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न्यूज़ ग्राउंड विशेष
By   V.K Sharma 20/07/2019 :18:30
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का 81 साल की उम्र में निधन, अस्पताल में पड़ा दिल का दौरा, कल होगा अंतिम संस्कार !
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नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का 81 साल की उम्र में आज दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. आज सुबह उल्टी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.एस्कॉर्ट्स अस्पताल के डॉक्टर अशोक सेठ के मुताबिक, दोपहर 3.15 बजे शीला दीक्षित को दिल का दौरा पड़ा। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया और 3.55 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। आज शाम 6 बजे से निजामुद्दीन स्थित घर पर पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन होंगे। कल दोपहर ढाई बजे निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार होगा।  लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। कुछ समय के लिए वह केरल की राज्यपाल भी रहीं।   शीला दीक्षित के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और कई वरिष्ठ नेताओं ने शोक जताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि शीला दीक्षित के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने यहां विकास कार्य में काफी योगदान दिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शीला दीक्षित के निधन पर दुख जताया है. राहुल गांधी ने कहा कि शीला दीक्षित कांग्रेस पार्टी की बेटी थीं जिसके साथ मेरे व्यक्तिगत संबंध थे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित जी के निधन से अत्यंत दुखी हूँ। मैं उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दु:ख की इस घड़ी में उनके परिवार को शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करे । शीला दीक्षित कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता थीं और 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं। वह लगातार तीन बार कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली की विधानसभा में वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती थीं। शीला दीक्षित को दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है. उनके कार्यकाल में दिल्ली में विभिन्न विकास कार्य हुए. शीला दीक्षित ने महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग में 5 साल (1984-1989) तक भारत का प्रतिनिधित्व किया. वह प्रधानमंत्री कार्यालय में 1986 से 1989 तक संसदीय कार्यराज्यमंत्री रहीं. साल 1998 के लोकसभा चुनावों में शीला दीक्षित को भारतीय जनता पार्टी के लाल बिहारी तिवारी ने पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में मात दी. बाद में वह मुख्यमंत्री बनीं. शीला दीक्षित गोल मार्केट क्षेत्र से 1998 और 2003 से चुनी गईं. इसके बाद 2008 में उन्होंने नई दिल्ली क्षेत्र से चुनाव लड़ा.शीला दीक्षित के दो बच्चे हैं- संदीप दीक्षित और बेटी लतिका सैयद. संदीप दीक्षित कांग्रेस से सांसद रह चुके शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षा पाई और दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उनका विवाह उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद कांग्रेस के बड़े नेता और बंगाल के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे। शीला दीक्षित के दो संताने हैं। उनके पुत्र संदीप दीक्षित भी सांसद रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वे कई संगठनों से जुड़ी रही और उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए दिल्ली में दो हॉस्टल भी बनवाए थे। 1984 से 89 तक वे कन्नौज (उत्तरप्रदेश) से सांसद रहीं। इस दौरान वे लोकसभा की समितियों में रहने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं के आयोग में भारत की प्रतिनिधि रहीं। वे बाद में केंद्रीय मंत्री भी रहीं। वे दिल्ली शहर की महापौर से लेकर मुख्यमंत्री भी रहीं।



V.K Sharma
Editor in Chief
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