अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में ट्रेन ने दो बार दी चेतावनी, तब भी नहीं संभले, 10 सेंकेड में 61 की मौत150 से अधिक घायल , सहारनपुर होकर जाने वाली एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित !
अमृतसर (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : श्रद्धा व आस्था की
गुरुनगरी शुक्रवार को चीखों से थर्रा उठी। एक झटके में विजयादशमी की खुशियां मातम
में बदल चुकी।नेशनल हाईवे से कुछ दूरी पर
जौड़ा फाटक के समीप मोहल्लों की तरफ लोग पैदल सड़कों पर दौड़ते जा रहे थे। महिलाएं
व पुरुष नंगे पैर, हाथ में बच्चों की तस्वीरें लेकर रेलवे पटरी की तरफ भाग रहे
थे।पटरी पर कहीं किसी मासूम की सैंडल तो
कहीं चप्पल पड़ी हुई थी। पटरी पर कई महिलाएं मोबाइल की रोशनी कर लाडलों का सामान
खोज रही थीं। घटनास्थल पर 100 से 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखर गईं।दो ट्रेनों की चपेट में
आने से 61 से अधिक लोग मारे गए।
करीब 150 लोग गंभीर रूप से घायल
हो गए। मारे गए लोगों में बच्चेी और महिलाएं भी शामिल हैं। दूसरी ओर, शनिवार सुबह जारी मेडिकल
बुलेटिन में 59 लोगों के मारे जाने और 58 लोगों के घायल होने की
बात कही गई है। अभी तक 39 मृतकों की पहचान हो पाई है। हादसा शुक्रवार देर शाम करीब 7.15 जोड़ा फाटक के पास हुआ।
फाटक से करीब 60 फीट दूर धोबीघाट में रावण दहन कार्यक्रम चल रहा था। लोग
ट्रैक के पास खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। पटाखे चलने पर वे थोड़ा पीछे हट गए
और ट्रैक पर खड़े होकर वीडियो बनाने लगे। इसी दौरान ट्रैक पर अमृतसर-हावड़ा मेल आ
गई। लोग बाल-बाल बचे और भागते हुए साथ वाले दूसरे ट्रैक पर चले गए, लेकिन जब तक वे संभलते इस
ट्रैक पर भी जालंधर-अमृतसर डीएमयू आ गई। तेज रफ्तार ट्रेन ने लोगों को अपनी चपेट
में ले लिया। पटाखों के शोर में लोगों को ट्रेन के आने की आवाज नहीं सुनाई दी।
घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई। जगह-जगह लोगों के क्षत-विक्षत शव पड़े हुए थे।
मृतकों में उत्तर प्रदेश व बिहार के लोग भी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर सुधांशु
श्रीवास्तव ने कहा कि मृतकों की सही संख्या के बारे में अभी नहीं बताया जा सकता,
लेकिन संभावना है कि 61 लोगों की मौत हुई है। यह
ज्यादा भी हो सकती है। मुख्यजमंत्री कैपटन अमरिंदर सिंह न हादसे में मारे गए लोगों
के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी हादसे मेें मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों
को 50 हजार रुपये की सहायता
देने का ऐलान किया। हादसे के बाद वहां कोहराम और चीख-पुकार मच गई। घटनास्थील का
दृश्या बेहद मर्माहत व दिल को दहला देने वालाथा। हादसे के शिकार हुए लोगों में किसी का सिर धड़ से अलग हाे गया तो किसी
के हाथ-पैर कट गए। रेलवे ट्रैक पर लाशें बिखरी पड़ी थीं। घायलों को सिविल अस्पयताल
व अन्यक अस्पदतालों में दाखिल कराया गया है। गौरतलब है कि आयोजकों को प्रशासन ने
धोबीघाट में रावण दहन की अनुमति नहीं दी थी। डीएमयू के चालक अरदीन कुमार को हिरासत
में ले लिया गया है। 10 सेकंड में बिछ गई लाशें डीएमयू की औसत स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा
रहती है, जबकि अमृतसर-हावड़ा मेल
की स्पीड करीब 90 किलोमीटर रहती है। यह सारा हादसा करीब दस सेकंड में हुआ।
लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी,
गृह मंत्री राजनाथ सिंह,
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी ने हादसे पर दुख जताया है। उधर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना इजराइल दौरा रद करते
हुए दिल्ली से कल सुबह अमृतसर पहुंचेंगे। कैप्टन के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने
कहा कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता देने का एलान किया गया है।
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि वह स्वयं
मौके पर जा रहे हैं। वह मौके पर जाने के बाद ही हादसे के बारे में ज्यादा कुछ बता
पाएंगे। रावण के पुतले से चिंगारियां निकलने के कारण वहां अफरातफरी मच गई। जलते
