मिशन 2019: पुरानी गलतियों से सीखकर, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने वोटर्स को रिझाने की बनाई रणनीति !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : मिशन 2019 में अब हर पार्टी अपनी किस्मत तलाशने की रणनीति बनाने में
लग गयी है। जहां कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है तो वहीं इसी कड़ी में अब
अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी भी कूद गयी है। जिसके तहत सीएम ने
रविवार को अपने सभी विधायकों और मंत्रियों की अहम बैठक बुलाई है। माना जा रहा है
कि इस बैठक में 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। दरअसल पार्टी
ने 2019 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए कुछ खास चेहरों को चुना
है, जिसमें आतिशी को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. सूत्रों के
अनुसार केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर चुनाव लड़
सकते हैं। पार्टी सातों लोकसभा क्षेत्रों में घर-घर कांग्रेस और भाजपा का
मेनिफेस्टो लेकर जाएगी। जिसे लेकर केजरीवाल ने पार्टी विधायकों और मंत्रियों की
बैठक बुलाई है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य के मुद्दे पर
तीन दिवसीय विधानसभा सत्र भी बुलाया था। यही वजह है कि आप अब इस मसले को चुनावी
मुद्दा बनाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीटों के
फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 4 सीटों पर आम आदमी पार्टी जबकि 3 सीटों पर कांग्रेस लड़ सकती है। सूत्रों का ये भी कहना है
कि कांग्रेस और आप गठबंधन कर दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी एकसाथ चुनाव
लड़ सकते है। पंजाब में 4 सीटों पर आम आदमी पार्टी जबकि 9 पर कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है। वहीं, हरियाणा में एक सीट पर आप जबकि 9 सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतार सकती है। दिल्ली
में लक्ष्मी नगर में आम आदमी पार्टी का ऑफिस खुलना मनीष सिसोदिया की पूर्व सलाहकार
आतिशी मारलेना के लिए 'इडिया अगेन्स्ट करप्शन' से लेकर अब तक पार्टी की
उपलब्धि को दिखाता है. आप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'आतिशी भले ही आधिकारिक
तौर पर 2019 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार न हों, लेकिन वो पिछले कई महीनों से पार्टी के लिए प्रचार कर रही
हैं.'आम आदमी पार्टी के कैंपेन मैटीरियल पर उनकी बिल्कुल सामान्य
सी दिखने वाली फोटो छपी है,
जो किसी प्रोफेशनल ने नहीं, बल्कि सामान्य से
फोटोग्राफर ने ही खींची है. हालांकि जानकार इसे जान-बूझकर किया गया काम बताते हैं.
इस तरह की फोटो से वो जनता को संदेश देना चाहती हैं कि वो उन्हीं में से एक हैं, उनसे अलग नहीं. पार्टी ने लक्ष्मी नगर मेट्रो के भीड़-भाड़
वाले इलाके के पास ऑफिस खोलने का फैसला किया. इसके पीछे भी कारण यही है कि लोगों
से ज्यादा से ज़्यादा जुड़ा जा सके. हालांकि चुनाव प्रचार का काम यहीं तक सीमित
नहीं है. पार्टी के दूसरे नेता दिलीप पांडेय उत्तर-पूर्व दिल्ली, पंकज गुप्ता चांदनी चौक से और गुग्गन सिंह रंगा
उत्तर-पश्चिम दिल्ली से पार्टी के लिए पिछले महीने से प्रचार कर रहे हैं. पार्टी
के एक नेता ने बताया, 'चूंकि हमारी पार्टी नई है, इसलिए हमें चुनाव प्रचार
का काम पहले शुरू करना पड़ता है. हम देखते हैं कि विपक्षी पार्टियां चुनाव मैदान
में आती हैं तो उन्हें उतना काम नहीं करना पड़ता. यही गोवा में भी हुआ.' लेकिन इन सबके बीच पार्टी से कुछ बड़े चेहरों का जाना भी
बड़ा असर डालेगी. आशीष खेतान और आशुतोष दोनों पार्टी छोड़ चुके हैं. प्रशांत भूषण
और योगेंद्र यादव पहले ही पार्टी से अलग हो चुके हैं और पार्टी के स्टार कैंपेनर
कुमार विश्वास बागी वाली मुद्रा में हैं. दिल्ली के आम आदमी पार्टी के एक विधायक
ने कहा कि उन दोनों लोगों का पार्टी छोड़ना राजनीतिक कारणों से नहीं था. हालांकि 2013 में कांग्रेस के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार बनाने वाली आम
आदमी पार्टी अब कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के मूड में नहीं लग रही है.
सोमवार को केजरीवाल ने कहा,
'कांग्रेस दिल्ली में अब खत्म हो चुकी है और वो सिर्फ आप के
लिए वोट काटने का काम कर रही है. कांग्रेस को वोट देकर आप सिर्फ बीजेपी को मज़बूत
करेंगे.' आम आदमी पार्टी के एक मंत्री ने कहा, 'पिछले तीन साल हमारे लिए सीखने का ज़रिया रहे. हर कदम पर
हमें गिराने की कोशिश की गई, हमारे खिलाफ गलत मामले बनाए गए. लेकिन इन सबसे हम और अधिक
मज़बूत ही हुए और हमने वो सारे तरीके सीखे जिसका बीजेपी प्रयोग करती है. एमसीडी
पोल हमारे लिए काफी नुकसानदायक था लेकिन उसके बाद बवाना में हमने अच्छा किया और तब
से लेकर पार्टी लगातार अच्छा कर रही है.' पार्टी के एक नेता ने कहा, 'सीख करके हमारा कैंपेन और अधिक बेहतर हो गया है. पार्टी के
चारों नेता लगातार प्रचार कर रहे हैं. उदाहरण के लिए आप नेता दिलीप पांडेय के
कैंपेन को बीजेपी नेता शुत्रुघ्न सिन्हा का समर्थन मिला. शत्रुघ्न सिन्हा ने लोगों
से अपील की कि वो दिलीप पांडेय का समर्थन करें और उन्होंने बीजेपी की आलोचना की.'आप नेताओं का कहना है कि इन चारों लोगों को इनकी खास
काबिलियत की वजह से चुना गया है. मारलेना ने दिल्ली के स्कूलों में शिक्षा के
सुधार के लिए काम किया, दिलीप पांडेय यूपी और बिहार से आकर बसने वाले लोगों से
जुड़े हैं जिनकी एक बड़ी संख्या है दिल्ली में, चड्ढा युवा लोगों में
काफी मशहूर हैं और गुप्ता चांदनी चौक के व्यापारियों में काफी स्वीकृत हैं.