3 राज्यों में चुनाव हारने के बाद ऐसा क्या कहा- अमित शाह ने..???
3 राज्यों में हार के बाद शाह ने कहा - लोकसभा चुनाव का नही पड़ेगा असर
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली
हार को 2019 के लोकसभा चुनाव से
जोड़कर नहीं देखते। उन्होंने बुधवार को कहा, "इन परिणामों का असर आम
चुनाव पर नहीं पड़ेगा। राज्यों और लोकसभा चुनाव को आपस में जोड़ना सही नहीं है।
दोनों चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं।" तीनों राज्यों में पहले भाजपा
की सरकार थी। क्योंकि दोनों चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं. उन्होंने कहा,
“यह हमारा काम है कि हम लोगों
के लिए काम करें और उन्हें राजी करें लेकिन अगर जनादेश हमारे खिलाफ है तो हम उसे
भी स्वीकार करते हैं.” उन्होंने कहा, “मैं विश्लेषण के खिलाफ नहीं हूं लेकिन चुनाव विभिन्न
मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जमीनी स्तर पर मुद्दे अलग-अलग होते हैं.” भाजपा अध्यक्ष ने कहा,
‘‘2014 में भाजपा की छह राज्यों
में सरकार थी और अब हमारी सरकार 16 राज्यों में है. तो अब बताइये कि 2019 के चुनाव कौन जीतेगा.”
उन्होंने कहा, “हम जनादेश (राजस्थान,
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़
में) स्वीकार करते हैं. हम चुनाव परिणामों पर आत्ममंथन करेंगे.”विपक्ष के महागठबंधन को
लेकर उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक भ्रांति है, इसका कोई अस्तित्व नहीं
है. उन्होंने कहा कि हम 2014 में भी इनके खिलाफ लड़े थे और इस बार भी ऐसा ही करेंगे.
उन्होंने कहा कि ये सभी क्षेत्रीय नेता हैं, ये एक-दूसरे की मदद नहीं
कर सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल और ओडिशा
जैसे राज्यों में बड़ा फायदा होगा. शाह ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि 2019 के चुनावों में नरेंद्र
मोदी के खिलाफ किसे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार खड़ा किया जाता है. उन्होंने कहा,
“हम अपनी ताकत के आधार पर
आगे बढ़ रहे हैं न कि दूसरों की कमजोरी के आधार पर.” अमित शाह ने कहा कि
उन्हें पूरा विश्वास है कि शिवसेना 2019 में उनके साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी, उनसे बातचीत जारी है.
उन्होंने कहा, “चुनाव के मुद्दे हैं : पांच साल में हमने राष्ट्रीय सुरक्षा
कैसे सुनिश्चित की और भ्रष्टाचार को कैसे हराया। हमने आठ करोड़ घरों में शौचालय
बनाए और 2.5 करोड़ घरों में बिजली
पहुंचाई।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा,
“केवल भाजपा के लिए ही
नहीं बल्कि पूरे देश के लिए जरूरी है कि एक मजबूत सरकार सत्ता में आए।” उन्होंने कहा कि राजस्थान,
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
के चुनाव परिणाम निश्चित तौर पर भाजपा के पक्ष में नहीं रहे, लेकिन उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव से
जोड़कर देखना सही नहीं है। शाह ने कहा कि विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव परिणाम
से नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि दोनों चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं।
शाह ने कहा- महागठबंधन का अस्तित्व नहीं
• महागठबंधन :शाह ने
कहा, "देशभर में कहीं भी इसका
अस्तित्व नहीं है। महागठबंधन एक प्रकार की भ्रांति है, क्योंकि इसमें सारे रीजनल
लीडर हैं।"
• किसान: "किसानों को आपदा के वक्त जो मदद मिलनी चाहिए,
हमने उसको तीन गुना दिया
है। यूरिया उपलब्धता को शत प्रतिशत किया है। हमने किसानों को डेढ़ गुना समर्थन
मूल्य देने का काम किया है।"
• राफेल : "राफेल सौदे में एक एक कोड़ी का भ्रष्टाचार
नहीं हुआ। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। राफेल
मामले में अगर कांग्रेस के पास सबूत थे तो वह सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई?"
• नरेंद्र मोदी : "नरेन्द्र मोदी के खिलाफ महागठबंधन हो
या कुछ और हो, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, क्योंकि हम मोदीजी की
क्षमता पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।"