पुतले से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई। लोग बचने के लिए रेलवे ट्रैक की तरफ
भागे, लेकिन इसी दौरान सामने से
एक ट्रेन आ गई। लोग कुछ कर पाते उससे पहले ही पटरी पर चढ़े लोगाें काे रौंदती हुई
ट्रेन आगे निकल गई। इसके बाद तो वहां कोहराम मच गया। पटरी और इसके आसपास
क्षत-विक्षत शव पड़े थे।किसी का सिर कट धड़ से अलग हो गया था तो किसी के हाथ और
किसी का पैर शरीर से अलग हो गया था। इसके बाद चारों तरफ चीख-पुकार और कोहराम मच गया।
हादसे में 60 से अधिक लोगाें की मौत हुई है। यह संख्याह बढ़ सकती है।
सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और उनको विभिन्न6 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटनास्थहल और
अस्प़तालों में मारे गए लोगों और घायलाें के परिजनों की चीख-पुकार दिल का दहला रही
है। हादसे के बाद लोग अपनों की तलाशी में जुट गए। मरने वालों में कई बच्चे व
महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव का
कार्य शुरू कर दिया गया। हादसे के बाद मौके पर करुण क्रंदन मच गया। लोग अपनों की
सुरक्षित तलाशी में जुट गए। हादसे में मरने वालों में कई बच्चे व महिलाएं भी शामिल
हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं। अभी कुल कितने लोगों की मौत
हुई है इसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस ने 50-60 से अधिक लोगों के मरने
की आशंका जताई है। प्रशासनिक अमला राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। घायलों को
नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेलवे की पीआरओ का कहना है कि रेल राज्य
मंत्री मनोज सिन्हा व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। रेलवे
रिलीफ ट्रेन भी मौके पर पहुंच चुकी है। रेलवे का कहना है कि हादसे के वक्त फाटक
बंद था। हादसा फाटक से कुछ दूरी पर हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेलवे
ट्रेक के इर्द-गिर्द लोगों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। रावण दहन के
साथ ही ट्रेन आ गई, लेकिन हल्ले के कारण लोगों को ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी।
भगदड़ में लोग ट्रेक की ओर भाग गए जिससे हादसा हुआ। लोगों ने ट्रेक के निकट एेसे
कार्यक्रम करने पर रोष जताया। अमृतसर में हुए रेल हादसे में घायलों का इलाज करने
के लिए सेहत विभाग ने हाई अलर्ट कर दिया है। सिविल अस्पताल जालंधर से भी टीमें
रवाना की गई हैं। सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने आसपास वाले जिलों जालंधर,
गुरदासपुर, तरनतारन आदि से एंबुलेंस
व डाक्टरों की टीमों को अमृतसर पहुंचने के आदेश जारी किए हैं। अमृतसर-हावड़ा ट्रेन
के ड्राइवर को करीब डेढ़ घंटे बाद फगवाड़ा पहुंचने पर हादसे की जानकारी मिली।
रेलवे अधिकारियों से हादसे के बारे में पता चलने पर ड्राइवर व गार्ड परेशान हो गए।
जैसे ही ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो रेलवे अधिकारियों ने गार्ड और
ड्राइवर को उतारकर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने ट्रेन की तकनीकी जांच करदूसरे स्टाफ के साथ रवाना कर दिया। रेलवे
अधिकारियों के सामने ड्राइवर अपनी सफाई देता रहा। उसका कहना था कि जब ट्रेन वहां
से निकली तो उस समय ट्रैक साफ था और उसकी ट्रेन से कोई हादसा नहीं हुआ। रेलवे
अधिकारियों ने ड्राइवर से गहन पूछताछ शुरू कर दी।
रेलवे ने घायलों व मृतकों के बारे में जानकारी के लिए
हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है।
मानावाला स्टेशन हेल्पलाइन नंबर रेलवे-73325, बीएसएनएल - 0183-2440024
पॉवर केबिन अमृतसर रेलवे - 72820, बीएसएनएल - 0183-2402927
विजय सहोता, एसएसई: 79 86897301
विजय पटेल, एसएसई: 7 9 73657316
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव व एडीजीपी
लॉ एंड ऑर्डर को तत्काल अमृतसर पहुंचने के आदेश दिए हैं। उन्होंने मारे गए लोगों
के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इस बीच, गुरु नानक देव अस्पताल
में दाखिल घायलों का हालचाल जानने सांसद गुरजीत सिंह औजला पहुंचे, लेकिन मृतकों के पारिजनों
