उत्तराखंड निकाय चुनाव 2018 : महापौर की 7 में से 5 सीट पर BJP का शानदार प्रदर्शन, 2 पर कांग्रेस का कब्जा !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : उत्तराखंड के नगर
निकाय चुनाव में भाजपा (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने सात में पांच नगर
निगमों में मेयर (Mayor) पद पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस ने निगमों के मेयर पर
सफलता हासिल की है। नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों पर भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन
करते हुए 18 नगरों में सफलता हासिल
की। वहीं, कांग्रेस को सिर्फ सात और
निर्दलियों को 12 जगह सफलता मिली है। अलबत्ता नगर पालिकाओं में कांग्रेस का
प्रदर्शन अच्छा रहा। कांग्रेस 14 पालिकाओं में अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने में कामयाब रही।
भाजपा को 13 और निर्दलीय
प्रत्याशियों को 11 नगर पालिकाओं में कामयाबी मिली है। दरसल हालही में 18
नवंबर को महापौर में मेयर और अध्यक्ष पद
की 84 सीटों पर देर रात तक
जारी मतगणना के बाद बुधवार की सुबह 83 सीटों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इसमें 34 सीटों पर भाजपा ने जीत
हासिल की है। जबकि कांग्रेस के खाते में 25 सीटें आई हैं। वहीं 23 सीटों पर जीत हासिल कर
निर्दलीय प्रत्याशियोंने दमदार उपस्थिति
दर्ज कराई है। जबकि बसपा ने एक सीट पर कब्जा किया। लेकिन आप , सपा और क्षेत्रीय पार्टी
उक्रांद का सूपड़ा साफ हो गया।बता दें कि
मेयर की 7 सीटों में से देहरादून,
हरिद्वार, काशीपुर, ऋषिकेश, रुद्रपुर, कोटद्वार और हल्द्वानी
सीटों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें पांच सीटों देहरादून, ऋषिकेश, काशीपुर, रुद्रपुर और हल्द्वानी
में भाजपा का परचम लहराया। जबकि पहली बार अस्तित्व में आए कोटद्वार नगर निगम में
कांग्रेस की हेमलता नेगी पहली मेयर चुनी गई हैं। वहीं हरिद्वार में भी कांग्रेस ने
जीत हासिल की है। चमोली जिले की पोखरी नगर पंचायत के अध्यक्ष के साथ ही एक वार्ड
का परिणाम रोका गया है। वहां वार्ड सात के देवर बूथ के मतपत्रों पर पीठासीन
अधिकारी के दस्तखत नहीं थे। मतगणना के दौरान जब इस बूथ की मतपेटी खुली तो ये बात
सामने आई। इस मामले में चमोली की डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित
पीठासीन अधिकारी के निलंबन की संस्तुति करने के साथ ही बूथ में तैनात चार
मतदानकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के
बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने पोखरी नगर पंचायत के इस वार्ड में 22 नवंबर को पुनर्मतदान के
आदेश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट के अनुसार इस बूथ में 22 नवंबर को सुबह आठ से शाम
पांच बजे तक मतदान होगा। मतदान के बादमतगणना होगी और फिर देर शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही
प्रदेश में वार्ड मेंबर की 1064 सीटों में से 1018 के परिणाम आ चुके हैं। बाकी की गणना जारी है।
भाजपा : निकाय चुनाव के नतीजों और रुझानों से साफ है कि
भाजपा को और अनुशासित होना पड़ेगा। पार्टी केवल अपनी साख बचाने में कामयाब हुई है।
सात नगर निगमों में से तीन हरिद्वार, हल्द्वानी और कोटद्वार में पिछड़ने से भाजपा की चुनावी
रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले निकायों में बड़ी जीत की
उम्मीद को लगा झटका सबक है।
कांग्रेस : विधानसभा चुनाव में हाशिये पर आई कांग्रेस को
निकायों के नतीजे राहत देते दिख रहे हैं। पार्टी ने अपना प्रदर्शन सुधारा है।
