2014 में दिया था भाजपा का साथ, अब 2019 में किसी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे बाबा रामदेव, कहा- निर्दलीय भी हूं और सर्वदलीय भी !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : योग गुरु बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया है कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीति से दूर रहेंगे। पत्रकारों
से बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि उनकी राजनीतिक भूमिका यह सुनिश्चित करने के
लिए 'सीमित' है कि देश अच्छे लोगों द्वारा शासित है। यह पूछे जाने पर कि
क्या वह आने वाले चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करेंगे, तो रामदेव ने जवाब दिया कि उन्होंने खुद को देश की सेवा में
'गैर-राजनीतिक' व्यक्ति के रूप में देखा
है। उन्होंने कहा, 'मैंने खुद को राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे अन्य मुद्दों के लिए समर्पित किया
है। इसलिए, मैं खुद को गैर-राजनीतिक, स्वतंत्र व्यक्ति के रूप
में देखता हूं जो मां भारत की सेवा में है।'उन्होंने आगे कहा कि मैं
पहले देश के दर्शन के साथ काम करता हूं, इसलिए, मेरी राजनीतिक भूमिका यह सुनिश्चित करने के लिए सीमित है कि
देश अच्छे लोगों द्वारा शासित है। हाल ही में बाबा रामदेव एनडीटीवी युवा कॉन्क्लेव
में भी शिरकत किए थे. इस दौरान भी उन्होंने बीजेपी के लिए कैंपेनिंग करने की बात
से इन्कार कर दिया था. बाबा रामदेव ने कहा था कि उन्होंने खुद को राजनीति से दूर
कर लिया है. युवा कॉन्क्लेव में बोले थे- मैं सर्वदलीय भी हूं और निर्दलीय भी. इस दौरान
बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करना लोगों को मौलिक अधिकार
है. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी कठिन मेहनत करते हैं. युवा कॉन्क्लेव में
महंगाई के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा था, मैं या आप कहे या ना कहें
पर मोदी सरकार को ये महंगाई कम करनी होगी. अगर ये महंगाई कम नहीं की तो ये आग
उन्हेंम ले डूबेगी. उन्होंने कहा कि पहले मैं सक्रिय था, मगर अब नहीं. मैं अब सर्वदलीय और निर्दलीय हूं. मैं 2019 में मोदी सरकार का प्रचार नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि
मैंने मोदी और सरकार को सुझाव दिया है कि 2019 से पहले तेल के दाम घटा
लें. बता दें कि हाल में केंद्र सरकार ने तेल के दाम पर टैक्स कम किए हैं. इस साल
जून के महीने में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले संपर्क फोर समर्थक पहल के तहत
बाबा रामदेव से मिले थे। बीजेपी अध्यक्ष ने आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी के
लिए योग गुरु का समर्थन मांगा था। बैठक के बाद अमित शाह ने कहा, 'हम उन सभी से मुलाकात कर रहे हैं जिन्होंने 2014 में बीजेपी की सरकार बनवाने में हमारा समर्थन किया। हम
उन्हें अपने सभी कामों और प्रयासों की जानकारी दे रहे हैं। हम उनसे 2019 चुनाव के लिए भी समर्थन मांग रहे हैं।' ध्यान देने वाली बात है कि कई मौकों पर बाबा रामदेव ने
पिछले चार वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ-साथ उनकी सरकार
की उपलब्धियों की सराहना की है।रामदेव ने कहा कि देश में अच्छी व अच्छी लीडरशिप
वाली सरकार होनी चाहिए लेकिन, वह वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में किसी पार्टी की प्रचार
नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मां, मुझसे 35 साल पूर्व गुरुकुल में मिलने आई थी तब उसका पूरा आंचल
आंसुओं से भीगा था। तब मुझे अपनी मंजिल व राह का पता नहीं था कि मैं एक सफल
बिजनेसमैन बन जाऊंगा। हालांकि, मैं योगी बनना चाहता था लेकिन, आज मेरे पास 100 ट्रस्ट व सोसायटियां व
कंपनी हैं। मेरा फार्मूला है, जो पाओ उसे भारत माता के हित में लगाओ। मैंने अब तक 11,000 करोड़ रुपए की चैरिटी की है लेकिन, मेरी जेब में आज पांच रुपए भी नहीं हैं। साथ ही राहुल गांधी
पर कमेंट्स करते हुए कहा कि न तो मैं पप्पू हूं और न ही गप्पू हूं। गुरुकुल से जब
शिक्षा ग्रहण कर निकला तब मेरे गुरु ने मुझे 500 रुपए दिया था। मैं कहीं
भी जाता हूं तो उससे कोई पैसा नहीं लेता। आज पतंजलि के पास जो भी पैसा है वह देश
में ही रहता है। यानी पतंजलि का उत्पादन भी देशी और धन भी देशी ही है। इस बात का
दावा है कि पतंजलि के व्यवसाय को 12,000 करोड़ से बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपए अवश्य करूंगा। ताकि पूरा हिन्दुस्तान यह कहेगा
कि कोई ऐसा फकीर आया जो पूरे देश के लिए काम कर रहा है। बकौल बाबा, मेरा सपना है कि जाने से पहले एक लाख करोड़ रुपए की चैरिटी
भारत माता के लिए करूं। बता दें कि ये बातें बाबा रामदेव ने फिक्की लेडिज
ऑर्गनाइजेशन द्वारा चिन्मय मिशन में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।