के आक्रोश के कारण सांसद को वहां से जाना पड़ा। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष
सुखबीर बादल ने कहा कि यह हादसा सरकार और प्रशासन की लापरवाही से हुआ है। ट्रैक के
इतने नजदीक रावण दहन की अनुमति कैसे दी गई। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर में हुए हादसे
पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि यह घटना बहुत ही
हृदयविदारक है। उन्होंने पीडि़त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए
घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह
तुरंत मौके पर पहुंच बचाव व राहत कार्य में जुट जाएं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने
ट्वीट कर पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा
रात को ही विशेष विमान से अमृतसर पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। वहीं, रेल मंत्री पीयूष गोयल
अपना अमेरिका दौरा बीच में छोड़कर लौट आए हैं। मुख्यमंत्री घटनास्थल का जायजा लेकर
अस्पताल में मरीजों से मिलने पहुंच रहे हैं। कैप्टन को शुक्रवार को इजरायल यात्रा
पर निकलना था। उन्होंने इसे रद कर दिया है। डीजीपी पंजाब अतिरिक्त पुलिस बल के साथ
अमृतसर पहुंचे। इसके अलावा पुनर्वास मामलों के मंत्री सुखविंदर सिंह सरकारिया व
स्वास्थ्य मंत्रीब्रह्म मोहिंदरा भी मौके
पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी प्राइवेट अस्पतालों को भी खुले रखने के आदेश दिए
हैं। मोहिंदरा के नेतृत्व में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप का गठन किया गया है। गृह
सचिव, स्वास्थ्य सचिव व एडीजीपी
लॉ एंड ऑर्डर भी अमृतसर पहुंचे। गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल घायलों का हालचाल
जानने पहुंचे सांसद गुरजीत सिंह औजला को मृतकों के पारिवारिक सदस्यों का गुस्सा
झेलना पड़ा। लोग इतने आक्रोशित थे कि सांसद को वहां से निकलना पड़ा। अमृतसर रेल
हादसे के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पंजाब सरकार ने शनिवार को सभी स्कूल व
सरकारी दफ्तर बंद रखने के आदेश दिए हैं। देर रात तक परिजन मृतकों की शिनाख्त नहीं
कर पा रहे थे। पुलिस ने सिविल अस्पताल व गुरुनानक देव अस्पताल में हेल्प डेस्क
स्थापित कर दिए। जिला प्रशासन ने परिजनों से अपील की कि वे अपने मृतक परिजनों की
पहचान बताएं, ताकि उनकी मदद की जा सके। हादसे के बाद कई ट्रेनें प्रभावित
हुई हैं। कुछ रद कर दी गई हैं तो कुछ को डायवर्ट किया गया है। सहारनपुर को होकर
जाने वाली एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। 20 अक्टूबर को वाया
सहारनपुर अमृतसर जाने वाली गोल्डन टेंपल को लुधियाना से वापस किया जाएगा। हावड़ा
एक्सकप्रेस और छत्तीरसगढ़ एक्सप्रेस को भी लुधियाना से वापस किया जाएगा। इसके
अलावा दिल्लीा से चलने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस और जालंधर से चलने वाली सुपरफास्ट
को रद कर दिया गया है।
वाया सहारनपुर ये ट्रेनें रद :
1. 12460 अमृतसर-नई दिल्ली एक्सप्रेस
2. 14681 नई दिल्ली-जालंधर सिटी एक्सप्रेस
ये वापस की गईं :
1. 12903 मुंबई-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना से वापस की जाएगी
2. 18237 बिलासपुर-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना से वापस की जाएगी
3. 13049 हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना से वापस की जाएगी
4. 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अंबाला कैंट से वापस की जाएगी
5. 12904 अमृतसर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस अंबला कैंट से वापस की
जाएगी
6. 13050 अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस अंबाला कैंट से वापस की जाएगी
ये डायवर्ट की गईं:
1. 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस वाया अमृतसर-तरणतारण-व्यास
2. 13005 हावाड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस वाया व्यास-तरनतारन-अमृतसर
3. 14631 देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस वाया व्यास-तरनतारन-अमृतसर
4. 18101 टाटा-जम्मू एक्सप्रेस वाया जालंधर कैंट-मुकेरियां
5. 15707 कैथर-अमृतसर एक्सप्रेस वाया व्यास-तरनतारन-अमृतसर