Breaking News
बंगाल में 'कमल' का कमाल: ममता का 15 साल का राज खत्म, पहली बार भाजपा सरकार  |  गाजियाबाद में भीषण अग्निकांड: सिस्टम, सुरक्षा और जागरूकता पर बड़ा सवाल   |  AAP में बड़ी टूट से पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल, आम आदमी पार्टी के सात सांसद भाजपा में शामिल  |  बंगाल में 92% वोटिंग: 10% उछाल से किसे फायदा पश्चिम बंगाल चुनाव   |  नारी शक्ति विधेयक: प्रतिनिधित्व का अधिकार, लोकतंत्र की कसौटी  |  मुक्तेश्वर धाम में उमेद सिंह बिष्ट का कमाल: बुरांश, नींबू और मालटा से तैयार मॉकटेल बना रोजगार का नया मॉडल”  |  दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के लिए एक सुनहरा अवसर  |  सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल ने दोबारा नेता चुना   |  सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल ने दोबारा नेता चुना  |  सम्राट चौधरी बिहार के नए सीएम शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने जा रहा है  |  
न्यूज़ ग्राउंड विशेष
By   V.K Sharma 23/10/2018 :13:52
पटाखा बिक्री से लेकर पटाखा जलाने तक सुप्रीम कोर्ट ने दिया सख्त दिशा-निर्देश, इलाके का दरोगा करेगा निगरानी !
 



 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. सर्वोच्च अदालत ने देश में कुछ शर्तों के साथ पटाखा बिक्री को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने कहा है कि कोशिश की जाए कि कम प्रदूषण वाले पटाखों का इस्तेमाल हो ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान ना पहुंच पाए. यानी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद साफ है कि इस दिवाली पर देश में पटाखों की गूंज जरूर सुनाई देगी और लोग धमाकेदार अंदाज में दिवाली मना पाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा फोड़ने के लिए समयसारिणी जारी कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, दिवाली पर लोग रात 8 बजे से 10 बजे तक, क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11.45 बजे से 12.15 बजे तक ही पटाखे बजा पाएंगे. इसके अलावा कोई भी विक्रेता ऑनलाइन पटाखे नहीं बेच पाएगा.  जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने बीते 28 अगस्त को इस मसले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के अलावा पटाखा व्यापारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत एनजीओ के पक्ष जाने थे. बेंच ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा था कि स्वास्थ्य के अधिकार और व्यापार में सामंजस्य बैठाने की जरुरत है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाजार में केवल मानक डेसीबल ध्वनि सीमा वाले पटाखों की बिक्री को ही अनुमति मिलेगी। शीर्ष अदालत ने साथ ही केंद्र से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दीपावली एवं अन्य त्योहारों के दौरान सामुदायिक स्तर पर पटाखे छोड़े जाने को प्रोत्साहन देने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को त्योहारों के दौरान सामुदायिक रूप से पटाखे छोड़े जाने की कोशिशों पर विचार करने का निर्देश दिया। SC ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 (जीवन के अधिकार) सभी वर्ग के लोगों पर लागू होता है और पटाखों पर देशव्यापी प्रतिबंध पर विचार करते समय संतुलन बरकरार रखने की जरूरत है। कोर्ट ने केंद्र से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उपाय सुझाने और यह बताने को कहा था कि पटाखे पर प्रतिबंध लगाने से व्यापक रूप से जनता पर क्या प्रस्ताव पड़ेगा। इससे पहले पिछले साल कोर्ट ने प्रदूषण के मद्देनजर दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी. दिवाली से ठीक पहले 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगाते हुए अपने आदेश में यह भी कहा था कि कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री एक नवंबर, 2017 यानी दिवाली गुजर जाने के बाद फिर से की जा सकेगी. 2016 में दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण के मुद्दे पर दाखिल एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में दिल्ली-एनसीआर में पटाखे की बिक्री पर बैन लगा दिया था. हालांकि 12 सितंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पाबंदी वाले आदेश में संशोधन कर दिया और कुछ शर्तों के साथ पटाखा विक्रेताओं के अस्थायी लाइसेंस की संख्या में 50 फीसदी कटौती करने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दूसरे राज्यों से पटाखे लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले ने एक बार फिर नवंबर 2016 के पुराने आदेश को बहाल करते हुए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दे दिया था.

 



V.K Sharma
Editor in Chief
Live Tv
»»
Video
»»
Top News
»»
विशेष
»»


Copyright @ News Ground Tv