सीलिंगः दिल्ली के लाखों व्यापारियों को राहत दिलाने के लिए डिडिए ने मसौदा तैयार कर लिया - किसे होगा लाभ
न्यूज़ ग्राउंड (नई दिल्ली)। आकाश मिश्रा : दिल्ली को सीलिंग से राहत दिलाने के लिए डिडिए ने मसौदा तैयार कर लिया है। मंगलवार को डीडीए के चेयरमैन और एलजी अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई डीडीए बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान-2021 में संशोधनों के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। अब यह फाइल मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय ही इस बाबत अधिसूचना जारी करेगा। डीडीए ने शॉप कम रेजिडेंशियल प्लान के लिए संशोधनों पर मंजूरी दी है। इसके मुताबिक, 1962 से पहले विकसित इलाके लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, कमला नगर आदि में मिक्स यूज रेगुलेशन की शर्तों के अनुसार व्यावसायिक गतिविधि जारी रह सकती है। शॉप कम रेजिडेंस कांप्लेक्स भी लोकल शॉपिंग सेंटर में अपनी गतिविधियां तय शर्तों के अनुरूप जारी रख सकते हैं। इसमें ऐसे प्लॉट का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) रेजिडेंशियल प्लॉट के बराबर ही होगा। सरकार द्वारा निर्धारित कनवर्जन चार्ज का भुगतान व्यापारियों को करना होगा। अन्य शॉप कम रेजिडेंस प्लॉट भी असली एफएआर के अनुसार ही अपना व्यापार जारी रख सकेंगे। ऊपरी तलों को कमर्शियल में बदलने के लिए तय भुगतान करना होगा। पार्किंग को बढ़ावा देने के लिए प्लॉट के मालिक को न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर प्लॉट के साथ समाहित करने की इजाजत होगी। ऐसे प्लॉट को कनवर्जन चार्ज में 50 फीसद तक की छूट दी जाएगी। यदि इसके बावजूद पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाएगी तो ऐसी जगहों को संबंधित स्थानीय निकाय पेडिस्टेरियन शॉपिंग स्ट्रीट घोषित करेगा। यहां पर लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग भी अपनी क्षमताओं के अनुसार रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि कर सकेंगे। शॉप कम रेजिडेंशियल कांप्लेक्स और मिक्स लैंड यूज या कमर्शियल स्ट्रीट में आने वाली जगहों के लिए पर्यावरण व अन्य के लिहाज से प्लान और असेसमेंट तैयार करवाया जाएगा। मिक्स लैंड यूज के तहत लीकर शॉप, बार, डिस्को और क्लब को मंजूरी नहीं होगी। संबंधित इलाके से विभिन्न माध्यमों से आने वाला शुल्क उसी क्षेत्र की सुविधाओं, पार्किंग, जन प्रसाधन, पेयजल आदि सुविधाओं के लिए खर्च किया जाएगा। मास्टर प्लान-2021 में नॉन कनफर्मिंग एरिया में गोदाम क्लस्टर के पुनर्विकास के लिए भी संशोधन मंजूर हुए हैं। स्टैंड अलोन गोदाम की सीधी निकासी न्यूनतम 30 मीटर चौड़ी रोड पर होनी चाहिए। लाल डोरे और विस्तारित लाल डोरे में गोदाम की मंजूरी उन्हीं जगहों पर दी जाएगी जहां 300 वर्ग मीटर प्लॉट साइज के गोदाम की निकासी 9 मीटर चौड़ी रोड पर और इससे बड़े प्लॉट साइज की निकासी 12 मीटर चौड़ी रोड पर हो। इस गोदाम के पास पाकिर्ंग सुविधा जरूर हो और वह प्लॉट के अंदर ही हो। साथ ही इन्हें ट्रेफिक और अग्निशमन विभाग से एनओसी भी लेनी होगी। सामानों की लोडिंग और अनलोडिंग प्लॉट के अंदर ही होगी। जिनके प्लॉट नॉन कनफमिर्ंग एरिया में हैं और 30 मीटर चौड़ी रोड पर उनका एक्सेस नहीं है, उन्हें कनफर्मिंग एरिया में शिफ्ट करना होगा। इसके अलावा नॉन कनफर्मिंग क्लस्टर ऑफ गोदाम, वेयरहाउस जिनके पास न्यूनतम दो हेक्टेयर की जगह है और क्लस्टर में 55 फीसद प्लॉट है, के सर्वे के बाद उस क्षेत्र के लिए पुनर्विकास प्लान तैयार किया जाएगा।