब के स्थालनीय
निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास समारोह
में शामिल होने के बाद वीरवार को भारत लौट आए। पिछले पाकिस्तान दौरे की तरह ही इस
बार भी सिद्धू विवादों में घिर गए। उनका खालिस्ताानी आतंकी गोपाल सिंह चावला के
साथ फोटो पर विवाद हो रहा है। इस पर सफाई देते हुए सिद्धू ने कहा, गोपाल सिंह चावला कौन है,
मैं नहीं जानता।
पाकिस्तान में मेरी पांच से दस हजार फोटो खींची गईं। कौन चावला था और कौन चीमा,
मुझे नहीं मालूम। वीरवार
शाम अटारी बॉर्डर पर पत्रकारों से बातचीत में नवजोत सिंह सिद्धू ने पूरे मामले में
नपे-तुले शब्दों में अपनी सफाई दी। सिद्धू 27 नवंबर को पाकिस्तान गए थे। सिद्धू ने
कहा कि जिस प्रकार लोग भारत में मुझे स्नेह देते हैं, वैसे ही पाकिस्तान के
लोगों ने मुझे प्यार दिया। वहां के लोगों ने इस कदर प्यामर दिया कि हर शख्स मरे
साथ फोटो खिंचवाना चाहता था। इन लोगों में कौन क्या है, यह मैं नहीं जानता। वैसे
भी जिस पेड़ पर अधिक फल लगते हैं, पत्थर भी उसे ही मारे जाते हैं।भारत आने के बाद मीडिया से
बात करते हुए सिद्धू ने कहा कि दोनों देशों के बीच दुश्महनी खत्महोनी चाहिए. बता दें कि खालिस्तान समर्थक नेता
गोपाल चावला के साथ सिद्धू की तस्वीरें वायरल होने के बाद देश में राजनीति तेज हो
गई है. इस पर जवाब देते हुए सिद्धू ने कहा, "पाकिस्तान में मेरी 5-10
हजार तस्वीरें खींची गईं, मुझे नहीं पता गोपाल चावला कौन है." सिद्धू ने जोर
दिया कि दोनों देशों के बीच अब दुश्मनी खत्म होनी चाहिए. उन्होंने कहा,
" इंसान चाहे तो पत्थर भी
पिघल सकता है. 71 साल का लंबा इंतजार खत्मर हो रहा है. ईश्व र के रास्तेन नई
शुरुआत हो रही है. नानक के नाम पर दोनों देशों के बीच नई शुरुआत हो रही है."
पाकिस्तावनी मीडिया को संबोधित करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि करतारपुर
कॉरिडोर संभावनाओं का गलियारा है. इस कॉरिडोर से ही पाकिस्तािन और भारत के बीच
शांति लाई जा सकती है. पाकिस्तान की ओर से बुधवार को इमरान खान ने करतारपुर
कॉरिडोर की आधारशिला रखी. यह कॉरिडोर भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में
गुरुद्वारा दरबार साहिब की पूजा करने में सहायता करेगा. करतारपुर में सिख धर्म के
संस्थापक गुरु नानक देव 18 सालों तक रहे थे. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि करतारपुर
कॉरिडोर संभावनाओं का गलियारा है. इस कॉरिडोर से ही पाकिस्तांन और भारत के बीच
शांति लाई जा सकती है. नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यांस समारोह
में हिस्सा लेने पाकिस्तान गए थे। बुधवार को हुए इस समारोह में वे खालिस्ताडनी
आतंकी गोपाल सिंह चावला के भी साथ नजर आए। चावला पर कुछ दिन पहले अमृतसर में
निरंकारी भवन पर ग्रेनेड अटैक कराने का भी आरोप है। गोपाल सिंह चावला के नाम से
बने फेसबुक अकाउंट पर एक तस्वीर डाली गई है। इस फोटो में सिद्धू के साथ चावला नजर
आ रहा है। इसमें चावला के हवाले से लिखा गया है ' विद सिद्धू पा जी'। इस फोटो की सत्यता की
पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, सिद्धू ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। लगातार
विवादों में सिद्धू 1988 के दौरान सिद्धू ने पटियाला में 65 साल के गुरनाम सिंह को
थप्पड़ मार दिया था। इससे गुरनाम की मौत हो गई थी। निचली अदालत ने सिद्धू को बरी कर
दिया था। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो 2006 में सिद्धू को तीन साल कैद और एक लाख रुपए
जुर्माने की सजा सुनाई गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई 2018 को सिद्धू पर सिर्फ एक हजार
रुपए जुर्माना लगाया। अब इस मामले में फिर से पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।
इलाके पर ध्यान नहीं देने का आरोप भी लगा जब सिद्धू भारतीय जनता पार्टी में शामिल
थे, तब उन पर इलाके पर ध्यान
नहीं देने का आरोप लगे। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए तो पैदाइशी कांग्रेसी
होने के उनके बयान पर भी अच्छी-खासी राजनीतिक खींचतान हुई थी। अगस्त 2018 में
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बने अपने क्रिकेटर दोस्त इमरान खान के ताजपोशी समारोह
में पाक आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा के गले लगने का विवाद अभी तक सुर्खियों में है।
यह अलग बात है कि सिद्धू अपनी तरफ से करतारपुर साहिब गलियारा खोले जाने की बात पर
भावुक होने का तर्क दे चुके हैं। 3 अक्टूबर को सिद्धू ने पंजाब में अफीम की खेती
को कानूनी मंजूरी दिलवाने के लिए अफीम के नशे को ड्रग्स के नशे से बेहतर बताया था।
इस बात पर काफी विवाद हुआ था। उस वक्त सिद्धू ने कहा था कि उनके चाचा भी अफीम का
सेवन करते आए हैं। 19 अक्टूबर को दशहरे के दिन अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास ट्रेन
से 65 लोगों की मौत को सिद्धू ने कुदरत का भाणा (कुदरत की मर्जी) कहा था। इसके बाद
वे विपक्षियों के निशाने पर आ गए। यह बयान उन्होंने अपनी पत्नी के पक्ष में दिया
था, जो उस कार्यक्रम में
मुख्य अतिथि थीं।