तमिलनाडु के पूर्व प्रधानमंत्री करुणानिधि का निधन हो गया , चेन्नई के मरीना बीच पर होगा अंतिम संस्कार , हाईकोर्ट मोदी ने दी श्रद्धांजलि !
चेन्नई (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम
करुणानिधि की मौत के साथ ही दक्षिण की राजनीति का एक अध्याय खत्म हो गया है।
मंगलवार को 94 साल की उम्र में करुणानिधि ने अंतिम सांस ली। करुणानिधि की मौत की
खबर से तमिलानाडु समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। डीएमके समर्थकों में मातम
पसर गया है। डीएमके समर्थक रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। इस बीच उनके पार्थिव शरीर
को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में नेतागण व समर्थक चेन्नई के
राजाजी हॉल पहुंच रहे हैं। करुणानिधि को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद एमके
स्टालिन और कनिमोझी से बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी। पीएम ने परिवार के अन्य
सदस्यों को ढांढस भी बंधाया। राजाजी हॉल पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
करुणानिधि को दी श्रद्धांजलि। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद हैं। राज्यसभा और लोकसभा में डीएमके प्रमुख करुणानिधि
को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही आज दिन भर (बुधपार) के
लिए स्थगित हो गई। बता दें कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है। मद्रास हाईकोर्ट का
यह फैसला सुनते ही राजाजी हॉल के बाहर जमे डीएमके कार्यकर्ताओं और समर्थकों में
खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस फैसले को पढ़कर सबको सुनाते हुए करुणानिधि के बेटे और
उनके सियासी वारिस स्टालिन की आंखों से आंसू छलक आए। मद्रास हाई कोर्ट ने चेन्नई
के मरीना बीच पर पूर्व मुख्यमंत्री करुनानिधि को दफन करने की अनुमति दी। फैसले के
बाद एमके स्टालिन फूटकर रो पड़े। द्रमुक पूर्व सीएम एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता
की तरह मरीना बीच पर उनका समाधि स्थल चाहती थी। सरकार ने वहां जगह देने से इनकार
कर दिया था। स्मारक बनाने के लिए सरकार ने गांधी मंडपम में दो एकड़ जगह देने की
पेशकश की थी। समर्थक रात को ही हाईकोर्ट पहुंच गए थे। रात 11 बजे कार्यवाहक चीफ जस्टिस के घर पर ही दो जजों की बेंच ने
सुनवाई शुरू की। करीब दो घंटे सुनवाई चली। सरकार ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा
तो कोर्ट ने सुनवाई बुधवार सुबह तक स्थगित कर दी थी। सुबह सुनवाई शुरू हुई तो
तमिलनाडु सरकार ने अपने शपथ-पत्र में कहा कि जब करुणानिधि मुख्यमंत्री थे, तब प्रोटोकॉल बताने के बाद भी उन्होंने पूर्व सीएम जानकी
रामचंद्रन की समाधि के लिए जमीन नहीं दी थी। द्रमुक ने इसे बदले की राजनीति करार
दिया।डीएमके प्रमुख करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने चेन्नई
पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।एयरपोर्ट
पर मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने उनकी अगवानी की। तमिलनाडु के अभिनेता से राजनेता बने कमल हसन
ने चेन्नई के राजाजी हॉल में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुनानिधि को श्रद्धांजलि दी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने
राजाजी हॉल पहुंचे। लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों ने मौन रखकर करुणानिधि को
श्रद्धांजलि दी। बाद में दोनों सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो गई।करीब ढाई घंटे की सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने द्रमुक
के पक्ष में फैसला सुनाया। मरीना बीच पर ही करुणानिधि का अंतिम संस्कार होगा।मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि को लेकर मद्रास हाईकोर्ट
