किसान क्रांति यात्रा दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस और किसानो में हुई झड़प ,पुलिस ने किया लाठी चार्ज, आखिर क्या है इनकी मांगे !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : कर्ज माफी, गन्ना की कीमतों समेत कई अन्य मांगों को लेकर दिल्ली मार्च करने जा रहे हजारों किसानों की दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस की चेतावनी के बावजूद किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और किसानों में झड़प शुरू हो गई। दिल्ली सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पुलिस लगातार बल प्रयोग कर रही है। यूपी गेट पर किसानों द्वारा बैरीकेड तोड़ने पर पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया है। साथ ही पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले और रबर बुलेट का भी इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले पुलिस ने बैरीकेड तोड़ने से रोकने के लिए किसानों पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया था। बावजूद किसान नहीं माने और ट्रैक्टर चढ़ाकर बैरीकेड़ तोड़ दिए। काफी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश कर चुके हैं। लाठी चार्ज के जरिए पुलिस किसानों को यूपी की सीमा में वापस खदेड़ रही है। बताया जा रहा है कि लाठी चार्ज और रबर बुलेट से अब तक तकरीबन 30 किसान घायल हो चुके हैं। पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने पर ज्यादातर किसान फिर से यूपी गेट पर जाकर बैरिकेड के सामने बैठ गए हैं। उधर किसानों को मनाने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह उनके प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर रहे हैं। करीब एक घंटे पहले ही यूपी गेट पहुंचने पर उनके प्रतिनिधिमंडल को पहले पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया था। किसानों के न माननेे पर उन्हें गृहमंत्री से मिलवाने के लिए ले जाया गया है। वहीं किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर अपनी मांगे रखने पर अड़े हुए हैं। किसानों दिल्ली के राजघाट जाने पर अड़े हुए हैं। सोमवार शाम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह भी असफल रहे थे। किसान क्रांति रैली यूपी गेट पहुंचने लगी है। यूपी गेट पर धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ रही है। गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्णन यूपी गेट के पास ही किसानों को रोककर उनसे बातचीत कर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। किसान दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाने पर अड़े हुए हैं। किसानों ने एसएसपी वैभव कृष्ण से कहा कि उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए। वह कोई उपद्रव नहीं करेंगे। शांति से राजघाट जाएंगे। एसएसपी ने वार्ता का आश्वासन दिया। यूपी गेट पर रोके जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी नरेश टिकैत ने अधिकारियों से पूछा है कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उनकी रैली पूरे अनुशासन के साथ बढ़ रही है। अगर हम अपनी समस्याएं अपनी सरकार के सामने नहीं रखेंगे तो किससे कहेंगे। क्या हम पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाएं। भारतीय किसान यूनियन की किसान क्रांति यात्रा लेकर दिल्ली जा रहे 50 हजार किसानों को रोकने के लिए राजधानी की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। इससे दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों पर भीषण जाम लग गया है। किसानों की रैली किसी भी रास्ते से दिल्ली में प्रवेश न कर सके, इसके लिए सभी रास्तों पर भारी पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। उधर किसानों की रैली साहिबाबाद के डाबर तिराहे पर पहुंच चुकी है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को ही घोषणा कर दी थी कि किसानों की रैली को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम को ही एनएच-24 समेत दिल्ली के अन्य प्रमुख मार्गों पर बैरीकेडिंग कर रास्ते सील कर दिए थे। हालांकि शाम को दिल्ली में भारी जाम लगने पर थोड़ी देर बाद ही पुलिस ने बैरीकेडिंग हटा लिए थे। किसान यूनियन ने पहले से ही घोषणा कर रखी है कि वह मंगलवार को दिल्ली कूच करेंगे। