केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का आज होगा अंतिम संस्कार , PM मोदी ने बेंगलुरु पहुंचकर दी श्रद्धांजलि, भाजपा ने साढ़े 4 साल में खोया मंत्रिमंडल का तीसरा सहयोगी !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : केंद्रीय मंत्री अनंत
कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात बनारस से
सीधे बेंगलुरु पहुंचे. पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए मुख्यमंत्री
एचडी कुमारस्वामी पहुंचे थे. पीएम मोदी वहां से बसावनागुडी स्थित अनंत कुमार के
आवास गए जहां कुमार के पार्थिव शरीर को रखा गया था. पीएम मोदी ने यहां अनंत कुमार
के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट
की. पीएम मोदी अपने मंत्री अनंत कुमार के पार्थिव शरीर के पास हाथ जोड़े कुछ देर
के लिए खड़े रहे. पीएम मोदी ने कुमार की पत्नी तेजस्वनी और उनकी दो पुत्रियों
विजेता और ऐश्वर्या को सांत्वना दी. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला और कर्नाटक
भाजपा प्रमुख बी एस येदियुरप्पा भी मौजूद थे.अनंत कुमार के पार्थिव शरीर को
मंगलवार सुबह 9 बजे के बाद बेंगलुरु के नेशनल कॉलेज ग्राउंड पर रखा जाएगा, जहां पर लोग उन्हें
श्रद्धांजलि दे पाएंगे. उनके निधन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश में
राष्ट्रध्वज आधा झुकाने का निर्देश दिया है. इसी के मुताबिक राष्ट्रीय शोक भी
मनाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का असामयिक निधन बीजेपी और मोदी सरकार के
लिए बड़ा झटका है। 59 वर्ष के कुमार कैंसर से पीड़ित थे। छह बार के सांसद अनंत
कुमार भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के हमेशा करीब रहे। चाहे अटल बिहारी वाजपेयी या
लालकृष्ण आडवाणी का दौर रहा हो या मौजूदा नरेंद्र मोदी का समय, वह हमेशा पार्टी आलाकमान
के हिस्से रहे। कर्नाटक में बीजेपी की जड़े मजबूत करने वाले नेताओं में वह शुमार
थे। वाजपेयी सरकार में भी वह मंत्री रहे थे और उस वक्त कैबिनेट के सबसे युवा सदस्य
थे। ऐसे में साफ है कि उनका जाना पार्टी और सरकार के लिए बड़ा नुकसान है। अनंत
कुमार से पहले मोदी सरकार के दो और मंत्रियों का असामयिक निधन हुआ था। ये थे -
गोपीनाथ मुंडे और अनिल माधव दवे।बीजेपी
के दिग्गज नेता और मोदी सरकार में मंत्री गोपीनाथ मुंडे का 3 जून 2014 को निधन हो
गया था। वह महाराष्ट्र में भाजपा का बड़ा चेहरा थे। वह मोदी सरकार में ग्रामीण
विकास और पंचायती राज मंत्री थे पिछले साल मई में अनिल माधव दवे का निधन हुआ था।
वह मोदी सरकार में पर्यावरण मंत्री थे। नर्मदा नदी को बचाने के लिए अनिल माधव ने
बहुत काम किया था। उन्होंने पर्यावरण को बचाने के लिए कई किताबें भी लिखीं।
पर्यावरण मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल को 1 साल भी पूरा नहीं हुआ था। वह जल
संसाधन समेत कई समितियों के सदस्य रहे। अस्पताल ने बताया था कि केन्द्रीय संसदीय
कार्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता का सोमवार तड़के बेंगलुरु के एक निजी
अस्पताल में निधन हो गया. वह पिछले कई महीनों से फेंफड़े के कैंसर से जूझ रहे थे.
बेंगलुरु दक्षिण सीट से सांसद 59 वर्षीय कुमार ने श्री शंकरा कैंसर अस्पताल और
अनुसंधान केन्द्र में देर रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली. श्री शंकरा कैंसर
फाउंडेशन के न्यासियों के बोर्ड के अध्यक्ष बीआर नागराज ने बताया कि अमेरिका और
ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद कुमार हाल ही में यहां लौटे थे. केन्द्रीय मंत्री
के अंतिम समय में उनकी पत्नी तेजस्विनी और दोनों बेटियां भी वहां मौजूद थीं. नायडू
ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री कुमार के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें एक 'समर्पित राजनेता' बताया. उपराष्ट्रपति
सचिवालय ने ट्वीट करते हुए कहा कि नायडू ने उन्हें छात्र आंदोलन से लेकर संसद तक
का बताया है. उपराष्ट्रपति ने कहा, 'संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के निधन की खबर सुनकर
स्तब्ध हूं. वह छात्र आंदोलन से लेकर संसद तक कई वर्षों से मेरे सहयोगी थे. वह एक
समर्पित राजनेता थे.' केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद और चौधरी बिरेन्द्र सिंह
सहित अन्य नेताओं ने कुमार के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. सूचना
एवं प्रौद्योगिकी तथा विधि मंत्री प्रसाद ने कहा कि कुमार का असामयिक निधन पार्टी
के लिए अपूरणीय क्षति है. मैंने एक मित्र खोया है. हम सभी बहुत दुखी और शोकाकुल
हैं.' इस्पात मंत्री चौधरी
बिरेन्द्र सिंह ने कहा, 'कुमार दया और सेवा की प्रतिमूर्ति थे. दुख की इस घड़ी में
मैं उनके परिवारजनों के साथ हूं.' वहीं बिहार के राज्यपाल लाल जी टंडन और मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार ने भी केन्द्रीय रासायनिक व उर्वरक तथा संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार
के आकस्मिक निधन पर शोक-संवेदना व्यक्त की है. राज्यपाल लाल जी टंडन ने अपने शोक
संदेश में कहा है कि अपनी दूरदर्शी राष्ट्रवादी नीतियों, अद्भुत प्रशासनिक और
सांगठनिक क्षमता तथा संसदीय मामलों की विशेषज्ञता के कारण भारतीय राजनीति में उनकी
विशिष्ट पहचान थी. उन्होंने कहा कि अनंत जी के असामयिक निधन से भारतीय राजनीति को
अपूरणीय क्षति हुई है. राज्यपाल ने दिवंगत नेता की आत्मा को चिरशांति तथा उनके
परिजनों और प्रशंसकों को इस दारुण दुख को सहन करने के लिए धैर्य-धारण की क्षमता
प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कुमार
के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. नीतीश ने अपने शोक संदेश में
कहा कि वह एक कर्मठ एवं जुझारू राजनेता एवं प्रख्यात समाजसेवी थे. कर्नाटक की
राजनीति में उनका अहम योगदान था. उन्हें हमेशा अच्छे कामों के लिए याद किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन दुखद है. उनके निधन से
राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की
चिरशान्ति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण
करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील
कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि कुमार के असामयिक निधन से भारतीय जनता पार्टी ने
एक प्रभावी प्रशासक और कुशल संगठनकर्ता खो दिया है. विद्यार्थी परिषद और भाजपा में
काम करते हुए उनसे मेरा संबंध 40 साल का था. उनका निधन मेरे लिए निजी क्षति है