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अन्तरराष्ट्रीय
By   V.K Sharma 24/10/2018 :15:09
समुद्र पर बनाया चीन-हांगकांग ने दुनिया का सबसे लंबा पुल, चीन के राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन !
 

 

 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : चीन के शहर जुहाई को हांगकांग और मकाऊ से जोड़ने वाला विश्व का सबसे लंबा समुद्री पुल 24 अक्टूबर को सड़क यातायात को खोल दिया जाएगा। 55 किलोमीटर लंबा यह पुल पर्ल रिवर एस्चुरी के लिंगदिंग्यांग जल क्षेत्र में स्थित है। 20 अरब डॉलर (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) की इस परियोजना पर 2009 में काम शुरू हुआ था। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने झुहेई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इसका उद्घाटन किया। पुल को सामान्य यातायात के लिए बुधवार से खोला जाएगा। पुल शुरू होने के बाद चीन से हांगकांग पहुंचने में तीन घंटे की जगह सिर्फ 30 मिनट लगेंगे। यह पुल दक्षिण चीन सागर पर पर्ल नदी डेल्टा के पूर्वी और पश्चिमी छोर को जोड़ेगा। यह पुल छह लेन का है और इसका कुछ हिस्सा सुरंगनुमा है। यह 22.9 किमी समुद्र के ऊपर तो 6.7 किमी सुरंग से होकर गुजरता है। इस सुरंग की गहराई 4.4 मीटर है। चीन ने 55 किमी लंबा समुद्री पुल बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। यह दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल है। पुल हांगकांग को चीन के दक्षिणी शहर झूहाई और मकाउ के गैमलिंग एनक्लेव से जोड़ेगा। नौ साल से बन रही इस पुल को बनाने में एफिल टावर के मुकाबले 60 गुना ज्यादा स्टील खर्च हुआ है। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार इसकी तैयारी में छह साल लग गये और 31 दिसबंर 2017 को इसका काम पूरा हुआ। दुनिया के इस सबसे लंबे पुल पर पैदल सवार नहीं चल सकेंगे। वहीं चीन से जाने वाली कार को हांग कांग में घुसने से पहले रोड में अपनी साइड बदलनी होगी। क्योंकि हांग कांग में भारत की तरह ट्रैफिक बायीं तरफ चलता है। इसमें पानी के नीचे बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी किया गया जो दो कृत्रिम द्वीपों को जोड़ती है। यह पुल हांगकांग और मकाऊ समेत दक्षिण चीन के 11 शहरों को जोड़ता है। जहां 6.8 करोड़ लोगों के घर हैं। साथ ही ये अगले 120 सालों तक इस्तेमाल किया जा सकेगा और कारोबार में इजाफा करेगा। यात्रा में लगने वाला समय 60 फीसद तक घटेगा। हांगकांग में निजी कार मालिक विशेष परमिट के बिना पुल पार नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें कार को हांगकांग बंदरगाह पर पार्क करना होगा। फिर शटल बस सेवा या विशेष कारों की मदद लेनी होगी। एक ट्रिप के लिए शटल बसें 8 से 10 डॉलर वसूल करेंगी। इस पुल पर पैदल यात्री नहीं चल सकेंगे। पुल निर्माण शुरू होने के बाद से सात श्रमिकों की मौत हो चुकी है। जबकि 129 लोग घायल हो चुके हैं। उनमें से ज्यादातर दुर्घटनाएं उच्च ऊंचाई से गिरने से हुई। चीन में स्थित यह पुल शंघाई और यांगशान में स्थित बंदरगाह को जोड़ता है। इसकी लंबाई 32.5 किमी है। यह 2005 में बनकर तैयार हुआ था। यह पुल 2007 में बनकर तैयार हुआ था। यह 35.7 किमी लंबा है और यह हांग्जो खाड़ी पार करके चीन में निंग्बो और शंघाई शहर को जोड़ता है। यह केबल से बना पुल है। यह पुलों और पक्की सड़कों की एक श्रंखला है, जो सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ती है। उनकी कुल लंबाई 25 किमी है और इसका निर्माण 1986 में समाप्त हुआ था। यह आठ लेन पुल है, जो मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में बांद्रा को दक्षिण मुंबई में वर्ली के साथ माहिम की खाड़ी को जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 5.6 किमी है। 2010 में यह बनकर तैयार हुआ था।

 

 

 

खासियत

-20 अरब डॉलर खर्च हुए निर्माण में

-80 हजार टन है पुल का वजन

-04 लाख टन स्टील का इस्तेमाल हुआ

-11.4 मीटर ऊंचा है यह पुल

-8 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाले भूकंप झेल सकता है

 

 

 



V.K Sharma
Editor in Chief
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