चंडीगढ़ वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के सैमिफाइनल के रूप में देखे जा रहे कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक सीटें मिलने के बाद अब भाजपा का पूरा ध्यान हरियाणा पर रहेगा। हरियाणा भाजपा के अलावा केंद्रीय नेतृत्व भी अब पूरा ध्यान हरियाणा पर ही लगाएगा। हरियाणा में भाजपा सरकार व संगठन पूरी तरह चुनावी मोड पर काम करेगी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हरियाणा से मिशन 2019 की शुरूआत पहले ही कर चुके हैं लेकिन कर्नाटक चुनाव के चलते भाजपा का पूरा ध्यान उस तरफ लग गया था। देश की राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों ने हमेशा से ही हरियाणा को अहमियत दी है। हरियाणा में आगामी लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस, भाजपा, इनेलो तथा आम आदमी पार्टी चुनाव मैदान में होगी। जिसके चलते यह मुकाबले पूरी तरह से दिलचस्प बनेगा। कर्नाटक के माध्यम से कांग्रेस मुक्त भारत का सपना साकार करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब हरियाणा पर ध्यान देकर यहां अपनी स्थिति को मजबूत करेगी। हरियाणा में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाने वाली भाजपा के कार्यकाल में जाट आंदोलन, राम रहीम प्रकरण आदि समेत कई बड़ी घटनाओं ने सरकार की फजीहत करवाई है। जिसके चलते हाईकमान आगामी चुनाव में किसी तरह का जोखिम नहीं उठाएगी। सूत्रों की मानें तो अमित शाह की जींद रैली के बाद ही हाईकमान ने यह तय कर लिया था कि अब हरियाणा में तमाम राजनीतिक गतिविधियों को हाईकमान के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
कर्नाटक में भाजपा हाईकमान ने पूरा चुनाव अपने बल पर लड़ा है। अब हरियाणा में भी इसी रणनीति को अपनाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा में चलाई जा रही योजनाओं का अब संबंधित केंद्रीय मंत्री न केवल खुद रिव्यू करेंगे बल्कि भाजपा अपने-आप को संगठनात्मक रूप से भी मजबूत करेगी। केंद्रीय मंत्री समय-समय पर हरियाणा का दौरा करके हरियाणा के मंत्रियों के साथ बैठक के माध्यम से अपने विभागों की योजनाओं का फीडबैक लेंगे। इसके अलावा कर्नाटक से फारिग हुई भाजपा अब बहुत जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरियाणा में लेकर आएगी।