रायबरेली के लोगों ने बताया “प्रियंका गांधी वाड्रा” को इमोशनल ब्लैकमेलर, रातो रात लगे लापता होने के पोस्टर !
रायबरेली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :कांग्रेस के गढ़
रायबरेली में प्रियंका गांधी के खिलाफ सोमवार को 'इमोशनल ब्लैकमेलर' और 'प्रियंका लापता' के पोस्टर देखने को मिले।
रायबरेली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष व प्रियंका की मां सोनिया
गांधी का संसदीय क्षेत्र है।उत्तर प्रदेश के रायबरेली
में रातों-रात लगे इन पोस्टरों में प्रियंका को लापता बताया गया है और कहा गया है कि
उनके आखिरी दौरे के बाद से यहां कई हादसे हुए। कांग्रेसी गढ़ में प्रियंका ने आने
की जहमत नहीं उठाई जहां उन्हें उनकी मां के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है।राय बरेली में चुनावों के दौरान प्रियंका द्वारा गांधी
परिवार का इस शहर से संबंध जोड़ते हुए भावुक होने का भी पोस्टरों में मखौल उड़ाया
गया और उन्हें 'इमोशनल ब्लैकमेलर' बताया गया। उन्होंने कहा
कि प्रियंका वोट बटोरने के लिए रायबरेली के लोगों की भावनाओं के साथ खेलती हैं।पोस्टर में प्रियंका से सवाल पूछा गया कि वह रायबरेली कब
आएंगी। इन पोस्टरों को मुख्य मार्गो, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों जैसे त्रिपुला चौराहे व हरदासपुर की
दीवारों पर लगाया गया है।केंद्र के साथ ही प्रदेश
में भाजपा सरकार ने संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली को अरुण जेटली की
सांसद निधि के उनको घेरने की तैयारी की। अब रायबरेली कांग्रेस संगठन का काम देख
रही प्रियंका गांधी पर निशाना साधा गया है। कांग्रेस के विरोधियों ने प्रियंका
वाड्रा के लापता होने को लेकर जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। साथ ही लोगों को पम्पलेट्स
भी बांटे गए हैं। पोस्टर्स रायबरेली में त्रिपुला चौराहे से लेकर हरदासपुर तक और
शहर में कई जगह लगाए गए हैं।पोस्टर में मैडम प्रियंका
वाड्रा लापता लिखा है। इस पोस्टर में हरचंपुर रेल हादसा, ऊंचाहार दुर्घटना और रालपुर हादसे में प्रियंका गांधी के न
आने पर तंज कसते हुए लिखा गया है कि नवरात्र, दुर्गा पूजा व दशहरा में तो नहीं दिखाई दी। अब क्या ईद में
दिखेंगी मैडम वाड्रा।इसी महीने की दस तारीख को
फरक्का एक्सप्रेस हरचंदपुर में बेपटरी हो गई थी। उसमें सात लोगों की मौत हो गई थी।
करीब 42 लोग घायल हो गए थे। इसी घटना के तीसरे दिन ऊंचाहार में मुंडन संस्कार
कराकर लौट रहे परिवार का वाहन बस से जा टकराया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद तीसरी घटना दो
अन्य थाना क्षेत्रों में युवकों के डूबकर मौत हो जाने की खबर आई।इन तीनों घटनाओं को पोस्टर में यह कहते हुए दर्शाया गया है
कि इन दर्द भरी आवाज प्रियंका वाड्रा तक क्या नहीं पहुंची। पोस्टर में यह भी कहा
गया है कि दुर्गा पूजा, दशहरा जैसे त्योहार पर भी
उनकी कोई आहट यहां नहीं आई। न ही उनकी कोई शुभकामना और मंगलकामना का संदेश आया।
पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि क्या अब ईद में ही प्रियंका वाड्रा यहां दिखेंगी।
प्रियंका गांधी के इस तरह के पोस्टर से रायबरेली का राजनैतिक माहौल गरमाने के साथ
चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है।अभी इस मसले पर किसी भी
पार्टी का कोई बयान सामने नही आया है। पोस्टर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला
ने कहा है कि ऐसी गंदी हरकत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। वीके शुक्ल
का कहना है कि ऐसे किसी पोस्टर लगने की जानकारी नहीं है। ऐसी गंदी हरकत करने वालों
के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई की मांग जाएगी। बिना नाम का पोस्टर लगाकर अपनी सोच
को दर्शाया है। पोस्टर क्यों लगाया, किसने लगाया इसकी जानकारी प्रशासन के पास भी नहीं है। और न
ही कोई इस संबंध में कुछ बोलने को तैयार है। पोस्टरों के जरिए प्रियंका से यहां हरचंदपुर रेल दुर्घटना
और ऊंचाहार में एनटीपीसी ब्लास्ट जैसे हादसों में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल
किए गए हैं। पोस्टर में यह भी सवाल किया गया कि वह नवरात्र, दुर्गा पूजा व दशहरा जैसे हिंदुओं के त्योहारों में तो नहीं
दिखाई दी तो अब क्या ईद में दिखाई देंगी?वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इसे विरोधियों की 'गंदी हरकत' करार देते हुए कहा कि वे 2019 के लोकसभा चुनावों में
कांग्रेस की वापसी से खौफ खाए हैं।