में बहस खत्म। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने आदेश पढ़ना शुरू किया।डीएमके चीफ करुणानिधि को अंतिम विदाई देने के लिए मोदी
चेन्नई पहुंचे।मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने कहा- "इस मामले को
कोर्ट में लाकर द्रमुक अपना राजनीतिक एजेंडा चला रही है। पेरियार द्रविड़ आंदोलन
के सबसे बड़े नेता थे, क्या उन्हें मरीना बीच पर दफनाया गया?"कमल हासन करुणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए राजाजी हॉल
पहुंचे। उन्होंने मरीना बीच पर समाधि बनाने की द्रमुक की मांग का समर्थन किया। हाईकोर्ट
में द्रमुक के वकील ने कहा- "राज्य की 7 करोड़ जनता में से 1 करोड़ लोग करुणानिधि के समर्थक हैं। अगर मरीना बीच पर समाधि
के लिए जगह नहीं दी गई तो वे इसका विरोध करेंगे।"करुणानिधि की समाधि पर विवाद बढ़ने के बाद मरीना बीच स्थित
जयललिता के स्मारक पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। हाईकोर्ट में द्रमुक के वकील ने राज्य
सरकार से कहा- "आप करुणानिधि के निधन पर राजकीय शोक घोषित कर सकते हैं, तो फिर समाधि के लिए जगह क्यों नहीं दे सकते।" डीएमके
के वकील ने कहा, "डीएमके संस्थापक अन्ना अक्सर कहते थे कि करुणानिधि मेरी
जिंदगी है। मरीना बीच की जगह गांधी मंडपम के पास करुणानिधि को दफनाना उनकी
सम्मानजनक विदाई नहीं कही जाएगी।'' तमिलनाडु सरकार ने अपने शपथ-पत्र में कहा, "जब करुणानिधि मुख्यमंत्री थे, तब प्रोटोकॉल बताने के
बाद भी उन्होंने पूर्व सीएम जानकी रामचंद्रन की समाधि के लिए जमीन नहीं दी
थी।"करुणानिधि की समाधि मरीना बीच पर बनाने को लेकर डीएमके के
आयोजन सचिव आरएस भारथी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। मद्रास उच्च न्यायालय
ने रामास्वामी, के बालू और दुरईसामी की याचिकाएं खारिज कर दीं। उन्होंने
मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि बनाने को लेकर आपत्ति जताई थी।मद्रास हाईकोर्ट ने रामास्वामी के वकील से मरीना बीच पर
करुणानिधि की समाधि बनाने को लेकर कोई आपत्ति न होने का ज्ञापन देने को कहा। वकील
ने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंप दिया।केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी भी करुणानिधि को
श्रंद्धाजलि देने पहुंचे।याचिकाकर्ता रामास्वामी
के वकील ने कहा, "करुणानिधि की समाधि को लेकर हमें कोई आपत्ति नहीं
हैं।" कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा, "अपना मुकदमा वापस लो।"मरीना बीच पर करुणानिधि का समाधि
स्थल बनाने की अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, रजनीकांत भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। राजाजी हॉल के सामने
करुणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों की लंबी कतार देखी जा रही है। तमिलनाडु
के मुख्यमंत्री पलानीसामी करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि
उनके (करुणानिधि) जाने से राज्य को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। इस दौरान द्रमुक
समर्थकों ने पलानीसामी के खिलाफ नारेबाजी की।
द्रमुक ने कहा- सरकार भेदभाव कर रही: द्रमुक के एक नेता का
कहना है कि हमने हाईकोर्ट को बताया कि कैसे राज्य सरकार जयललिता के स्मारक के लिए 3400 से 3500 वर्ग फीट की जगह दे सकती है, लेकिन हमें 6 फीट की जगह देने से इनकार कर रही है। दरअसल, सरकार भेदभाव कर रही है। अन्नाद्रमुक सरकार यहां जयललिता का
50 करोड़ का स्मारक बनाने जा रही है।
राहुल ने कहा- सरकार उदारता दिखाए: राहुल गांधी ने कहा, "जयललिता की तरह करुणानिधि भी तमिल लोगों की आवाज थे। ऐसे
में उन्हें मरीना बीच पर जगह दी जानी चाहिए।" वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजादी ने कहा है कि तमिलनाडु सरकार
को ऐसे मौके पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।