बच्चों के स्वस्थ को लेकर लापरवाही मशहूर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन टेलकम पाउडर दे रहा कैंसर, कंपनी पर लगा अरबों का जुर्माना !
महिलाओं और उनके परिवारों ने कहा कि दशकों के लंबे समय तक बच्चे के पाउडर और अन्य कॉस्मेटिक टैल्क उत्पादों का उपयोग उनकी बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी को पता था कि कम से कम 1 9 70 के दशक से इसकी तालक एस्बेस्टोस से दूषित हो गई थी लेकिन उपभोक्ताओं को जोखिमों के बारे में चेतावनी देने में असफल रहा। कंपनी ने एक बयान में कहा, "जॉनसन और जॉनसन फैसले में बहुत निराश हैं, जो मौलिक रूप से अनुचित प्रक्रिया का उत्पाद था।" कंपनी ने कहा कि यह विश्वास रखता है कि इसके उत्पादों में एस्बेस्टोस नहीं है या कैंसर का कारण नहीं है।
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : एक मिसौरी जूरी ने
गुरुवार को जॉनसन और जॉनसन को 22 महिलाओं को $ 4.6 9 बिलियन का रिकॉर्ड
करने का आदेश दिया, जिन्होंने कंपनी के
टैल्क-आधारित उत्पादों पर आरोप लगाया, जिसमें बच्चे के पाउडर
समेत एस्बेस्टोस शामिल थे और उन्हें डिम्बग्रंथि के कैंसर का विकास हुआ। कंपनी
9,000 तालक मामलों से जूझ रही है। जम्मू-कश्मीर दोनों इनकार करते हैं कि इसके ताल
उत्पाद कैंसर का कारण बनते हैं और उनमें कभी भी एस्बेस्टोस होता है। यह कहता है कि
दशकों के अध्ययनों ने अपनी तालक को सुरक्षित रखने के लिए दिखाया है और तकनीकी
कानूनी आधार पर पिछले तालक फैसले को सफलतापूर्वक उलट दिया है। गुरुवार के बड़े
फैसले को सेंट लुइस शहर के सर्किट कोर्ट में सौंपा गया था। इसमें क्षतिपूर्ति
क्षति में $ 550 मिलियन और दंडनीय
क्षति में $ 4.14 बिलियन शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर ने एक बयान में "मौलिक रूप से अनुचित" कहा और कहा कि यह
निर्णय अपील करेगा। बच्चों के लिए उत्पाद बनाने वाली मशहूर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन
को अमेरिका की एक अदालत ने 22 महिलाओं को 470 करोड़ डॉलर (लगभग 32,000 करोड़ रुपये)
हर्जाना देने को कहा है। इन महिलाओं ने जॉनसन एंड जॉनसन के टैलकम पाउडर में
एसबेस्टस होने और इसके इस्तेमाल से गर्भाशय का कैंसर होने का आरोप लगाया था। इसी
मामले में फैसला सुनाते हुए मिसौरी की अदालत ने महिलाओं को हर्जाना देने को कहा
है। जॉनसन एंड जॉनसन पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने के मामले में कई बार कंपनी
पर जुर्माना लगाया जा चुका है। लेकिन, यह इसके लिए अब तक का
सबसे बड़ा आर्थिक दंड है। इस समय कंपनी पर लगभग 9,000 मुकदमे चल रहे हैं। इनमें
पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने और इसमें एसबेस्टस होने के आरोप लगाए गए
हैं।अभियोजन पक्ष के वकील मार्क लैनियर
ने अदालत को बताया कि कंपनी इस बात को जानती थी कि उसके टैलकम पाउडर में एसबेस्टस
मिला हुआ है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को इसके प्रति आगाह नहीं किया गया। उन्होंने
कहा कि लोगों की जिंदगी को इस तरह से खतरे में नहीं डाला जा सकता है। यह सही नहीं
है। दशकों से हम और आप अपने बच्चों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर इस्तेमाल
कर रहे हैं। महिलाएं तो टेलकम पाउडर को अपने जननांगों में भी इस्तेमाल करती हैं, ताकि यह नमी को सोख ले और किसी तरह की बदबू न आए। पिछले साल
अमेरिका में एक शिकायत दर्ज हुई, जिसके अनुसार महिलाएं
जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर व शावर टू शावर पाउडर का नियमित तौर पर इस्तेमाल करती
हैं। इसे महिलाओं में जेनेटाइल हाइजीन के लिए काफी इस्तेमाल किया जाता है। महिलाओं
ने बताया कि बाद में उन्हें गर्भाशय का कैंसर होने का पता चला। यह बात भी गौर करने
वाली है कि जॉनसन एंड जॉनसन को इस बारे में पहले से ही पता है और कंपनी पिछले 40
साल से इस बात को छिपाए हुए है। हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन ने इस मामले में चली
सुनवाई को एकतरफा बताया है। लगभग पांच सप्ताह तक चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों
ने अपनी ओर से विशेषज्ञ पेश किए। हालांकि अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त
करते हुए कंपनी ने कहा कि मामले की सुनवाई सही तरीके से नहीं हुई है और वह फैसले
को चुनौती देगी। अदालत का फैसला आने के बाद शेयर बाजार में जॉनसन एंड जॉनसन के
शेयर का मूल्य गिर गया।