अजीबों-गरीब फरमान के बाद यहां सूर्यास्त से पहले नाइटी पहनने पर लगा है 'बैन', यहाँ नौ महीने से दिन में नाइटी नहीं पहन रहीं हैं महिलाएं !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :आपने अक्सर महिलाओं के जींस पहनने या मोबाइल
रखने पर प्रतिबंध के बारे में तो सुना होगा। भारत के पूर्वी राज्यों में ऐसे कई
मामले सामने भी आए हैं, लेकिन क्या आपने महिलाओं के नाइटी पहनने पर जुर्माने के
बारे में सुना है? आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के टोकलापल्ली गांव
में एक ऐसा ही मामला सामने आया है महिलाओं के नाइटी पहनने को लकेर अजीबोगरीब नियम
बनाया गया है. इस गांव में महिलाओं के दिन में नाइटी पहनने पर पांबदी लगायी गयी
है.अगर कोई महिला नियम का उल्लंघन करती
है, तो उससे जुर्माना वसूला
जायेगा. टोकलापल्ली गांव के बुजुर्गों के नौ सदस्यों की टीम ने नाइटी पहनने को
लेकर नियम बनाये है. इस नियम के तहत महिलाओं को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक नाइटी नहीं पहनने
चाहिए. अगर कोई महिला नियम का पालन नहीं करती हैं तो उस पर दो हजार का जुर्माना
लगाया जायेगा. गांव में कुल 1800 महिलाएं हैं. इस साथ, अगर कोई शख्स किसी महिला
के दिन में नाइटी पहनने का जानकारी बुजुर्गों को देगा तो उसे एक हजार रुपये इनाम
दिया जायेगा. बताया जा रहा है कि जुर्माना से एकत्रित पैसों का इस्तेमाल गांव के
विकास के लिए किया जायेगा. हालांकि, नाइटी पर बैन का आदेश नौ महीने पहले जारी हुआ था. लेकिन
राजस्व अधिकारियों के गांव का दौरा करने के बाद यह वायरल हुआ.दौरे के वक्त गांव के कुछ बुजुर्गों ने बताया
कि आदेश देने वाले बुजुर्गों ने धमकी दी है कि अगर इस मामले में कोई महिला दोषी
पाये जाने पर जुर्माना देने से इनकार करती है, तो उसका सामाजिक बहिष्कार
किया जायेगा. सरकारी अधिकारियों से कुछ भी नहीं बताने की भी चेतावनी दी गयी है. इस
दौरान कोई महिला इस नियम का विरोध करने के लिए आगे नहीं आयीं.गांव की महिला कृष्णा कुमारी ने कहा कि वे गांव
में सभी महिलाओं द्वारा बनाये गये नियमों का पालन करने से बहुत खुश हैं. उन्होंने
कहा कि हम सभी ने सामूहिक रूप से इस परंपरा का पालन करने का निर्णय लिया है. गांव
की एक और महिला सरस्वती ने कहा कि महिलाओं पर जुर्माना लगाने का ऐसा कोई निर्णय
नहीं लिया गया है यह सिर्फ अफवाह है. अगर नाइटी पहनी हुई महिलाएं जुर्माना देने से
मुकरती हैं तो बुजुर्ग उसके सामाजिक बहिष्कार की धमकी देते हैं. हालांकि, गांव की सरपंच फंतासिया
महालक्ष्मी ने कहा कि नाइटी पहनकर खुले में कपड़े धोना, दुकान से सामान लाना और
बैठक में शामिल होना अच्छानहीं है. इसलिए
कुछ महिलाओं ने इस पर बैन लगाने के लिए बुजुर्गों से अपील की थी. उन्होंखने इस बात
का खंडन किया कि जुर्माना नहीं देने पर सामाजिक बहिष्काथर की धमकी दी गयी है.