बनारस में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के 2 स्लैब गिरने से 16 की मौत
कवाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कैंट स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो स्लैब गिर गए। इसमें दबने से 16 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। यह स्लैब दो दिन पहले ही पुल पर रखे गए थे, उनको जोडऩे का काम चल रहा था। मजदूर भी थे। इसके बावजूद नीचे से ट्रैफिक गुजरता रहा। प्रशासन ने ट्रैफिक नहीं रोका।
यह लापरवाही आम लोगों पर भारी पड़ी। 10 फीट चौड़े दो स्लैब भरभराकर गिर पड़े। इसकी चपेट में एक मिनी बस और चार कारों समेत कई गाडिय़ां और लोग आ गए। जहां हादसा हुआ, वह बनारस का सबसे व्यस्त इलाका है। यह कैंट स्टेशन 100 मीटर दूरी पर स्थित है। चश्मीदीदों के मुताबिक, करीब 6 कारें और एक बस भी मलबे में दबी हुई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने किसी मौत की पुष्टि नहीं की है। इस फ्लाईओवर निर्माण का काम 2015 में शुरू हुआ था। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया है। सिद्धार्थनाथ सिंह के अनुसार, आदित्यनाथ ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नीलकंठ तिवारी को वाराणसी रवाना होने के निर्देश दिए। साथ ही राहत और बचाव काम में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली न होने देने की बात कही है।। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी में कैण्ट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल के एक हिस्से के गिरने की दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घटना में घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की घोषणा की है।