प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पुरस्कार देने की करी घोषणा !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर को पुलिस
स्मारक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा मोचन संचालनों में
शामिल लोगों का सम्मान करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पुरस्कार
देने की घोषणा की। यह पुरस्कार आपदा के समय लोगों की जान बचाने में बहादुरी और
साहस का प्रदर्शन करने के कार्य को पहचान देने के लिए प्रति वर्ष घोषित किया
जाएगा।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक
पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स घटना के तीन जीवित
सदस्यों को सम्मानित किया। श्री मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के संग्रहालय का
भी उद्घाटन किया और आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सेवा करने के लिए
अपना जीवन न्यौछावर करने वाले पुलिस कर्मियों के साहस और बलिदान को सलाम किया।
उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स लद्दाख में बहादुरी से लड़ने वाले बहादुर पुलिस कर्मियों
के बलिदानों को याद किया और उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति सम्मान व्यक्त
किया।राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित करने में खुशी
जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस स्मारक की केंद्रीय मूर्तिकला पुलिस
बलों की क्षमता, साहस और सेवा भावना का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने यह
भी कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से जुड़ी हर वस्तु देश के नागरिकों को पुलिस और
अर्धसैनिक कर्मियों की बहादुरी के बारे में शिक्षित करेगी। उन्होंने कहा कि
वर्तमान में देश जिस शांति,
सुरक्षा और समृद्धि का आनंद उठा रहा है वह पुलिस, अर्धसैनिक और सशस्त्र बलों के लगातार प्रयासों के कारण ही
संभव हुई है।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बलों और राज्य आपदा
मोचन बलों के योगदान का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बल राष्ट्रीय
आपदा मोचन बलों का महत्वपूर्ण अंग है और आपदाओं से निपटने में उनके योगदान बहुत
महत्वपूर्ण हैं।राष्ट्रीय पुलिस स्मारक के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा इस
स्मारक को एनडीए सरकार ने प्राथमिकता दी और इसे समय पर पूरा किया है। उन्होंने कहा
कि यह स्मारक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों को
अधिक से अधिक सम्मान देने के सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने
पुलिस बलों से अपने दैनिक कर्तव्य के निर्वहन में प्रौद्योगिकी और नवाचार को
अपनाने का अनुरोध किया। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना
(एमपीएफ) का उल्लेख किया जो प्रौद्योगिकी, आधुनिक संचार प्रणालियों
और आधुनिक हथियारों के माध्यम से पुलिस बलों का आधुनिकीकरण कर रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिस बलों को पुलिस और समाज के बीच
के बंधन को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इस संबंध में
प्रधानमंत्री ने पुलिस बलों से पुलिस स्टेशनों को नागरिकों के अधिक अनुकूल बनाने
का आग्रह किया।राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में केंद्रीय मूर्तिकला, कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान करने वाले
पुलिसकर्मियों के नाम उत्कीर्ण हुई साहस और वीरता दर्शाने वाली दीवार तथा शहीद पुलिस
कर्मियों की यादगार को समर्पित एक आधुनिक संग्रहालय शामिल है। कार्यक्रम के बाद
पीएम ने अपने ट्विटर पर ट्विट किया और कहा की “देश की सुरक्षा में समर्पित
प्रत्येक व्यक्ति को, यहां उपस्थित शहीदों के परिवारों को मैं पुलिस स्मृति दिवस
पर नमन करता हूं। आज का ये दिन आप सभी की सेवा के साथ-साथ, आपके शौर्य और उस सर्वोच्च बलिदान को याद करने का है, जो हमारी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की परिपाटी रही है आज
पुलिस बल से जुड़े उन हज़ारों शहीदों को याद करने का भी अवसर है जिन्होंने आज़ादी
से लेकर अब तक कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपना सर्वस्व, अपना जीवन न्योछावर कर
दिया। ऐसे हर वीर-वीरांगना को मैं शत-शत नमन करता हूं” “ ये मेरा सौभाग्य है कि
मुझे राष्ट्र सेवा और समर्पण की अमर गाथा के प्रतीक,राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल
को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है The Wall of Valor, पर उन 34 हजार 844 पुलिसकर्मियों का नाम है, जिन्होंने देश के अलग-अलग
राज्यों में, अलग-अलग चुनौतियों से निपटते हुए, अपना सर्वोच्च बलिदान दियाये आप सभी की सजगता का ही परिणाम है कि देश को अशांत करने
वाले तत्वों को निराशा हाथ लगती है। देश में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करने की
अनेक साजिशों को आपने नाकाम किया है” “ देश के नक्सल प्रभावित जिलों में जो जवान
