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राष्ट्रीय
By   V.K Sharma 25/07/2018 :20:17
मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, सीएम फडणवीस ने कहा - सरकार बातचीत को तैयार !
 

 

 

मुंबई [ न्यूज़ ग्राउंड ] आकाश मिश्रा : मराठा क्रांति मोर्चा ने बुधवार को बुलाया मुंबई बंद दोपहर बाद खत्म कर दिया। मोर्चा के मुंबई संयोजक नरेंद्र पवार ने कहा- हम बंद वापस ले रहे हैं। हमारी अपील है कि ठाणेनवी मुंबई और दूसरे शहरों में भी बंद वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश है। इस आंदोलन को कोई एक चेहरा नहीं है। मोर्चा ने मांग की थी कि मराठा समुदाय को आगे लाने के लिए पिछड़ा वर्ग के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 16% आरक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है सरकार ने समाज को आरक्षण देने के लिए कानून बनाया थामगर बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस पर स्टे लगा दिया। इससे पहले मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा राज्यव्यापी प्रदर्शन हिंसक हो गया था। मराठा आंदोलन में हिंसा के चलते नवी मुंबई में बेस्ट की बस सेवा को फौरीतौर पर बंद कर दिया गया था। नवी मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। लोकल ट्रेनों को भी रोका गया था। इस कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।  इस बीच मुंबई में सुबह कई जगहों पर बसों पर पथराव किया गया। हिंसक झड़प में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है। आंदोलन कारियों ने कई जगहों पर ट्रेन सेवा को बाधित करने की कोशिश की। प्रदर्शन कारियों के पथराव में एक कांस्टेबल की मौत हो गई जबकि नौ अन्य जख्मी हो गए। बता दें कि आज मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद का आह्वान किया था । पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ कर शाम को करीब सात घंटे बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे खुलवाया। लोगों ने सुबह 10 बजे हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया था। इस दौरान नवी मुंबई के कलंबोली में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की झड़प हुई। भीड़ के पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोल छोड़े और हवाई फायर भी किए। सोमवार को एक युवक के आत्महत्या करने के बाद मराठा आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा था।  मराठा क्रांति मोर्चा ने आज मुंबई में आंदोलन करने की घोषणा की थी। इसके तहत मुंबईनवी मुंबईठाणेपालघर इत्यादि क्षेत्रों में बंद का आह्वान किया। हिंसक आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई कदम उठाए थे। मुंबई पुलिस को सतर्क कर दिया गया था। प्रमुख स्‍थलों पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। इस बीच प्रशासन ने अफवाहों पर नियंत्रण करने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है। उधरशिवसेना द्वारा मराठा आंदाेलन के समर्थन के साथ सियासी रंग गहरा गया है। बता दें  कि मंगलवार को पांच और युवकों ने आत्महत्या की कोशिश की। इसमें से एक युवक ने नदी में छलांग लगाकरतो दूसरे ने विष खाकर जान देने की कोशिश कीलेकिन दोनों को बचा लिया गया। औरंगाबाद में आंदोलनकारियों ने जमकर पथराव किया। इसमें एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गईजबकि एक अन्य घायल हो गया। महाराष्ट्र बंद का सर्वाधिक असर भी औरंगाबाद में ही देखने को मिला। आंदोलनकारियों ने सड़क यातायात के साथ-साथ रेलगाड़ियों को भी रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारियों ने दमकल विभाग की एक गाड़ी को आग लगा दी और जमकर पथराव किया। पथराव में एक पुलिस कांस्टेबल की मृत्यु हो गईजबकि एक अन्य घायल हो गया। सोमवार को आत्महत्या करने वाले युवक शिंदे की अंत्येष्टि में शामिल होने गए शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे से भी धक्कामुक्की की गई। सरकार में शामिल शिवसेना भी इस मसले पर भाजपा को घेरने में पीछे नहीं है। शिवसेना नेता और राज्य सरकार में उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि मराठा आरक्षण पर शिवसेना इस समुदाय के साथ है। मराठा समुदाय को आरक्षण देने में विलंब हो रहा है। मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए देसाई ने कहा कि जिन लोगों ने मराठा आरक्षण का मसला सुलझाने का वादा किया थाउन्हें अब आगे आना चाहिए। बता दें कि मराठा समुदाय ने पिछले वर्ष लगभग पूरे साल राज्यभर में करीब 55 मूक रैलियां करके आरक्षण के पक्ष में आवाज उठाई थी। यह आंदोलन तब मुंबई भी पहुंचा था। तब मुख्यमंत्री ने इस समुदाय को आरक्षण का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया था। मराठा आंदोलन के कारण ही सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पंढरपुर में भगवान विट्ठल की पारंपरिक पूजा में नहीं जा सके। उन्हें यह पूजा अपने सरकारी आवास पर करनी पड़ी। अन्यथा आषाढ़ी एकादशी की पूजा मुख्यमंत्री द्वारा ही सपत्नीक संपन्न होती है। मुख्यमंत्री के इस पूजा में शामिल नहीं हो पाने पर राजनीतिक टिप्पणियां भी की जा रही हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री अपने घर पर पूजा नहीं कर रहे हैंबल्कि पूजा का दिखावा कर रहे हैं। बता दें कि मराठा समाज लंबे समय से शिक्षा और नौकरियों में आंदोलन की मांग करता आ रहा है। हाल में राज्य सरकार द्वारा 72,000 नियुक्तियां किए जाने के संकेत मिलने के बाद यह आंदोलन और तेज हो गया। हालांकिमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने आश्वासन दिया है कि मराठा आरक्षण पर कोर्ट का फैसला आने तक इन भर्तियों में इस समुदाय को 16 फीसद आरक्षण दिया जाएगा। लेकिनआंदोलन का नेतृत्व कर रहा मराठा क्रांति मोर्चा इस आश्वासन से सहमत नहीं है। उसने नौ अगस्त को महाराष्ट्र बंद की तैयारी कर रखी थी। सोमवार को औरंगाबाद में काकासाहब शिंदे (27) नामक एक युवक के गोदावरी नदी में कूदकर आत्महत्या कर लेने से आंदोलन अचानक भड़क उठा और नौ अगस्त के बजाय मंगलवार को ही महाराष्ट्र बंद का त्वरित आह्वान कर दिया गया।

 

 




V.K Sharma
Editor in Chief
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