नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : दिल्ली-एनसीआर में ये हफ्ता धूल से भरा रहा. पिछले महीने
से चल रहे तूफान और तेज़ आंधी की वजह से हवा में धूल की बढ़ोत्तरी हुई. ऐसे मौसम
में बीएलके सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के प्रमुख सलाहकार व निर्देशको का कहना है कि
घरों के अंदर रहें और बाहर मास्क पहन कर निकलें. क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में इस तरह
हवा में धूल के कण सोमवार तक बने रह सकते हैं जानकारी के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के दौरान दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक
बढ़ा है और रविवार और सोमवार को स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। वहीं, इसके पीछे हैरान करने वाली बात सामने आ रही है। बताया जा
रहा है कि दिल्ली में खतरनाक वायु प्रदूषण के पीछे मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) से आने
वाली धूल भरी हवा है। इतना ही नहीं, यह धूल भरी हवा देश के
दक्षिणी पश्चिम हिस्से की हवा भी प्रदूषित कर रही है। दिल्ली समेत देश के पूरे
दक्षिण पश्चिमी हिस्से में एयर क्वॉलिटी गड़बड़ाने की आशंका है। ओमान और मिडल ईस्ट
के दूसरे हिस्सों से उठने वाली धूल भरी आंधी का असर यहां भी पड़ रहा है। दिल्ली
प्रदूषण नियंत्रण समिति ने हालात को देखते इससे संबंधित विभागों को प्रदूषण
नियंत्रित करने का निर्देश जारी किया है। इसके अलावा खतरे को देखते हुए उनसे एक्शन
रिपोर्ट लाने को कहा है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से जुड़े सूत्रों के
मुताबिक, 2 अगस्त से दिल्ली की हवा में धूल की मात्रा में तेजी से
इजाफा हुआ है। इसके पीछे अरब प्रायद्वीप की धूल है, जिसने दिल्ली की हवा में
धूल की मात्रा में इजाफा किया है। इसी धूल का असर है कि एक दिन पहले शुक्रवार को
दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 213 रिकॉर्ड किया गया। यह स्तर बच्चों और बूढ़ों के स्वास्थ्य
के लिए बहुत खतरनाक है। सफर इंडिया के निर्देशकों के अनुसार दिल्ली में संवेदनशील
लोगों को इस समय अधिक देर तक बाहर नहीं रहना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
जबकि स्वस्थ लोगों को भी इस तरह की हवा में परेशानी हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक
प्रदूषण लगातार बढ़ेगा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) नेटवर्क के मुताबिक
दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में द्वारका, मुंडका और मथुरा रोड और
यमुना पार शामिल रहा। द्वारका का एयर इंडेक्स 345, मुंडका का 336 और मथुरा रोड का 311 और यमुना पार 305 रहा,
यह बेहद खराब स्थिति है। इसके अलावा दिल्ली में कई जगहों पर
एयर इंडेक्स 280 से अधिक रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार
प्रदूषण की मुख्य वजह पीएम 10 है। बारिश की वजह से जो धूल मिट्टी जम गई थी, वह अब तेज धूप की वजह से सूख गई है। वहीं बहती हुई मिट्टी
सड़कों पर भी जम चुकी है। ऐसे में ट्रैफिक के चलने के साथ यह धूल हवा में घुलने
लगी है और प्रदूषण को बढ़ा रही है। सफर के मुताबिक अगले तीन दिनों में प्रदूषण
बढ़ेगा। इसमें करीब 30 से 40
फीसद की वृद्धि हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून
अभी ब्रेक पर है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शुष्क हवा
चल रही है। इसके चलते उत्तर-पश्चिमी भारत के साथ राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश
तक अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं होगी। लिहाजा, इन क्षेत्रों में धूल
बढ़ेगी और यही प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण तेजी से
बढ़ रहा है। बारिश थमते ही दिल्ली के तापमान में इजाफा होने लगा है छह अगस्त से
पहले दिल्ली में बारिश के आसार नहीं हैं। इस दौरान लोगों को उमस और गर्मी का सामना
करना होगा। मौसम विभाग ने इस बीच छह तारीख को सामान्य बारिश का पूर्वानुमान जारी
किया है, लेकिन दूसरी तरफ स्काईमेट का दावा है कि दिल्ली को बारिश के
लिए आठ अगस्त तक इंतजार करना पड़ेगा। स्काईमेट के अनुसार, मानसून ट्रफ दिल्ली के उत्तर की तरफ स्थानांतरित हो गया है।
इसकी वजह से हवा की दिशा में बदलाव आया है। दक्षिण-पूर्व की जगह पर पश्चिम की सूखी
व गर्म हवा दिल्ली पहुंच रही है। लिहाजा, अगले पांच से छह दिन तक
मौसम गर्म और सूखा ही रहेगा। इस बीच सात या आठ अगस्त तक ही दिल्ली एनसीआर समेत
उत्तर पश्चिम में मानसून दोबारा से सक्रिय होगा। इस दौरान मानसूनी ट्रफ दिल्ली के
करीब आएगा जिससे यहां मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश से तापमान में फिर से
कमी आएगी लेकिन बंगाल की खाड़ी से नम हवा दिल्ली आएगी जिससे उमस बढ़ेगी।