SC/ST एक्ट का जमकर विरोध करने वाले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर पुलिस हिरासत में, बोले- ये लोकतंत्र की हत्या है
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है. देवकीनंदन ठाकुर छह सिंतबर को हुए सवर्ण आंदोलन के कथित नेता हैं. ठाकुर एससी-एसटी एक्ट का पुरजोर विरोध कर रहे हैं.
आगरा (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी)
एक्ट का विरोध कर रहे मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को आज आगरा पुलिस ने गिरफ्तार
किया. ठाकुर आगरा में पत्रकार वार्ता कर रहे थे इसी दौरान भारी संख्या में पहुंची
पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. आज आगरा के खंदौली में देवकीनंदन ठाकुर की सभा
होनी थी जिसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी. देवकीनंदन ठाकुर ने इसे लोकतंत्र की
हत्या करार दिया है. देवकीनंदन ठाकुर छह सिंतबर को हुए सवर्ण आंदोलन के कथित नेता
हैं. ठाकुर एससी-एसटी एक्ट का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे समाज
में खाई बढ़ रही है. पिछले दिनों उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा था कि
हमारी अपनी सरकार अगर ऐसा कदम उठाएगी तो क्या मेरा अधिकार नहीं है कि मैं अपनी बात
रख सकूं. हमें एससी-एसटी एक्ट चाहिए लेकिन जैसा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है.
एससी/एसटी एक्ट को लेकर केंद्र सरकार ने पिछले दिनों विधेयक पारित किया है। इसके
विरोध में छह सितंबर को भारत बंद के बाद खंदौली में महापंचायत हुई थी। अखंड भारत
एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकी नंदन ठाकुर ने मंगलवार को खंदौली में जनसभा
की अनुमति मांगी थी। प्रशासन ने अनुमति नहीं दी और जनसभा स्थल पर फोर्स तैनात कर
दिया। सीओ अभिषेक फोर्स के साथ वहां पहुंचे और देवकीनंदन को हिरासत में ले लिया।
इस पर समर्थकों में आक्रोश फैल गया। हंगामे की आशंका पर पुलिस-पीएसी की कई गाडिय़ां
वहां पहुंच गईं। उन्हें एक घंटे तक रेस्टोरेंट में रोके रखा। पुलिस देवकी नंदन को
पुलिस लाइन लाने लगी तो एक दर्जन से अधिक समर्थक भी जबरन पुलिस की गाड़ी में सवार
हो गए। कई घंटे बाद पुलिस ने उन्हें समर्थकों के साथ छोड़ दिया। एसएसपी अमित पाठक
का कहना है कि देवकीनंदन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। भागवताचार्य ने
कहा,'हम शांतिपूर्ण तरीके से
अपनी बात रख रहे थे। क्या लोकतंत्र में यह गुनाह है। कोई सभा नहीं न कोई आयोजन और
न ही प्रदर्शन। पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की बात रात को ही बोल दी गई थी।
शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान : देवकी नंदन ने प्रेसवार्ता में शांतिपूर्ण तरीके से
आंदोलन का आह्वïान किया। समर्थकों से कहा कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति
को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने शांतिपूर्ण तरीके से बात
रखना चाहते हैं। एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे भागवत प्रवक्ता
देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तारी पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने आपत्ति जताई है।
तीर्थनगरी के संत व विप्र समाज में उबाल है। विप्रों ने आंदोलन को धार देने की
रणनीति बनाने का एलान किया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि
जो भी सरकार में आता है वही करता जो पिछली सरकार ने किया। हमें मोदी योगी से आशा
थी पर कुछ नहीं हुआ। इधर राष्ट्रीय विप्र
स्वाभिमान महासंघ के संयोजक काष्र्णि नागेंद्र महाराज ने कहा कि सरकार जिस तरह से
आंदोलन को दबाने का कुचक्र चल रही है, सफल नहीं हो सकेगी। मंगलवार को दोपहर अचानक पुलिस को सूचना
मिली कि देवकी नंदन कमला नगर के एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता कर रहे
हैं। देवकी नंदन यहां मीडिया के माध्यम से प्रशासन और सरकार को अल्टीमेटम देने की
बात कह रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि सभा की अनुमति नहीं दी। उन्होंने खुला
ऐलान किया कि एससी एसटी एक्ट के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। भागवताचार्य ने सरकार को
दो माह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जैसा था वैसा हो जाए, नहीं तो कड़ा आंदोलन
चलाएंगे। तभी भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने देवकी नंदन को हिरासत में ले
लिया। इस बाबत एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि देवकी नंदन को पूछताछ के लिए हिरासत
में लिया गया है। आगरा आने के उनके उद्देश्य के बारे में जाना जा रहा है। जांच चल
रही है कि कहीं उन्होंने कोई भड़काऊ बात तो नहीं कही। बता दें कि मथुरा में एक
संगठन बनाकर उन्होंने आंदोलन का ऐलान किया था। जिसके चलते मथुरा प्रशासन ने उन्हें
नोटिस दे दिया था। वृंदावन में हुए विप्र महाकुंभ के आयोजकों में भी वे शामिल रहे।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के इस कदम को उनके राजनीति में आने के संकेतों से भी जोडा जा रहा है।
एससी-एसटी में संशोधन के खिलाफ वे पिछले
कई दिनों से मुखर हैं। चंद दिन पहले मध्य।प्रदेश के ग्वांलियर में भी इस मामले में
खुला विरोध प्रदर्शित कर के आए थे। देवकी नंदन ठाकुर ने कहा था, ''चार युग निकल गए हम नहीं
बंटे लेकिन जब से देश में जाति की राजनीति करने लगे हम आपस में बंट गए. हम देश,
संस्कृति की बात नहीं
करते. देश की संस्कृति है कि हम आपस में शक करें. इस कानून के बाद लोगों में डर
बढ़ेगा कि मैं इसके साथ बैठूंगा तो मुझे जेल हो जाएगी.'' देवकी नंदन ठाकुर ने कहा,
''अगर समाज किसी कानून से
बंटेगा तो सारी पार्टियों और सारे सांसदों से कहता हूं कि इस पर विचार करें. हम
सरकार को दो महीने का समय दे रहे हैं, इसके बाद जो होगा वो सब लोग देखेंगे.'' देवकीनंदन की गिरफ्तारी
की खबर सुनकर पुलिस लाइन पहुंचे उनके समर्थक खासे आक्रोशित थे। वह एससी/एसटी ऐक्ट
में बदलाव को अपने साथ धोखा बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।