भारी बारिश में जंगल में उतरी फोर्स सुरक्षा बल और नक्स़लियों के बीच हुई बड़ी मुठभेड़, 15 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षा जवानों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया है।
छत्तीसगढ़ (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा :छत्तीसगढ़ के सुकमा
जिले में सुरक्षा बल और नक्सीलियों के बीच सोमवार को बड़ी मुठभेड़ हुई है. इस
मुठभेड़ में 15 नक्स लियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. इसके
अलावा मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं. साथ ही कई नक्सलियों के
घायल होने का भी दावा किया जा रहा है. मौके से एक 5 लाख रुपये का इनामी
नक्सली महिला तथा दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा बल के जवान मौके
पर सर्चिंग कर रहे हैं. नक्सदलियों के मारे जाने की पुष्टि पुलिस अधीक्षक अभिषेक
मीणा ने की है. । हमें शिविर में 20-25 लोगों के होने की
जानकारी थी। सुकमा के आंतरिक क्षेत्र में एक और ऑपरेशन चल रहा है।' सुकमा में भारी बरसात में पहली बार पुलिस और सुरक्षाबलों की
टीम नक्सलियों के खिलाफ जंगल में मोर्चे पर उतरी। यहां जंगलों में सुबह हुई मुठभेड़
में पुलिस और सुरक्षाबलों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया। एसपी अभिषेक मीणा ने घटना की
पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि मौके पर करीब 200 नक्सली मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक गोलापल्ली थाना क्षेत्र से सोमवार की सुबह जवान सर्चिंग पर
निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों से उनका सामना हो गया। दोनों तरफ से तकरीबन एक घंटे
तक गोलीबारी चलती रही। इसके बाद नक्सलियों की ओर से फायरिंग बंद हो गई। जवानों को
मोर्चे पर भारी पड़ता देख नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। घटना में करीब 15नक्सली मारे गए।
क्षेत्र में नक्सलियों के जमावड़े को देखते हुए अब मुठभेड़ के बाद सघन सर्चिंग भी
जारी है। जवान जंगलों में अंदर तक घुसकर नक्सली मांद को ढ़ूंढ रहे हैं। बता दें कि
पहली बार भरी बारिश के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा बस्तर में नक्सलियों के
खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान कई नक्सलियों ने खुद सामने आकर
आत्मसमर्पण करना भी शुरू कर दिया है। अभी दो दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन
सिंह घोषणा कर चुके हैं कि नक्सली या तो आत्मसमर्पण करें वरना फोर्स उन्हें मारने के
लिए बिल्कुल तैयार है। इसके पहले सरकार लगातार यह कहती रही है कि नक्सली हथियार
छोड़कर यदि मुख्यधारा में शामिल होना चाह रहे हों तो सरकार बातचीत के लिए तैयार
है। हालांकि अब छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नीति बदल दी है। बता दें कि इससे पहले तीन
अगस्त को छत्तीसगढ़ में बस्तर के अति संवेदनशील जिले बीजापुर के बासागुड़ा गांव में
लगे साप्ताहिक बाजार में नक्सलियों ने दहशत फैलाने और पुलिस जवानों को निशाना
बनाने के लिए गोलियां चलाईं थीं। जबकि एक जवान को चाकू से हमला किया था। बताया गया
कि नक्सलियों ने ये हमला जवानों को निशाना बनाते हुए किया था। इस बीच छत्तीसगढ़
पुलिस ने 2022 तक नक्सलवाद के खत्म होने का दावा किया है। 'एंटी नक्सल ऑपरेशन' के स्पेशल डीजी डीएम
अवस्थी का दावा है कि पिछले ढाई वर्षों में अकेले बस्तर जिले में नक्सलियों को
जानमाल का जबरदस्त नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में नक्सलवाद
जड़ से खत्म हो जाएगा। पिछले हफ्ते नक्सली घटनाओं का ब्योरा पेश करते हुए उन्होंने
बताया था कि अगस्त 2017 से जुलाई 2018 तक 116 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि खुद नक्सलियों ने की
है। उनके मुताबिक, पुलिस रिकॉर्ड में पिछले दो वर्षों में 247 नक्सली मारे गए, जबकि 416 इनकाउंटर किए गए हैं।