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सोमवार देर रात दोबारा राजधानी की सभी सीमाओं पर दोहरी बैरीकेडिंग कर रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए थे। सोमवार सुबह करीब सात बजे किसानों की रैली गाजियाबाद से दिल्ली के लिए कूच कर चुकी है। किसानों को रोकने के लिए एनएच-24 पर यूपी गेट के पास मजबूत बैरीकेडिंग कर भारी पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार किसी भी सूरत में किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उधर किसान भी रैली लेकर दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं। ऐसे में यूपी गेट पर पुलिस और किसानों के बीच टकराव के पूरे आसार है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए यूपी गेट पर दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस मुस्तैद है। यूपी गेट पर वाटर कैनन समेत, दंगा नियंत्रण टीमों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत यूपी पुलिस के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद है। दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अमूल्य पटनायक भी मौके पर पहुंच चुके हैं। यूपी पुलिस के एडीजी प्रशांत कुमार और डीआइजी राम कुमार भी मौके पर मुस्तैद हैं। गाजियाबाद की डीएम रितु माहेश्वरी भी मौके पर मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी पूर्वी रेंज ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यूपी गेट पर तैनात जवानों को जानकारी दी है कि हजारों किसान राकेश टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली में प्रवेश करने के लिए यूपी गेट की ओर बढ़ रहे हैं। रोकने पर वह बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पुलिस व अर्द्धसैनिक टीम को हर परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा है। किसानों को समझाने के लिए सोमवार देर शाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उनके प्रतिनिधिमंडल को मिलने बुलाया था। हालांकि प्रशासन ने देर रात किसानों की वार्ता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ करवाई। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम व्यस्त है।वह अभी किसानों से नहीं मिल सकते। उन्होंने किसानों को जल्द ही उनकी मांगों पर हल निकालने का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसान दिल्ली कूच करने की बात पर अड़े रहे। किसानों ने प्रधानमंत्री से मिले बिना लौटने से इन्कार कर दिया। मुख्यमंत्री से बात करने से पहले सोमवार शाम को गाजियाबाद के जिस फॉर्म हाउस में किसानों को ठहराया गया था, वहां डीएम डीएम रितु माहेश्वरी और एसएसपी वैभव कृष्ण ने किसान प्रतिनिधियों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया था। करीब एक घंटे तक दोनों अधिकारी बंद कमरे में किसान प्रतिनिधियों संग वार्ता करते रहे। हालांकि वार्ता खत्म होने के बाद नतीजा सिफर निकला। दोनों अधिकारी भी किसानों को समझाने में असफल रहे। इसके बाद किसानों की बात मुख्यमंत्री से कराई गई। ‘देश का अन्नदाता आज दुखी है। किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। किसान आज सड़कों पर हैं। इसके लिए पूरी तरह से सरकार और उसकी गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। जब तक इस देश में किसान दुखी रहेगा। तब तक तरक्की की बात करना पूरी तरह निर्थक है।’ यह बातें रविवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने राज चौपले के निकट स्वागत कार्यक्रम में कहीं। नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों के कर्ज माफ करे। किसानों को मुफ्त बिजली दे। साथ ही ऐसी नीति बनाए जिससे किसान अपनी फसल का भाव खुद तय कर सके। किसान को छोड़कर दुनिया में ऐसा कोई भी उत्पादनकर्ता नहीं है, जिसके सामान का भाव कोई दूसरा तय करता हो। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में दो अक्टूबर को लाखों किसान सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे। किसानों की मागों और समस्याओं का सरकार कोई हल नहीं निकालेगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। किसी भी सूरत में सरकार विरोधी नीतियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये हैं किसानों की मांग :