अभी ड्यूटी पर तैनात हैं,
उनसे भी मैं यही कहूंगा कि आप बेहतरीन काम कर रहे हैं और
शांति स्थापना की दिशा में आप तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं अगर आज नक्सल प्रभावित
जिलों की संख्या कम हो रही है, उन इलाकों के ज्यादा नौजवान मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, तो इसमें आपके प्रयासों भी बड़ी भूमिका हैनॉर्थ ईस्ट में डटे हमारे साथियों काशौर्य और बलिदान भी अब
शांति के रूप में दिखने लगा है। शांति और समृद्धि का प्रतीक बन रहे हमारे
उत्तर-पूर्व के विकास में आपका भी योगदान है” “ आज का ये दिन देश में आपदा प्रबंधन
में जुटे, किसी प्राकृतिक संकट के समय या हादसे के समय, राहत के काम में जुटने वाले उन जवानों को भी याद करने का है, जिनकी सेवा की बहुत चर्चा नहीं की जातीबहुतों को तो ये पता तक नहीं होता कि कोई इमारत गिरने पर, नाव हादसा होने पर, आग लगने पर, रेल हादसा होने पर, राहत के काम की कमान
संभालने वाले ये लोग कौन हैं देश के हर राज्य में, हर पुलिस स्टेशन, हर पुलिस चौकी में तैनात, राष्ट्र की हर संपदा की
सुरक्षा में जुटे साथियों को, राहत के काम में जुटे साथियों को, आप सभी को, भी मैं बधाई देता हूं आज मुझे राष्ट्रीय पुलिस मेमोरियल पर
गर्व है, लेकिन कुछ सवाल भी हैं। आखिर इस मेमोरियल को अस्तित्व में
आने में आज़ादी के 70 वर्ष क्यों लग गए” “ जिस Hot Spring Incident के बाद पुलिसस्मृति दिवस मनाया जाता है, वो भी तो 60 वर्ष पहले की घटना है। फिर इतने वर्ष का इंतजार क्योंमैं मानता हूं कि कानूनी वजहों से कुछ वर्ष काम रुका, लेकिन पहले की सरकार की इच्छा होती, उसने दिल से प्रयास किया होता, तो ये मेमोरियल कई वर्ष पहले ही बनगया होता। लेकिन पहले की
सरकार ने आडवाणी जी द्वारा स्थापित पत्थर पर धूल जमने दी 2014 में जब फिर NDA की सरकार बनी तो हमने बजट
आवंटन किया और आज ये भव्य स्मारक देश को समर्पित की जा रही है। ये हमारी सरकार के
काम करनेका तरीका है। आज समय पर लक्ष्यों को प्राप्त करने की कार्यसंस्कृति विकसित
की गई है” “यहीं दिल्ली में पिछले साल आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का लोकार्पण किया
गया है। इस सेंटर पर चर्चा भी 1992 के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन दो दशक तक इसकी भी
फाइल दबी रही। इस सरकार के आने के बाद फाइल खोजी गई, सेंटर का शिलान्यास हुआ
और लोकार्पण भी ऐसे ही बाबा साहेब के घर, 26 अलीपुर रोड पर नेशनल
मेमोरियल बनाने का काम अटल जी के समय शुरू हुआ था। उनकी सरकार के जाने के बाद इस
प्रोजेक्ट पर भी काम रुक गया। हमारी सरकार आने के बाद शिलान्यास हुआ और इसी साल
अप्रैल में लोकार्पण भी हुआ” “मुझे गर्व है कि बीते चार वर्षों से हम फिर उस
परंपरा को स्थापित करने में सफल हुए हैं, जहां हर उस व्यक्ति का
सम्मान सुनिश्चित हुआ है,
जिसने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया है, और राष्ट्र निर्माण का प्रहरी है31 अक्तूबर को मुझे गुजरात के केवड़िया में सरदार पटेल जी की
भी गगनचुंबी प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मिलेगा। दुनिया की सबसे ऊंची
प्रतिमा, सरदार साहेब के देश के प्रति किए गए योगदान का प्रतिबिंब
होगी मेरा तो सुझाव होगा कि देश के लिए त्याग और तप करने वाले हमारे हर शहीद की
प्रतिमाएं उन स्कूलों में भी लगें जहां वो पढ़े थे, उन गावों में लगे जहां के
वो रहने वाले थे। जब हमारे विद्यार्थी हमारे महावीरों की प्रतिमाओं को देखेंगे तो
एक नई प्रेरणा उन्हें प्राप्त होगी” “ देश में विपदा की स्थिति में, किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सबसे पहले हमारी पुलिस
और पैरा मिलेट्री के जवान ही पहुंचते हैं। इनके बिना नेशनल डिसास्टर रिस्पॉन्स
फोर्स की कल्पना भी नहीं की जा सकती आपदा प्रबंधन में दूसरों का जीवन बचाने वाले
ऐसे पराक्रमी वीरों के लिए आज मैं एक सम्मान का ऐलान कर रहा हूं। ये सम्मान, भारत माता के वीर सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस
जी के नाम पर प्रतिवर्ष दिया जाएगा” “आज तकनीक ने जीवन को पूरी तरह से बदल दिया
है। जाहिर है इसका असर क्राइम के तौर-तरीकों पर भी पड़ा है। अपराधी टेक्नॉलॉजी को
हथियार बना रहे हैं। अफवाह औरसाइबर क्राइम एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा हैऐसे में दूसरी एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल के अलावा
पुलिस तंत्र को Technology
और Innovation
का समावेश अपने कामकाज में अधिक करना होगाMPF यानि Modernization of Police Forces स्कीम के तहत करीब 25 हजार करोड़ रुपए 2019-20 तक पुलिस
इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नॉलॉजी और ट्रेनिंग पर खर्च किए जा रहे हैंइस योजना से आधुनिक हथियार, पुलिस की मूवमेंट तेज़ी
से हो इसके लिए जरूरी सामान और टेक्नॉलॉजी, कम्यूनिकेशन सिस्टम का
आधुनिकीकरण, ऐसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं”