दिल्ली में बगदादी की दस्तक, बड़े हमले की कोशिश हुई नाकाम, NIA ने दिल्ली और यूपी में 17 जगह की छापेमारी जिसमे राजधानी को दहलाने की थी साजिश, इंजीनियर से लेकर मौलवी तक बना रहे थे योजना !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : दिल्ली वैसे तो पिछले दो
दशक से आतंकियों के निशाने पर रही है। सुरक्षा एजेंसियां व स्पेशल सेल पहले
विभिन्न आतंकी संगठनों के जिन आतंकियों को गिरफ्तार करती भी रही हैं, जिनमें अधिकतर पड़ोसी देश
पाकिस्तान अथवा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश व हरियाणा के मेवात इलाके के रहने वाले
होते थे। बावजूद इसके पिछले कुछ सालों से उत्तर-पूर्वी जिला के विभिन्न इलाकों से
बड़ी संख्या में आतंकियों के पकड़े जाने से माना जा रहा है कि दिल्ली का
उत्तर-पूर्वी जिला आतंकियों के लिए गढ़ बनता जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी
(एनआइए) ने आइएसआइएस से प्रेरित एक आतंकी माड्यूल का पर्दाफाश किया है। तीन-चार
महीने पहले बना यह माड्यूल ने देश में भीड़भाड़ समेत अहम ठिकानों और महत्वपूर्ण
व्यक्तियों पर हमले की तैयारी में था और भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जुटा
चुका था। यह माड्यूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' के नाम से काम कर रहा था।
एनआइए ने माड्यूल से जुड़े दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 17 ठिकानों पर छापा मारते
हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर
लिया है। जबकि छह अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनमें से कुछ को
गिरफ्तार किया जा सकता है। एनआइए के संयुक्त निदेशक आलोक मित्तल के अनुसार यह माड्यूल
फिदाइन और रिमोट कंट्रोल से विस्फोट करने के लिए पूरी तरह तैयार था। जो विस्फोटक
और साजो-सामान इनके पास से बरामद हुए हैं, उससे साफ है कि इनकी बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना
थी। छापे में इनके पास से 25 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट,
सल्फर और सुगर मैटेरियल
पेस्ट के साथ-साथ 112 अलार्म घड़ी, मोबाइल फोन सर्किट, बैटरी, 51 पाइप, कार का रिमोट कंट्रोल, वायरलेस डोरवेल स्वीच,
स्टील कंटेनर, तार, 91 मोबाइल फोन और 134 सिम कार्ड बरामद किये गए
हैं। ये सारा सामान कई आइईडी बम बनाने के लिए पर्याप्त था। बड़ी संख्या में पाइप
के बरामद होने से साफ है कि यह माड्यूल पाइप बम के सहारे विस्फोट करने की योजना
बना रहा था। बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ ही इस माड्यूल ने एक देशी राकेट
लांचर भी तैयार कर लिया था। इसके अलावा ये लोग फिदाइन हमलों में इस्तेमाल होने
वाला जैकेट भी बरामद किया गया है। इनके ठिकानों से 12 पिस्तौल और 150 कारतूस भी बरामद किये गए
है। इनके पास से मिले बड़ी मात्रा में आइएसआइएस से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज मिले
हैं। जिससे इन माड्यूल के आइएसआइएस से प्रेरित होने की बात साबित होती है।
जाफराबाद गली नंबर-24 के मकान नंबर-549 की दूसरी मंजिल पर सब लोग सो रहे थे। तड़के करीब चार बजे
दरवाजे पर दस्तक हुई। बाहर 25 पुलिसकर्मियों का दल खड़ा था। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी
(एनआइए) के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के सदस्य भी शामिल थे। पुलिस ने कहा
कि हमें घर की तलाशी लेनी है, आप लोग सहयोग करिये। यह घर था नोएडा के इंजीनियर कॉलेज में
तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद अनस यूनुस (24) का। दरवाजा खोलते ही
धड़ाधड़ पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हो गए। सब कुछ इतनी शांति से हुआ, जिसकी पड़ोसियों को भनक तक
नहीं लगी। सुबह करीब पांच बजे कुछ लोग जब जागे तो बाहर गली के दोनों तरफ
पुलिसकर्मियों ने रास्ता बंद कर रखा था। यहां स्थानीय पुलिस तैनात थी। शाम छह बजे
तक छापेमारी चलती रही। इसके बाद टीम यहां से एक जीप में बरामद सामान और दूसरी जीप
में संदिग्ध आतंकी अनस को लेकर चली गई। बताया जा रहा है कि अनस के घर से पुलिस को
करीब 120 अलार्म वाली घड़ियां,
लोहे के पाइप और पटाखे
बरामद हुए हैं। एनआइए के दस्ते में शामिल एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर
बताया कि कार्रवाई की रूपरेखा देर रात ही तय कर ली गई थी। आधी रात को 2:30 बजे सीलमपुर स्थित पुलिस
उपायुक्त कार्यालय में सभी एजेंसियों को इकट्ठा किया गया। स्थानीय पुलिस को आसपास
कानून व्यवस्था संभालने को कहा गया। इसके बाद 25-25 सदस्यों के दल बनाए गए।
जाफराबाद में गली नंबर-24 के अलावा छह अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। एनआइए के
संयुक्त निदेशक आलोक मित्तल के अनुसार यह माड्यूल फिदाइन और रिमोट कंट्रोल से
विस्फोट करने के लिए पूरी तरह तैयार था। जो विस्फोटक और साजो-सामान इनके पास से
बरामद हुए हैं, उससे साफ है कि इनकी बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना
थी। छापे में इनके पास से 25 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट,
सल्फर और सुगर मैटेरियल
पेस्ट के साथ-साथ 112 अलार्म घड़ी, मोबाइल फोन सर्किट, बैटरी, 51 पाइप, कार का रिमोट कंट्रोल, वायरलेस डोरवेल स्वीच,
स्टील कंटेनर, तार, 91 मोबाइल फोन और 134 सिम कार्ड बरामद किये गए
हैं। ये सारा सामान कई आइईडी बम बनाने के लिए पर्याप्त था। बड़ी संख्या में पाइप
के बरामद होने से साफ है कि यह माड्यूल पाइप बम के सहारे विस्फोट करने की योजना
बना रहा था।बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ ही इस माड्यूल ने एक देशी राकेट लांचर
भी तैयार कर लिया था। इसके अलावा ये लोग फिदाइन हमलों में इस्तेमाल होने वाला जैकेट
भी बरामद किया गया है। इनके ठिकानों से 12 पिस्तौल और 150 कारतूस भी बरामद किये गए है। इनके पास से मिले बड़ी मात्रा
में आइएसआइएस से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। जिससे इन माड्यूल के आइएसआइएस
से प्रेरित होने की बात साबित होती है।सभी जगहों पर तड़के दस्ता एक साथ पहुंचा। अनस के घर से थोड़ी दूरी पर स्थित
मदीना मस्जिद के पास एक मकान में भी कार्रवाई चल रही थी। यह मकान मुख्य साजिशकर्ता
बताए जा रहे मोहम्मद सुहैल के भाइयों का था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस यहां से
परिवार के सभी सदस्यों का मोबाइल और कुछ सामान जब्त कर ले गई। यहां भाई जुबेर ने
बताया कि करीब एक साल पहले सुहैल की शादी हुई थी। यहां पैतृक मकान में जगह कम पड़ने
के कारण वह परिवार को लेकर अमरोहा चला गया था। वहां वह एक मदरसे में पढ़ा रहा था।
परिवार यह मानने को तैयार नहीं कि सुहैल आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सुहैल को पुलिस ने अमरोहा से ही हिरासत में लिया था।
जाफराबाद में ही कपड़ों का कारोबार करने वाले राशिद जाफर के गली नंबर 15 के साथ जुबेर मलिक और
उसके भाई जैद मलिक के घरों पर भी छापेमारी हुई। जुबेर मलिक दिल्ली विश्वविद्यालय
से बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा मेडिकल की दुकान चलाने वाले