- किसान 60 साल की आयु के बाद पेंशन देने की मांग कर रहे हैं।
- पीएम फसल बीमा योजना में बदलाव करने की मांग।
- गन्ना की कीमतों का जल्द भुगतान की मांग।
- किसान कर्जमाफी की भी मांग कर रहे हैं।
- सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त में देने की भी मांग।
- किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन।
- आवारा पशुओं से फसल का बचाव।
- सभी फसलों की पूरी तरह खरीद की मांग भी की गई है।
- इसके अलावा किसान स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने की भी मांग है।
- गन्ने की कीमतों के भुगतान में देरी पर ब्याज देने की मांग कर रहे हैं।
किसानों को रोकने के लिए गाजीपुर बॉर्डर, महाराजपुर बॉर्डर और अप्सरा बॉर्डर पर पुलिस खासतौर से चौकस है। गाजीपुर बॉर्डर को तो पुलिस ने पूरी तरह सील कर रखा है, जबकि महाराजपुर और अप्सरा बॉर्डर पर भी बैरिकेडिंग करके आने-जाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सभी जगहों पर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है, ताकि अगर किसान जबर्दस्ती दिल्ली में घुसने की कोशिश करें, तो उन्हें रोका जा सके। बॉर्डर पर वॉटर कैनन, आंसू गैस आदि का भी पुलिस ने पूरा इंतजाम कर रखा है। साथ ही एक्स्ट्रा फोर्स भी लगा दी गई है। सोमवार शाम ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी पंकज सिंह ने पूरी ईस्ट दिल्ली में धारा-144 लगाने का आदेश जारी कर दिया। खास बात यह है कि ये आदेश 8 अक्टूबर तक लागू रहेगा। इस दौरान लोगों के इकट्ठा होने, ट्रैफिक को डिस्टर्ब करने, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, भाषणबाजी, हथियारों के इस्तेमाल, लाठी और चाकू जैसी चीजों के इस्तेमाल, पत्थर इकट्ठा करने, मशाल जलाने जैसी तमाम गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। उल्लंघन करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में भी 4 दिनों के लिए धारा 144 लगा दी गई है। बॉर्डर सील होने और गाड़ियों की चेकिंग और पिकेटिंग के साथ भारी पुलिसबल की तैनात के चलते ईस्ट दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में लोगों को भारी जाम से जूझना पड़ रहा है। सोमवार शाम ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में जाम लगने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी या बस अड्डे से बस लेकर यूपी या अन्य राज्यों में जाना था, उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी। एनएच-24 के अलावा गाजीपुर रोड, खिचड़ीपुर रोड, आईपी एक्सटेंशन, विकास मार्ग, मदर डेरी रोड, चौधरी चरण सिंह मार्ग, कौशांबी लिंक रोड, पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया, मधु विहार, लोनी रोड, जीटी रोड आदि पर लोगों को भारी जाम और ट्रैफिक डायवर्जन से जूझना पड़ा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ से बंद होने की वजह से लोगों को आनंद विहार होते हुए जाना पड़ रहा था, जिसके चलते आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास के करीब चार-पांच किमी के दायरे में भारी ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल रहा था। दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ की तरफ जाने वाले लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के बजाय दूसरे रास्तों से जाने की सलाह दी गई है। वैकल्पिक रूट के तहत गाजीपुर चौक से लोग रोड नंबर 56, आनंद विहार बस अड्डे, अप्सरा बॉर्डर, जीटी रोड और मोहन नगर होते हुए गाजियाबाद जा सकते हैं। इसके अलावा आईएसबीटी कश्मीरी गेट से जीटी रोड, शाहदरा, दिलशाद गार्डन और मोहन नगर होते हुए गाजियाबाद जा सकते हैं। दिल्ली-नोएडा लिंक रोड या डीएनडी के रास्ते महामाया फ्लाईओवर और नोएडा से होते हुए भी जा सकते हैं। फरीदाबाद की तरफ से आने वाले लोगों को मथुरा रोड, रोड नंबर 13-ए, सरिता विहार, कालिंदी कुंज, महामाया फ्लाईओवर और नोएडा से होते हुए यूपी में जाने की सलाह दी गई है। बॉर्डर पर ट्रैफिक की यह स्थिति मंगलवार और बुधवार को भी ऐसी ही बनी रह सकती है।