प्रधानमत्री कृषि सिचाई योजना से जो भूमि कृषि योग्य नहीं है उसे कृषि योग्य बनाया जायेगा – वीरेंद्र सिंह मस्त
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) : भारतीय जनता पार्टी किसान
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने प्रधानमंत्री कृषि
सिचाई योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में किसानों की दशा किसी से छुपी नहीं थी, आए दिन किसानों की आत्महत्या का प्रमुख कारण जहां खेतीबाड़ी
में हुआ नुकसान रहा था तो वहीं इन परिस्थितियों से निपटने के लिए देश के
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ी योजना का आगाज़ किया है।जो अधिकत्तर किसानों के लिए सहायक सिद्द हो रही है आज देश
में अधिकतर किसान इस योजना का लाभ उठा रहे है और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा
“हर खेत में पानी” की योजना लाभदायक सिद्ध
हो रही है आजादी के बाद नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पहली बार किसानो के हित
और कल्याणको सोचने वाली सरकार बनी है देश
के अन्न दाता की आय को 2022 तक दुगना करने का संकल्प नरेन्द्र मोदी जी ने लिया है
| न्यूज़ ग्राउंड से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र
सिंह मस्त ने प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के हर पहलु पर विस्तृत रूप से प्रकाश
डालते हुए कहा कि देश के हर किसान को किसान के साथ साथ आम नागरिक को भी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई जा रही किसानो के लिए लाभकारी योजनाओ की
जानकारी होनी चाहिए इसी कड़ी में वीरेंद्र सिंह मस्त ने प्रधानमंत्री कृषि सिचाई
योजना की विस्तृत जानकारी को न्यूज़ ग्राउंड के माध्यम से लोगो तक पहुचने का आग्रह
किया |
क्या है ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’
‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ की शुरुआत मोदी सरकार
द्वारा 1 जुलाई साल 2015 में की गई थी। योजना की
टैगलाइन थी ‘हर खेत में पानी ’ जिसका अर्थ है कि देश के हर खेत में पानी का प्रबंध होगा।योजना में सरकार ने करीब 50 हजार करोड़ रुपए की लागत
लगाने का जिक्र किया था। बता दें देश में कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर भूमि
कृषि योग्य है जिसमें से 65 फीसदी भूमि ऐसी ही जिस पर खेती नहीं की जा सकती।वहीं सरकार का मकसद रहा की जो भूमि कृषि योग्य नहीं है उसे
कृषि योग्य बनाया जाए ताकि देश के किसानों को उच्चत्तम लाभ मिल सके। योजना के तहत
हर साल 200 करोड़ रुपए राष्ट्रीय
कृषि बाजार में लगाया जाएगा जिसे सरकार द्वारा ‘अग्रि-टेक-
इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ नाम दिया गया।
‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ का उद्देश्य
माननीय पीएम मोदी की पहल पर ‘हर खेत में पानी’ के साथ ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई
योजना’ का प्रमुख उद्देश्य देश
के हर गांव में खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना था। इस योजना के तहत देश
के हर जिले में समस्त खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की योजना है।योजना को लागू करने की जिम्मेदारी कृषि मंत्रालय के साथ साथ
ग्रामीण विकास मंत्रालय और जल संसाधन मंत्रालय को दी गई है। इतना ही नहीं
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए देश की जो भूमि कृषि योग्य नहीं है उन्हें
कृषि योग्य बनाया जाएगा। इससे देश के किसान इधर उधर भटकने को मज़बूर नहीं होंगे।
‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ फायदा
इस योजना के अंतर्गत निम्न मंत्रालय को रखा गया है। जल
संसाधन, नदी विकास और गंगा पुन:
द्वार मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि मंत्रालय की विभिन्न जल
सरंक्षण, संचयन एंव भूमिजल संवर्धन
तथा जल वितरण संबधित कार्यो को संयुक्त किया गया है।इस योजना के लिए सरकार ने अगले पांच सालों के लिए 50,000 करोड़ रुपए की राशि दी
है। योजना में केंद्र 75 फीसदी अनुदान देगी और 25 फीसदी खर्च राज्य सरकार
की जिम्मेदारी होगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र और पर्वतीय राज्यों में केंद्र का अनुदाव
लगभग 9 प्रतिशत तय किया गया है।
‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ का फायदा
हम सभी जानते है कि किसानों को खेती करने के दौरान कई
कठिनाइयों से होकर गुजरना पड़ता है जैसे एक गरीब किसान को बिना बरसात के उचित
सिंचाई करने में परेशानी झेलनी पड़ती है इसके विपरित देखा जाएं तो प्रधानमंत्री
कृषि सिंचाई योजना से किसानों को निम्न लाभ मिलना तय है।
1)प्रधानमंत्री कृषि योजना
के तहत उप जिला और जिला स्तर पर सिंचाई योजना तैयार किया जाएगा।
2)इस योजना से जुड़ने के
बाद किसान खेतों को पर्याप्त मात्रा में पानी देने में सक्षम होंगे।
3)देश में 65 प्रतिशत भूमि ऐसी है जो
खेती करने के योग्य नहीं मानी जाती ऐसे में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से इस तरह की भूमि को कृषि योग्य
बनाया जाएगा।
4)सिंचाई का नियमित
प्रबंधन।
5)जलाशय पुनर्भरण।
6)सतत जल सरंक्षण प्रणाली
प्रचलनों के साथ साथ भूमि जल सृजन
7)पानी के बहाव को रोककर
उपयोग में लाना और साथ ही जल उपलब्धि के अनुसार फसलों का चयन एवं आधुनिक सिंचाई
प्रणाली को बढ़ावा