मोहम्मद आजम के चौहान बांगर स्थित घर पर एनआइए ने दबिश दी। यहां से भी एजेंसी ने
कुछ सामान जब्त किए हैं। इस दौरान एनआइए के दल में शामिल सदस्यों ने कोई भी
जानकारी देने से इन्कार कर दिया। इस कार्रवाई से परिवार के साथ पड़ोसी भी सकते में
हैं। अनस के पिता मोहम्मद युनूस ने बताया कि उनका बेटा घर और कॉलेज के अलावा कहीं
नहीं आता-जाता था। उसे इस मामले में फंसाया गया है। पड़ोसी फहीम ने बताया कि अनस
सीधा-साधा लड़का है। उन्हें लगता है कि एनआइए पूछताछ के बाद उसे छोड़ देगी। हालांकि
सूत्रों का कहना है कि अनस के घर से काफी संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं। यह भी पता
चला है कि उसने अपने घर में रखे गहनों की चोरी की थी। इससे उसे करीब पांच लाख
रुपये मिले। धार्मिक बातें पूछने के लिए किया था सुहैल को फोन उधर, पकड़े गए एक आरोपित
मोहम्मद आजम के भाई वसीम ने एनआइए की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि
आजम धार्मिक और शांत स्वभाव का है। चौहान बांगर, मीट मंडी में उसका भाई
अपना मेडिकल स्टोर चलाता है। आजम पत्नी व माता-पिता के साथ एक माह पूर्व सऊदी अरब
उमराह करने गया था। उमराह में होने वाली इबादत के बारे में पूछने के लिए ही उसके
भाई ने कई बार मुफ्ती सुहैल को फोन किया था। इसी फोन रिकार्ड की वजह से उनके भाई
को फंसाया गया है।एनआइए के अनुसार यह माड्यूल एक साथ कई स्थानों पर आतंकी हमले की
योजना बना रहा था। जिनमें कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ-साथ अहम और भीड़भाड़
स्थान भी शामिल हैं। लेकिन एनआइए ने फिलहाल इसके बारे में कुछ भी बताने से इनकार
कर दिया। आलोक मित्तल ने कहा कि इस बारे में अभी पूछताछ की जा रही है और पूरी
पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल इस माड्यूल के सीधे आइएसआइएस से
जुड़े होने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन इसका सरगना मुफ्ती सुहैल एक विदेशी
आका के साथ लगातार संपर्क में था। आलोक मित्तल ने कहा कि इस विदेशी आका की पहचान
और उसके सक्रिय होने के स्थान की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही यह आतंकी
माड्यूल आइएसआइएस से जुड़े वेबसाइटों पर नियमित रूप से देखता था। इनके पास से
बरामद तीन लैपटॉप से इसकी पुष्टि हुई है। इस आतंकी माड्यूल का सरगना अमरोहा का मूल
निवासी और वहीं एक मस्जिद का इमाम के रूप में काम करने वाला मुफ्ती मोहम्मद सुहैल
है। सुहैल फिलहाल दिल्ली के जाफराबाद में रह रहा था। सुहैल ने इस माड्यूल में
जाफराबाद और अमरोहा के लड़कों को ही शामिल किया था। आलोक मित्तल के अनुसार फिलहाल
इस माड्यूल के कहीं बाहर से फंडिंग मिलने के सबूत नहीं मिले हैं। पूछताछ में
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने आसप में ही चंदा कर माड्यूल के लिए पैसा
जुटाया था। इसके लिए कुछ आरोपियों ने अपने घर में जेवर चुराकर बेचा भी था। लेकिन
आश्चर्य की बात यह है कि इतना सारा विस्फोटक, हथियार व साजो-सामान
खरीदने के बाद इस माड्यूल के पास 7.5 लाख रुपये बचे हुए थे, जिन्हें एनआइए ने कब्जे
में ले लिया है। नए आतंकी माड्यूल में अधिकांश आतंकी युवा हैं और उनकी उम्र 20 साल से 30 साल के बीच है। खुद इसका
सरगना मुफ्ती सुहैल 29 साल है। सुहैल के साथ गिरफ्तार जाफराबाद का रहने वाला 24 साल का अनस युनुस नोएडा
के एमेटी यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग का छात्र है और इसने माड्यूल के लिए