पार्टी प्रदेश नेतृत्व को ये नतीजे नई ऊर्जा देेंगे। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले
कांग्रेस ने शहरी वोट बैंक के बीच उपस्थिति दर्ज करवा कर सत्ताधारी भाजपा की
चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि पार्टी को अभी और संगठित होने की जरूरत है।
अन्य दल : भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले अन्य दलों उक्रांद,
आम आदमी पार्टी, बसपा और सपा की उपस्थिति
बेहद कमजोर रही। प्रदेश की सियासत में तीसरे विकल्प या मोर्चे की संभावनाओं के लिए
नतीजे बड़ा झटका हैं। छोटे दलों को अपनी रणनीति में सुधार करना होगा।
निर्दलीय : निकाय चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी
निर्दलियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। जनता ने कांग्रेस और भाजपा के विकल्प के तौर पर
अन्य दल की जगह निर्दलियों को चुना। पार्षदों के चुनाव में उनका प्रदर्शन बेहद
जोरदार रहा। इससे साफ है कि मेयर और अध्यक्ष कोई भी हो, लेकिन बोर्ड में उनका भी
दबदबा रहेगा।
इस बार पूरे प्रदेश में मतपत्रों से चुनाव हुए। 2013 के चुनाव की तरह इस बार
चार नगर निगमों में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया गया। इस वजह से चुनाव के नतीजे
आने में खासी देरी हो गई।
छोटे नगर निकायों के नतीजे दोपहर तक आने शुरू हो गए। जबकि
नगर निगम के मेयर पदों के नतीजे देर रात आने शुरु हुए। बुधवार सुबह तक मेयर की सभी
सीटों पर परिणाम घोषित हो गए। लेकिन वार्ड मेंबर के लिए मतगणना जारी रही।
उत्तराखंड के स्थानीय निकायों के चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी के लिए कहीं
से खुशी आई तो कहीं से गम. डोईवाला नगर पालिका सीट पर भाजपा को झटका लगा है.
डोईवाला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधानसभा सीट है. डोईवाला नगर पालिका
में कांग्रेस की प्रत्याशी सुमित्रा मनवाल ने 196 वोटों से जीत दर्ज की
है. कांग्रेस की जीत पर भाजपा प्रत्याशी नगीना रानी ने फिर से वोटों की गिनती
कराने की मांग की है.
प्रदेश में 1257 मतदान केंद्रों में बनाए गए 2664 मतदेय स्थलों पर रविवार
को मतदान हुआ था। पूरे प्रदेश में 69.79 प्रतिशत मतदान हुआ। सात नगर निगम, 39 नगर पालिका परिषदों और 38 नगर पंचायतों में चुनाव
कराए गए हैं। 1148 पदों के लिए 4978 उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में बंद था।
देहरादून नगर निगम
-देहरादून में मेयर प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा 35632 वोट से जीते
हरिद्वार नगर निगम
हरिद्वार में नगर निगम मेयर पद पर कांग्रेस की अनीता शर्मा
जीती। अनीता शर्मा ने बीजेपी की अन्नू कक्कड को करीब 8000 वोटों से हराया।
हल्द्वानी नगर निगम
हल्द्वानी में मेयर पद बीजेपी के जोगेंद्र रौतेला ने दस
हजार 854 वोटों से जीता। उन्होंने
कांग्रेस के सुमित ह्दयेश को हराया।
कोटद्वार नगर निगम
कोटद्वार नगर निगम में मेयर पद कांग्रेस की हेमलता नेगी ने
जीती। उन्होंने निर्दलीय विभा चौहान को एक हजार 568 वोटों से हाराया
ऋषिकेश नगर निगम
ऋषिकेश नगर निगम में भाजपा से मेयर प्रत्याशी अनिता ममगाईं 11000 वोटों से जीती निर्दलीय
प्रत्याशी विना दीप शर्मा को हराया कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।
रुद्रपुर नगर निगम
रुद्रपुर में मेयर पद पर भारतीय जनता पार्टी के रामपाल लगभग
4500 वोटों से चुनाव जीते।
काशीपुर नगर निगम
काशीपुर में मेयर पद पर बीजेपी उम्मीदवार ऊषा चौधरी पांच
हजार 472 वोटों से जीती। नगर
पालिका (Municipality) और नगर पंचायत (Nagar Panchayat) के अध्यक्ष पद पर भाजपा
ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक निकायों में सफलता हासिल की है। जबकि वार्ड
सदस्यों के पदों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा और कांग्रेस करारी हार का स्वाद
चखा दिया। अब तक घोषित सभासदों के नतीजों में दोनों दल मिलकर भी निर्दलीयों के
बराबर सीटें नहीं ला सके हैं। अब तक घोषित 67 परिणामों में से भाजपा 27 शहरी निकायों में
अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। 21 निकायों में निर्दलियों ने बाजी मारी है, जबकि कांग्रेस को 19 निकायों में अध्यक्ष पद
पर कामयाबी मिली है। नगर निगमों में भाजपा को बढ़त : ऋषिकेश व रुद्रपुर नगर निगम
में भाजपा प्रत्याशी अनिता ममगाईं और रामपाल ने जीत दर्ज कर ली थी।जबकि कोटद्वार में कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता
नेगी 1578 वोटों से विजयी रहीं।
अन्य चार में नगर निगमों में मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए थे। इसमें
दून, काशीपुर हल्द्वानी,
हरिद्वार शामिल हैं।
सभासदों में निर्दलियों का जलवा रहा
इधर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के सभासदों में निर्दलीय
प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। हालांकि नगर निगमों में दलीय सभासद ज्यादा जीते
हैं। खबर लिखे जाने तक सभासदों के कुल 1064 पदों में से 817 वार्डों में परिणाम घोषित हो चुका है। इसमें निर्दलीय
उम्मीदवार सर्वाधिक 464 वार्डों में कामयाब हुए हैं। जबकि भाजपा के 215 और कांग्रेस के 132 सभासद निर्वाचित हुए
हैं। जबकि बसपा, आप के दो-दो और यूकेडी और सपा के भी एक एक सभासद जीत चुके
थे।
नगर पंचायत घनसाली मेंअध्यक्ष पद पर आठ बार गिने गए वोट
नगर पंचायत घनसाली में अध्यक्ष पद पर हुई मतगणना में तीन
निर्दलीय प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने से मतगणना में लगे कर्मचारियों को आठ बार
वोटों की गिनती करनी पड़ी। आठवीं बार हुई मतगणना में शंकर पाल सजवाण को 496,
नागेंद्र सजवाण को 495 व साब सिंह कुमाईं को भी
495 मत मिले। इस तरह
निर्दलीय शंकर पाल ने यहां एक वोट से जीत दर्ज की।
पिथौरागढ़ में कांग्रेस, चंपावत में भाजपा साफ
कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो
गया। यहां पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला और गंगोलीहाट में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज
की है। जबकि चंपावत जिले के चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर और बनबसा में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा।
रुझान के लिए करना पड़ा इंतजार
नगर निकाय चुनाव के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से सभी निकायों
में एक साथ मतगणना शुरू हुई। बैलेट पेपर से मतगणना होने के चलते शुरुआती रुझान और
नतीजे जानने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। दस बजे के करीब छोटे निकायों से
सबसे पहले वार्ड सदस्यों के रुझान आने शुरू हुए। इसके बाद धड़ाधड़ रुझान अंतिम
परिणाम में भी बदलने लगे। रात दस बजे तक प्रदेश के 39 नगर पालिकाओं में से 33 के परिणाम घोषित हो चुके
थे, जिसमें भाजपा को दस,
कांग्रेस को 13 और निर्दलियों को दस
शहरों में अध्यक्ष के पद पर कामयाबी हासिल हुई है। इसी तरह 38 नगर पंचायतों में से 36 के परिणाम जारी हो पाए
हैं, जिसमें से भाजपा सर्वाधिक
18 नगर पंचायतों में
अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही है। कांग्रेस छह और निर्दलीय प्रत्याशी 12 नगर पंचायतों में
अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।