इलेक्ट्रानिक सामान, बैटरी और रिमोट कंट्रोल खरीदने में अहम भूमिका निभाई थी।
वहीं 23 वर्षीय राशिद जफर राक की
जाफराबाद में ही कपड़े की दुकान है। जबकि रईस और सईद अहमद नाम के दो भाइयों की
अमरोहा में बेल्डिंग की दुकान है। इन दोनों ने 25 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री
और पाइप खरीदने के साथ ही राकेट लांचर तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं
जाफराबाद के 20 वर्षीय जुबैर मलिक और 22 वर्षीय जैद मलिक ने
फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिम कार्ड खरीदने और धन जुटाने में शामिल था। जुबैर
मलिक दिल्ली विश्वविद्यालय का तृतीय वर्ष का छात्र है। जबकि हापुड़ के साकिब
इफ्तीकार और सीलमपुर में दवा की दुकान चलाने वाले मोहम्मद आजम ने हथियार खरीदने के
साथ ही अमरोहा के मोहम्मद इरशाद ने खरीदे गए विस्फोटकों व हथियारों को छुपाने में
मदद की थी। आलोक मित्तल के अनुसार इस माड्यूल के बनने के बाद से ही इसके बारे में
खुफिया जानकारी मिल गई थी और इस पर नजर रखी जा रही थी। यह माड्यूल मुख्य रूप से
व्हाट्सएप और टेलीग्राम मैसेसिंग एप का इस्तेमाल करता था। 20 दिसंबर को एफआइआर दर्ज
करने के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल और उत्तरप्रदेश एटीएस की मदद से इनके ठिकानों
पर छापा मारा गए। इनमें दिल्ली में छह और उत्तरप्रदेश में 11 ठिकाने शामिल हैं। एनआईए
सूत्रों से जानकारी मिली कि कुल 16 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। इसमें दिल्ली, अमरोहा, गाजियाबाद और लखनऊ शामिल
हैं। 6-7 ठिकाने सिर्फ दिल्ली में
थे, जिनमें से ज्यादातर इलाके
सीलमपुर जाफराबाद के हैं। इसके अलावा अमरोहा के सैदपुर इम्मा गांव और मेरठ के
रार्धना में कुछ ठिकानें पर छापेमारी की गई। एजेंसी के अनुसार, आईएस जैसे इस मॉड्यूल से
जुड़े ज्यादातर लोगों के बारे में पता लग चुका है और उन्हें शाम तक गिरफ्तार भी कर
लिया जाएगा। NIA को लगता है कि संगठन के लोगों के बीच हुई बातचीत के आधार पर
मॉड्यूल के हैंडलर और मेंटर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। मेरठ के रार्धना में NIA
नईम नाम के शख्स के घर
पहुंची थी। लेकिन वहां नईम नहीं उसकी मां मिली। नईम के पिता हाफिज अली किसान हैं।
नईम और उसके सभी भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। इसमें एक मेरठ, एक गाजियाबाद, दो मुजफ्फरनगर में हैं।
वहीं नईम गुड़गांव में काम करता था। फिलहाल नईम एक शादी में शामिल होने गांव
पहुंचा था। मां के मुताबिक, पुलिस के आने के वक्त नईम अपने पिता के साथ कहीं गया हुआ
था। मां ने बताया कि पुलिस घर से कुछ कागज, अखबार और एक किताब लेकर
गई है।
पकड़े गए संदिग्धों का प्रोफाइल
1- हाफिज सुहैल
-निवासी मुहल्ला मुल्लाना अमरोहा।
-बिहार के फुलवारी से मुफ्ती की डिग्री प्राप्त।
-पांच भाई-बहन में सबसे छोटा।
2-इरशाद अहमद
-ऑटो चालक
-निवासी मुहल्ला पचदरा अमरोहा।
-आठवीं कक्षा तक पढ़ा।
-चार भाई-बहन में सबसे छोटा।
3- सईद और अनीस
-निवासी सैदपुर इम्मा।
-पांचवी कक्षा तक पढ़ा।
-वेल्डिंग की दुकान पर मजदूरी।
-दस भाई-बहन में पांचवें और छठे नंबर पर।
4- आजम अहमद (दिल्ली में गिरफ्तार)
-मूल निवासी मुहल्ला बटवाल अमरोहा।
-हाल निवासी जाफराबाद दिल्ली
-शिक्षा- स्नातक।
-चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का।
-शाकिब अली (26) वर्षीय निवासी ¨सभावली थाना क्षेत्र के गांव वैट गांव जिला हापुड़।
शिक्षा-जनपद अमरोहा में मुफ्ती की शिक्षा ग्रहण के बाद सवा
साल से बक्सर की जामा मस्जिद में इमाम।